पूर्व मंत्री की हठधर्मिता के चलते फिर से खुल गई पुरानी लक्ष्मीगंज मंडी, सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार

- जिला प्रशासन के साथ पुरानी के साथ-साथ नई मंडी में भी काम करने के लिए बनी थी सहमति, पर नई मंडी में कामकाज पूरी तरह से हुआ बंद
- सहमति देने वाले भी नहीं पहुंचे नवीन मंडी प्रांगण में

By: Narendra Kuiya

Published: 03 Apr 2021, 09:50 AM IST

ग्वालियर. लक्ष्मीगंज स्थित थोक सब्जी मंडी के नवीन प्रांगण में सब्जी कारोबारियों ने जैसे-तैसे काम शुरू कर दिया था, लेकिन कुछ कारोबारियों और पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा की हठधर्मिता के चलते एक बार फिर से पुरानी सब्जी मंडी में कामकाज शुरू हो गया है। जबकि जिला प्रशासन और पूर्व मंत्री के साथ हुई बैठक में सहमति बनी थी कि नई और पुरानी दोनों ही मंडियों में सब्जी कारोबारी काम करेंगे। फिर भी शुक्रवार की सुबह सिर्फ पुरानी थोक सब्जी मंडी में ही कामकाज हुआ। इस दौरान करीब 10 हजार से अधिक लोग यहां मौजूद रहे और पूरे समय सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती रहीं। जिला प्रशासन भी इस दौरान कहीं नजर नहीं आया।

रात में कई बार बने जाम के हालात
गुरुवार को महीने की पहली तारीख होने के कारण सब्जी मंडी बंद रखी गयी थी। रात होने पर पुरानी लक्ष्मीगंज मंडी में काम करने पहुंचे कारोबारियों की गाडिय़ां भी यहां आने लगी थीं। रात ढाई बजे तक इन गाडिय़ों से कई बार जाम की स्थिति बनती रही। वहीं जो सब्जी कारोबारी नवीन मंडी में काम करना चाहते थे, उन्होंने रात तक दूसरे कारोबारियों का इंतजार भी किया लेकिन यहां किसी के नहीं पहुंचने पर ये लोग भी पुरानी मंडी में ही पहुंच गए। इसके साथ ही सब्जी कारोबारियों को पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा ने मंडी आने के लिए बोला था लेकिन कारोबारी दोपहर तक उनका इंतजार करते रहे। पूर्व मंत्री ने कारोबारियों से मंडी की व्यवस्थाएं आकर देखने के लिए बोला था तथा पुरानी मंडी के टीनशेड की 36 दुकानों में किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए भी बोला था।

मंडी कमेटी और प्रशासन क्यों है चुप
मुट््ठी भर सब्जी कारोबारी अपने फायदे के लिए शासन की ओर से बनाई गई नवीन सब्जी मंडी प्रांगण में कामकाज शुरू नहीं होने दे रहे हैं। इन कारोबारियों ने पुरानी मंडी के टीनशेड में बनी दुकानों पर अतिक्रमण कर उन्हें किराए पर उठा रखा है। इतना सबकुछ पता होने के बाद भी मंडी कमेटी और जिला प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है। नवीन मंडी प्रांगण में कामकाज शुरू होने के बाद भी इन कारोबारियों ने राजनीति के बलबूते फिर से पुरानी मंडी में कामकाज शुरू करवा दिया है।

हम तो नवीन मंडी में काम करना चाहते हैं
हम लोगों ने तो नवीन मंडी प्रांगण में काम शुरू कर दिया था। पूर्व मंत्री और जिला प्रशासन की बैठक के बाद दोनों मंडियों में काम करने के लिए भी तैयार हो गए थे। गुरुवार की रात 10 बजे तक नवीन मंडी प्रांगण में कारोबारियों का इंतजार किया लेकिन यहां काम करने कोई भी नहीं आया। मजबूरन सभी को पुरानी मंडी में ही जाकर काम करना पड़ा। अपने फायदे के लिए कुछ लोग पुरानी मंडी का मोह नहीं छोडऩा चाहते हैं, आखिर जिला प्रशासन इन लोगों के दबाव में क्यों है।
- रामजीत सिंह राजपूत, अध्यक्ष, सब्जी व्यापारी संघ

जिला प्रशासन के साथ आगे की रणनीति तय करेंगे
ये बात सही है कि पूर्व मंत्री और जिला प्रशासन के साथ बैठक में तय हुआ था कि सब्जी कारोबारी पुरानी और नई दोनों मंडियों में काम करेंगे। फिर भी सिर्फ पुरानी मंडी में ही कामकाज हुआ, इसके चलते सोशल डिस्टेंसिंग नहीं हो पाई। जिन लोगों ने टीनशेड में अतिक्रमण किया हुआ है हमारी ओर से उन्हें नोटिस दिए जा चुके हैं और उनकी दुकानों पर क्रॉस के निशान भी लगा दिए हैं। अब जिला प्रशासन के साथ बैठक करकेे आगे की रणनीति तय करेंगे।
- गजेन्द्र सिंह तोमर, सचिव, कृषि उपज मंडी समिति लश्कर

Narendra Kuiya Reporting
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