scriptThere are only 13 days for marriage | आज से फिर गूजेंगी शहनाई, शहर में होंगी करीब 1000 से अधिक शादियां, ये हैं शुभ मुहुर्त | Patrika News

आज से फिर गूजेंगी शहनाई, शहर में होंगी करीब 1000 से अधिक शादियां, ये हैं शुभ मुहुर्त

नवंबर-दिसंबर में शहर में करीब 1000 से अधिक शादियां होंगी और इससे 350 करोड़ से अधिक का कारोबार होगा....

ग्वालियर

Updated: November 15, 2021 04:57:27 pm

ग्वालियर। पूरे मध्यप्रदेश सहित ग्वालियर में मार्च 2020 को पहला लॉकडाउन लगा और उसके बाद से अब तक कोरोना के कारण शादी-ब्याह या तो टलते रहे या फिर औपचारिक तथा सादगीपूर्ण तरीके से हुए । करीब पौने दो साल बाद एक बार फिर से शहनाई की गूंज सुनाई देने जा रही है। हालांकि 15 नवंबर से 13 दिसंबर के बीच होने वाली शादियों के लिए सिर्फ 13 दिन के ही मुहूर्त हैं, फिर भी शहर की वेडिंग इंडस्ट्री इस शुरूआत से चहक उठेगी। इसके बाद 16 दिसंबर से मलमास लगने के कारण एक महीने तक शादियों पर विराम लग जाएगा।

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सहालग के इस सीजन का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर के मैरिज गार्डन और होटल 95 फीसदी तक बुक हो चुके हैं। इसी तरह से बैंड, डीजे, कैटरर्स आदि सभी की बुकिंग फुल हो चुकी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि नवंबर-दिसंबर में शहर में करीब 1000 से अधिक शादियां होंगी और इससे 350 करोड़ से अधिक का कारोबार होगा।

टेंट-डीजे

ग्वालियर टेंट व्यवसायी संघ के अध्यक्ष चक्रेश जैन ने बताया सहालग इस साल आगामी 13 दिसंबर तक जारी रहेगा। इस साल सभी को काफी उम्मीदें हैं। शादी के लिए डीजे (डिस्क जॉकर) की भी काफी पूछ-परख रहती हैं। डीजे शाहिद का कहना है कि बीते सीजन में खासतौर पर डीजे को लोगों ने नजरअंदाज कर दिया था। इससे लाखों का नुकसान हुआ है। इस बार काफी बुकिंग आ चुकी है। एक डीजे पार्टी प्ले करने के लिए 10 से 50 हजार रुपए तक ले रही है।

मैरिज गार्डन

शहर में करीब 350 मैरिज गार्डन हैं। वृहत्तर ग्वालियर मैरिज गार्डन के सचिव रामकुमार सिकरवार ने बताया कि नवंबर-दिसंबर के सीजन के लिए लोगों ने पहले से ही बुकिंग करा रखी है। औसतन एक गार्डन पर 7 से 8 शादियां होना चाहिए। कोरोना संक्रमण काल में पिछले दो वर्ष से इस सेक्टर के लोग खासे परेशान रहे हैं, उम्मीद है कि आगे भी वेडिंग सेक्टर अच्छा रहना चाहिए।

कैटरर्स

कैटरर्स हलवाई कॉकरी संघ के अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि शादियों पर भी इस बार महंगाई का असर है। शादियों की सभी चीजें करीब 15 फीसदी तक महंगी हो गई। हैं। खाना बनाने की लेबर भी महंगी हुई है। रिसेप्शन में दो वर्ष पूर्व तक प्रति प्लेट 400 रुपए दर थी, अब 600 रुपए तक चुकानें होंगे। राशन, तेल, मसाले, मेवा, सब्जी सबकुछ महंगा है। एक बड़ा कारण मेहमानो की कम संख्या भी है, जब ज्यादा संख्या होती है तो प्रति प्लेट दाम पर भी असर पड़ता है।

बैंड-बाजा

बैंड-बाजा संचालक और उनकी लेबर कोविड-19 के कारण खासे परेशान रहे हैं। ग्वालियर बैंड ऐसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत कुकरेजा ने बताया कि कोरोना के समय जैसे-तैसे वक्त गुजारता गया, पर अब लग रहा है कि अच्छे दिन लौट रहे हैं। कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने पिछले साल बुकिंग कराई थी, वो भी अब शादी कर रहे हैं। वैसे कुल मिलाकर अब माहौल में सुधार दिखाई दे रहा है।

ये हैं विवाह मुहूर्त

नवंबर 15, 16, 20, 21, 28, 29 और 30

दिसंबर 126,711 और 13

साल की शुरूआत में टली शादियां अब होंगी

कंपू निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि 20 नवंबर को उनकी बहन की शादी है। मई में कोरोना के कारण शादी को आगे बढ़ा दिया था। वहीं उपनगर ग्वालियर के रहने वाले हरेन्द्र सिंह ने बताया कि उनकी बेटी की शादी 1 मई को तय थी, लेकिन उसे आगे बढ़ाना पड़ा था। अब ये शादी 2 दिसंबर को होने जा रही है।

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