क्यों किया सविता का बेगानों ने अंतिम संस्कार जानिए

 रेलवे स्टेशन के पास  होटल एम्बीएस के रूम नंबर 109 में सोमवार को फांसी लगाकर सुसाइड करने वाली महिला एकाउंटेंट सविता राणे का शव मंगलवार दिनभर परिजन के इंतजार में रखा रहा। लेकिन मुंबई से उसके परिजन नहीं आए।

ग्वालियर. रेलवे स्टेशन के पास  होटल एम्बीएस के रूम नंबर 109 में सोमवार को फांसी लगाकर सुसाइड करने वाली महिला एकाउंटेंट सविता राणे का शव मंगलवार दिनभर परिजन के इंतजार में रखा रहा। लेकिन मुंबई से उसके परिजन नहीं आए। सहकर्मी आदित्य शिंदे निवासी शिंदे की छावनी के परिवार और समाज के लोगों ने सविता का अंतिम संस्कार किया।
   मौत का पता चलने के बाद भी सविता के परिजन की बेरुखी किसी के समझ में नहीं आ रही है। आखिरी बार बहन को देखने के लिए भाई उदयराणे मुंबई से आ जाए पुलिस कोशिश में रही। लेकिन उदय ने वही जवाब दोहराया। बहन सविता से 10 साल से उसका कोई ताल्लुक नहीं है। पुलिस उसका अंतिम संस्कार कर सकती है। उदय का कहना था बहन की मौत की जानकारी माता पिता को दे देगा। माता पिता की सेहत भी ठीक नहीं है। सविता ने फांसी लगाने से पहले सुसाइड में मकान मालकिन सीमा श्रीवास्तव और उनकी ननद शुभा को समलैंगिग बताकर अपनी तरह बनाने की कोशिश का आरोप लगाया है। सनसनीखेज खुदकुशी केस में पुलिस सविता के सुसाइड नोट और एक दिन पहले मुरार पुलिस के सामने लिखे खत को परख रही है।
पड़ाव टीआई सोमसिंह रघुवंशी का कहते हैं सविता की मौत के मामले में उसकी मकान मालकिन सीमा और शुभा से पूछताछ की जाएगी। यह भी पता लगाया जाएगा सविता ने अपनी परेशानी इससे पहले किसी से जाहिर की थी, या दो दिन में ही मामला तूल पकड़ा है।

हताशा रही हावी
सविता की मौत के पीछे परिवार और समाज से उसका हताश होना भी कारण माना जा रहा है। उसने आवेश में आकर सुसाइड नहीं किया है। मरने से पहले सुसाइड नोट को वाट्स एप पर जारी कर चुकी थी। मुरार पुलिस को उसने अपनी परेशानी भी बताई। लेकिन किसी ने उसकी बातों को तबज्जो नहीं दी। सविता ने सुसाइड नोट लिखने के बाद मुरार थाने में किन परिस्थितियों ने मामला का पटाक्षेप किया वह नहीं बता सकी। लेकिन उसकी मनोस्थिति को पुलिस अगर उस वक्त भांप लेती तो सविता की जिदंगी बच सकती थी।  16 अप्रैल को मुरार थाने सीमा, शुभा और सविता के बीच राजीनामे के वक्त मौजूद पुलिसकर्मी भी मानते हैं। सविता के चेहरे पर उस वक्त डिप्रेशन साफ झलक रहा था। लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की।

rishi jaiswal
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