ताले में बंद फेक्ट्री में चल रहा था काम, लेबर के साथ पहुंची सरकारी टीम, गंदगी मिलने पर फैक्ट्री सील

:बाराघाटा में फैक्टरी में अवैध तरीके से काम होने की मिली थी सूचना

: महिला कर्मी होने के बाद भी शटर लगाकर होता था माउथ फ्रेशनर बनाने का काम

By: Dharmendra Trivedi

Published: 27 Nov 2019, 12:06 AM IST

ग्वालियर। बाराघाटा में सुबह के समय एसडीएम पुष्पा पुषाम की अगुवाई में राजस्व और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने जय लक्ष्मी इंडस्ट्रीज पर आकस्मिक कार्रवाई की। मेन गेट पर पंाच ताले और शटर लगाकर अंदर काम कराए जाने की सूचना के बाद पहुंची टीम ने छानबीन की तो फैक्ट्री में दूसरी मंजिल पर बने कमरों में वेस्टेज भरा मिला। इसके साथ ही जिस जगह माउथ फ्रेशनर बनाया जा रहा था, उसके आसपास गंदगी पसरी मिली। लगभग 4 घंटे तक जांच के बाद एसडीएम ने फैक्ट्री को सील कर दिया। इससे पहले खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने लाल जुबान पान माउथ फ्रेशनर, सोयाबीन बरी कतरन,माउथ फ्रेशनर लूज, कार्माेइसन फूड कलर, पैराफिन ऑइल और सौंफ के सैंपल लिए हैं। इसके साथ ही तीन घरेलू सिलंडर भी जब्त किए गए हैं। इसके अलावा यहां रखे दो पोर्टेबल अग्निशमन यंत्र भी 2015 में एक्सपायर हुई डेट के लगे मिले।

दरअसल, किसी ने प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी थी कि बाराघाटा स्थित फैक्ट्री में बाहर से ताले लगाकर अंदर प्रोडक्शन किया जाता है। चारों तरफ से बंद करके अंदर हो रहे काम में कुछ आपत्तिजनक होने की संभावना भी जताई गई थी। इस सूचना के बाद एसडीएम और खाद्य सुरक्षा की अभिविहित अधिकारी पुष्पा पुषाम ने राजस्व की टीम से रैकी करवाई तो पता चला कि मेनगेट हमेशा बंद रहता है और लेबर के अंदर जाते ही छोटा शटर भी बंद कर लिया जाता है। इसके बाद संचालक के अलावा किसी को अंदर नहीं आने दिया जाता था।

यह सूचना मिलने के बाद लेबर के आने और जाने का समय पक्का करने के बाद मंगलवार को सुबह 8.30 बजे से पहले टीम बाराघाटा पहुंच गई। जैसे ही लेबर को अंदर लेने के लिए शटर खुला तो बाहर मौजूद राजस्व निरीक्षक शिवसिंह कोरकू, रामनरेश आर्य,पटवारी अजीत राजपूत, राघवेंद्र सिंह, प्रशांत पचौरी, मुकुल की टीम अंदर प्रवेश कर गई। इसके बाद एसडीएम पुष्पा पुषाम भी पहुंच गईं और फिर खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि शिवहरे,लखनलाल कोरी, लोकेन्द्र सिंह, निरुपमा शर्मा को बुलाकर सैंपलिंग कराई गई।

लेबर और संचालक ने दिए अलग अलग जवाब
-फैक्ट्री संचालन को लेकर संचालक प्रदीप उर्फ बिरजू खत्री ने टीम को बताया कि फैक्ट्री 11-12 महीने पहले शुरू की गई है।
-फैक्ट्री में पैकिंग मशीनों की मरम्मत करने वाले मैकेनिक ने बताया कि उसको यहां ढाई साल हो गए हैं।
-महिला श्रमिकों में एक ने बताया कि वह डबरा से आती है और दूसरी ने बताया कि वह झांसी से आती है।
-छत पर सफाई कर रही एक अन्य श्रमिक ने बताया कि लगभग तीन साल से फैक्ट्री में काम चल रहा है।
-एक नए बताया साढ़े तीन साल हो गए काम करते हुए।
-महिलाओं ने बताया उनको काम करने के एवज में 4 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं।


हॉल के अलावा सभी जगह गंदगी
-जिस हॉल में माउथ फ्रेशनर मिक्सिंग और पैकिंग का काम होता था, उसकी हालत कुछ हद तक ठीक थी, बाकी सभी जगह फैक्ट्री में गंदगी पसरी मिली। चार कमरों में बोरियों में सामान रखा था, जिसके बारे मेें संचालक ने बताया कि यह डैड स्टॉक है, जबकि डैड स्टॉक के लिए नीचे अलग जगह बनी थी। माउथ फ्रेशनर का मिक्सचर छत पर खुले में सुखाया जा रहा था। छुआरे की कतरन के आसपास धूल जमी थी।

श्रमिक नियम का उल्लंघन
-फैक्ट्री संचालक द्वारा काम करने के लिए चार महिलाओं को रखने की बात कही। इसके साथ ही यह भी बताया शटर लेबर के आने के बाद बंद होता है और दोपहर में डेढ़ बजे जब वह आता है तो खुलता है, उसके बाद फिर बंद हो जाता है ताकि काम सही तरीके से होता रहे। महिला श्रमिकों के काम करने वाली जगह को बंद करके काम कराना नियम विरुद्ध है।

सील की है फैक्ट्री
-बाराघाटा क्षेत्र में फैक्ट्री मेंं बाहर से ताले लगाकर अंदर सामान तैयार करने की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर मंगलवार को कार्रवाई की गई। माउथ फ्रेशनर बनाने की इस फैक्ट्री में गंदगी मिली है, इसके साथ ही खाद्य सामग्री को भी व्यवस्थित तरीके से नहीं रखा गया था। सैंपलिंग के बाद फैक्ट्री को सील कर दिया है। पुष्पा पुषाम, एसडीएम एवं अभिविहित अधिकारी-खाद्य सुरक्षा

Dharmendra Trivedi
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