scriptThe demand for hallmarked jewelery was seen in the festive season, mor | फेस्टिव सीजन में दिखी हॉलमार्क ज्वैलरी की डिमांड, 80 फीसदी से अधिक ग्राहकों ने ज्वैलरी पर हॉलमार्क देखकर खरीदारी की | Patrika News

फेस्टिव सीजन में दिखी हॉलमार्क ज्वैलरी की डिमांड, 80 फीसदी से अधिक ग्राहकों ने ज्वैलरी पर हॉलमार्क देखकर खरीदारी की

- हॉलमार्क ज्वैलरी के प्रति ग्राहक होने लगे जागरूक
- कारोबारियों का मानना सहालग के सीजन में और बढ़ेगी मांग

ग्वालियर

Published: November 08, 2021 10:20:36 am

ग्वालियर. 18, 20 या 22 कैरेट सोने की ज्वैलरी खरीदने वाले ग्राहक अब हॉलमार्क ज्वैलरी की ही मांग करने लगे हैं। इसकी वजह यह है कि एक तो उन्हें शुद्ध सोना मिल रहा है, दूसरा भविष्य में जब भी इसे बेचने जाएंगे तो दाम भी खरे ही मिलेंगे। हाल ही में निकले त्योहारी सीजन में शहर के बाजारों में देखने में आया कि आमजन हॉलमार्क ज्वैलरी के प्रति कितने जागरूक हुए हैं, सराफा कारोबारियों का कहना है कि करीब 80 फीसदी से अधिक लोगों ने सिर्फ हॉलमार्क ज्वैलरी की ही मांग की है। ऐसे में आने वाले सहालग सीजन में भी हॉलमार्क ज्वैलरी की डिमांड बढ़ती दिख रही है।
फेस्टिव सीजन में दिखी हॉलमार्क ज्वैलरी की डिमांड, 80 फीसदी से अधिक ग्राहकों ने ज्वैलरी पर हॉलमार्क देखकर खरीदारी की
फेस्टिव सीजन में दिखी हॉलमार्क ज्वैलरी की डिमांड, 80 फीसदी से अधिक ग्राहकों ने ज्वैलरी पर हॉलमार्क देखकर खरीदारी की
ऐसी है हॉलमार्क ज्वैलरी
दो ग्राम से अधिक ज्वैलरी को बीआइएस के सेंटर से जांच करवाकर उस पर संबंधित कैरेट का मार्क लगाया जाता है। ज्वैलरी पर बीआइएस का तिकोन निशान, हॉलमार्किंग केंद्र का लोगो, सोने की शुद्धता लिखी जाती है। साथ ही ज्वैलरी कब बनाई गई, इसका साल और ज्वैलर का लोगो भी रहता है।
10 फीसदी अतिरिक्त दाम देना पड़ते हैं ग्राहक को
पहले सामान्य ज्वैलरी की खरीद की तुलना में अब हॉलमार्क ज्वैलरी लेने वाले ग्राहकों को 10 फीसदी अतिरिक्त दाम चुकाना पड़ रहा है। हॉलमार्क ज्वैलरी में मेकिंग चार्ज, हॉलमार्क चार्ज और जीएसटी की लागत बढ़ जाती है। फिर भी शुद्ध ज्वैलरी की चाह में लोग अधिक दाम देने को भी तैयार हैं।
ग्राहकों की एक ही मांग हॉलमार्क ज्वैलरी
सोना-चांदी व्यवसायी संघ लश्कर के अध्यक्ष पुरुषोत्तम जैन और सराफा संघ चौक बाजार उपनगर ग्वालियर के अध्यक्ष जवाहर जैन ने बताया कि अब ग्राहक दुकान पर आते ही हॉलमार्क ज्वैलरी की ही मांग करता है। उसे लग गया है कि हॉलमार्क ज्वैलरी की खरीदारी में ही समझदारी है। यही कारण है त्योहारी सीजन में हॉलमार्क ज्वैलरी की मांग 80 फीसदी से अधिक बढ़ गई थी। हॉलमार्क से ग्राहकों के साथ-साथ व्यापारियों को भी फायदा हो रहा है।
सहालग सीजन में और बढ़ेगी मांग
हॉलमार्क ज्वैलरी के प्रति पिछलेे कुछ दिनों में ग्राहकों में काफी जारूकता आई है। यही कारण है कि इस साल त्योहारी सीजन में भी लोगों ने सिर्फ हॉलमार्क ज्वैलरी की ही खरीदारी की। आने वाले सहालग सीजन में भी हॉलमार्क ज्वैलरी की ही मांग देखने को मिलेगी।
- अभिषेक गोयल, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर, मप्र इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स (इब्जा)

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