गर्म कपड़े पहन रहे ठाकुरजी, लग रहा तिल-गुड़ के लड्डू और आलू के पराठे का भोग

- पौष मास में बदली दिनचर्या : मंदिर के साथ घरों में भगवान के स्नान का समय भी बदल गया, गर्म व्यंजनों का भोग लगा रहे भक्त

By: Narendra Kuiya

Published: 10 Jan 2021, 11:59 PM IST

ग्वालियर. पौष मास शुरू होने के बाद मंदिरों व घरों में ठाकुर जी समेत दूसरे देवी-देवताओं की दिनचर्या के साथ ही उनके भोग में भी बदलाव हो गया है। भगवान को गर्म कपड़े पहनाए जा रहे हैं, वहीं उनके समक्ष हीटर और अलावा जलाया जा रहा है। इसके साथ ही सुबह उन्हें गर्म पानी से स्नान कराया जा रहा है। मंदिरों में वसंत पंचमी तक इसी तरह से भगवान की दिनचर्या चलेगी। मंदिरों में मंगला से शयन तक की समय सारणी बदल गई है। पुजारियों के अनुसार हर मौसम में जैसा हम खुद के लिए महसूस करते हैं, उसी भाव से भगवान की सेवा करते हैं।

साईं बाबा ओढ़ रहे कंबल
विकास नगर स्थित साईं बाबा मंदिर के अध्यक्ष योगेश शुक्ला ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी ठंड के चलते बाबा को कंबल ओढ़ाया जा रहा है। उन्हें बाजरे, मक्का की रोटी, गजक, गाजर के हलवे आदि का भोग लगाया जा रहा है। रात की आरती भी 9 बजे ही की जा रही है।

चक्रधर को पहनाया जा रहा मफलर और शाल
सनातन धर्म मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित रमाकांत शास्त्री के मुताबिक ठाकुर जी को गर्म कपड़े के रूप में रजाई ओढ़ाई जा रही है। उन्हें टोपा, मफलर और शाल पहना रहे हैं। इसके साथ ही उनके लिए हीटर भी लगाया गया है। आलू, मैथी के पराठे, केसर का दूध, बाजारे का खीचड़े का भोग लगाया जा रहा है। शाम की आरती 7 बजे और शयन आरती 8.30 बजे की जा रही है। सुबह 6 बजे और शाम 4 बजे दर्शन खुल रहे हैं।

Narendra Kuiya Reporting
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