ट्रेनों में खाने के नाम पर हो रही यात्रियों की सेहत से खिलवाड़

ट्रेनों में यात्रियों को जो नाश्ता और खाना दिया जाता है, वह कई दिनों पुरानी सामग्री से बनकर तैयार होता है। इसके अलावा ट्रेनों के पेन्ट्रीकार में साफ-सफाई का भी कोई ध्यान नहीं रखा जाता है।

ग्वालियर. रेलवे द्वारा यात्रियों को तमाम सुविधाएं दी जा रही हैं लेकिन रेलवे के ही कुछ कर्मचारी लालच में आकर ट्रेनों में खाने के नाम पर यात्रियों की सेहत से खुलेआम खिलवाड़ कर रहे हैं। ट्रेनों में यात्रियों को जो नाश्ता और खाना दिया जाता है, वह कई दिनों पुरानी सामग्री से बनकर तैयार होता है। इसके अलावा ट्रेनों के पेन्ट्रीकार में साफ-सफाई का भी कोई ध्यान नहीं रखा जाता है, ऐसे में खाने की सामग्री को फर्श पर ही रखवा दिए जाने के कारण उसमें गंदगी पनपने लगती है। इसके बावजूद भी पेन्ट्रीकार के स्टाफ को पैसों के लालच में यात्रियों की सेहत की परवाह नहीं रहती हैं और वह गंदगी के बीच बनाई गई सामग्री को ही यात्रियों के बीच परोस देते हैं। लेकिन यात्रियों को खाना बनने के बारे में जानकारी नहीं रहती है और वही आसानी से इस सामग्री का उपयोग करते हैं। इस बात का खुलासा एक्सपोज रिपोर्टर द्वारा छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के पेन्ट्रीकार में स्टिंग के दौरान किया।

रिपोर्टर द्वारा छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के पेन्ट्रीकार में बनाए जा रहे खाने के संबंध में जब पड़ताल की गई तो पता चला कि जहां पर खाना बनाया जाता था, वहां आस-पास गंदा पानी जमा था, साथ ही आटा और सब्जियां खुले में पड़ी थीं। इसी के समीप ही एक केबिन में कई दिनों पुरानी सब्जियां रखी थी, जिसमें से बदबू भी आ रही थी। रिपोर्टर द्वारा जब अधिक पूछताछ की गई तो पेन्ट्रीकार का स्टाफ आनन-फानन में सफाई करने में जुट गया और केबिन में रखी सब्जियों को जालियों से ढंक दिया। साथ ही पेन्ट्रीकार में धुलाई करने की बात कहकर रिपोर्टर से बाहर जाने की बात करने लगा। जब स्टाफ से पूछा गया कि केबिन में रखी सब्जियों से बदबू आ रही है और इसी सब्जी से बनी सामग्री को यात्रियों को खिला रहे हो, जिस पर स्टाफ का कहना था कि हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कुछ देर बाद हमारा सुपरवाइजर आ जाएगा तो उनसे ही बात कर लेना। ऐसी ही खाना हर रोज यात्रियों को खिलाया जा रहा है।

चार से पांच दिन पुरानी सब्जियों का करते हैं उपयोग

ट्रेनों में नाश्ता और खाना बनाए जाने के लिए उपयोग की जाने वाली सब्जियां और अन्य खाद्य सामग्री को नियमित नहीं मंगवाया जाता है। इसके लिए ठेकेदार द्वारा एक साथ ही खाने की सामग्री भिजवाई जाती है जो कई दिन तक उपयोग होती है। वहीं स्टाफ द्वारा सब्जियों को फ्रिजर में न रखते हुए केबिन में ही रखवा दिया जाता है तो कुछ दिनों बाद ही खराब हो जाती है, इसके बावजूद भी खराब हुई सब्जियों का उपयोग ही खाने में कर लिया जाता है।

सुबह बनाई सामग्री को परोसते हैं रात तक

ट्रेनों में नाश्ते में उपयोग किए जाने वाले समोसे सुबह के समय ही बना लिए जाते हैं और इन्हीं समोसों को देर रात तक यात्रियों की डिमांड के अनुसार भिजवा दिया जाता है। इसके अलावा सुबह गूंथा हुआ आटा और चावल भी देर रात तक उपयोग में लिए जाते हैं। जिनकी खराब गुणवत्ता के संबंध में स्टाफ को कोई चिंता नहीं रहती है और वह यात्रियों की डिमांड के अनुसार भिजवा देते हैं। कई बार खराब सामग्री आने पर यात्रियों द्वारा विरोध किया जाता है तो उस सामग्री को बदलवा भी दिया जाता है। लेकिन ट्रेनों में खाने को लेकर बरती जा रही लापरवाही की जानकारी होने के बावजूद भी रेलवे प्रबंधन द्वारा व्यापक कार्रवाई नहीं की जा रही है।

निर्देश दिए जाएंगे

- ट्रेनों में खराब भोजन की पूर्व में भी शिकायत मिल चुकी है जिसको लेकर कार्रवाई भी की जाती है, इसके बावजूद भी व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो रहा है तो संबंधितों को निर्देशित कर व्यवस्थाओं में सुधार कराया जाएगा।
मनोज,कुमार, पीआरओ, झांसी मंडल

राजेश श्रीवास्तव
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