नया रूप लेगा नगर निगम संग्रहालय

नगर निगम द्वारा संचालित संग्रहालय का जल्दी ही कायाकल्प किया जाएगा। जिसके लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू हो चुका है।

ग्वालियर.नगर निगम द्वारा संचालित संग्रहालय का जल्दी ही कायाकल्प किया जाएगा। जिसके लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू हो चुका है। संग्रहालय का रूप परिवर्तन पर्यटकों को लुभाने के लिए किया जा रहा है। जिसमें संग्रहालय का संवर्धन, संरक्षण एवं इसकी व्यवस्थाएं भी शामिल हैं।

ये वस्तुएं हैं संग्रहालय में

गुरुवार को लखनऊ से आयी राष्ट्रीय सांस्कृतिक सम्पदा संरक्षण अनुसंधानशाला (एन.आर.एल.सी) की दो सदस्यीय टीम ने नगर निगम संग्रहालय में रखी तमाम संास्कृतिक संपदा का सर्वेक्षण किया। लखनऊ से आई टीम में वरिष्ठ वैज्ञानिक सहायक घनश्याम लाल और वरिष्ठ तकनीकि सहायक अजय प्रताप सिंह ने निरीक्षण कार्य किया। निरीक्षण की जानकारी देते हुए संग्रहालय के डिप्यूटी कमिशनर ऐ के गौर ने बताया कि जल्दी ही संग्रहालय की कायाकल्प का काम किया जाएगा। जिसके लिए टीम द्वारा सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है। उन्होने बताया कि टीम एक रिपोर्ट तैयार करेगी। जिसमें बताया जाएगा कि संग्रहालय में रखी सामग्री और किस प्रकार से सुरक्षित रखा जा सकता है। साथ कौन सी वस्तु किस बजह से खराब हो रही है। और वस्तुओं को रखने के लिए कितने स्थान की आवश्यक्ता और पड़ेगी। जैसी ही हमें प्रोजेक्ट की डीपीआर रिपोर्ट मिल जाएगी आगे का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

गर्मी से सामग्री को हो रहा नुकसान

संग्रहालय में धातु की सामग्री के अलावा कुछ प्राचीन जानवरों के अवशेष भी उपलब्ध है जो आज इतिहास बन चुके हैं। लेकिन गर्मी के चलते ये सामान खराब हो रहा है। इसलिए इसे सुरक्षित रखने के लिए भी जल्दी ही ट्रीटमेंट किया जाएगा। जिससे इन अमूल्य धरोहरों को बचाया जा सके। ताकि लोगों को इनके बारे में बता चल सके। कि इस प्रकार के जानवर भी भारत में हुआ करते थे।

पुराने स्ट्रक्चर से बिना छेड़छाड़ कर सुधारें: डॉ. गोयल

श हर और आसपास स्थित पुरानी ऐतिहासिक स्ट्रक्चर को बिना छेड़छाड़ कर सुधारे, साथ ही काम गुणवत्ता और समय सीमा में पूरा करें। इसके लिए मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम और नगर निगम आपसी समन्वय से कार्य करें। यह निर्देश कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने ग्वालियर हेरिटेज सर्किट के अंतर्गत 26 करोड़ से होने वाले कार्यों की समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में मप्र टूरिज्म विकास निगम की अतिरिक्त प्रबंध निदेशक तनवी सुंद्रयाल, नगर निगम आयुक्त अनय द्विवेदी सहित टूरिज्म विकास निगम और नगर निगम के अधिकारी उपस्थित थे। डॉ. गोयल ने कहा कि जो भी निर्माण कार्य प्रस्तावित किए जाएं उनसे संबंधित भवन या स्ट्रक्चर का पुरातात्विक स्वरूप बाधित नहीं होना चाहिए। सभी स्थलों पर पार्किंग और अन्य जन सुविधाओं को विकसित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बैजाताल में स्वच्छ पानी के लिये बनाए जाने वाले सीवर ट्रीटमेंट प्लान का कार्य नगर निगम कराए। टूरिज्म विभाग राशि उपलब्ध कराएगा। जिन भवनों या स्थलों पर कार्य कराया जाना है टूरिज्म विभाग उनसे अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के उपरांत ही कार्य प्रारंभ कराए। बैठक के बाद टीम ने सभी स्थानों का अवलोकन भी किया। विकास कार्य एक माह में शुरू हो जाएगा। 

संग्रहालय में मौजूद वस्तुएं रेयर ही उपलब्ध हैं। जिनके बारे में सिर्फ लोग बातें ही कर पाते हैं। इन चीजों को और अधिक संरक्षित करने का कार्य जल्दी ही शुरू किया जाएगा। इसके लिए एनआरएलसी की टीम ने सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया है। एके गौर, डिप्यूटी कमिश्नर संग्रहालय

avdesh shrivastava Desk/Reporting
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