टोल पर भुगतान में की जा रही थी गड़बड़ी, जागरुक उद्यमी ने की शिकायत, वापस मिले पैसे

सरकारी कार्यों में जिस तरह से गड़बडिय़ां की जाती हैं इससे हम सभी अच्छी तरह से वाकिफ हैं। फिर ऐसी गड़बडिय़ों के खिलाफ आवाज उठाने की पहल कुछ लोग ही किया करते हैं। ऐसा ही एक मामला शहर के लघु उद्यमी आशीष वैश्य के साथ हुआ ...

ग्वालियर. सरकारी कार्यों में जिस तरह से गड़बडिय़ां की जाती हैं इससे हम सभी अच्छी तरह से वाकिफ हैं। फिर ऐसी गड़बडिय़ों के खिलाफ आवाज उठाने की पहल कुछ लोग ही किया करते हैं। ऐसा ही एक मामला शहर के लघु उद्यमी आशीष वैश्य के साथ हुआ और उन्होंने अपनी जागरूकता के चलते ही संबंधित विभाग की ओर से रुपए वापस करने के साथ-साथ आगे से ऐसा नहीं करने का पत्र भी लिखा गया।
लघु उद्यमी आशीष वैश्य परिवार के साथ कार से ग्वालियर से जयपुर जा रहे थे। मुरैना के पास छौंदा टोल पर जब उनसे रुपए मांगे गए तो उन्होंने फास्टएग से भुगतान किया लेकिन ऑपरेटर ने कहा, आपको नकद भुगतान करना होगा। इस पर आशीष ने 65 रुपए देकर रसीद ले ली। बाद में फास्टएग से रुपए कअने का मैसेज आ गया। इस पर आशीष ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) को पत्र लिखकर इस गड़बड़ी से अवगत कराया। एनएचएआइ ने जांच के बाद आशीष को रुपए वापस करने के साथ-साथ असुविधा के लिए आगे से ऐसा नहीं होने का पत्र लिखा।


जागरुक रहना चाहिए
यदि हम सभी अपने दैनिक कार्यों में थोड़ी सी जागरूकता रखें तो इस तरह की गड़बडिय़ों से छुटकारा मिल सकता था। मेरा उद्देश्य रुपए लेना नहीं था, बल्कि गड़बड़ी ऊपर पहुंचाना था। यहां सीधे-सीधे पीएम के डिजिटल इंडिया के अभियान को चपत लगाई जा रही है।
आशीष वैश्य, लघु उद्यमी

रुपए वापस किए
लघु उद्यमी की ओर से दो बार रुपए लेने की शिकायत की गयी थी। जांच के बाद उद्यमी को रुपए वापस करने के साथ-साथ पत्र भी लिखा गया था। उस समय इलेक्ट्रॉनिक काम बंद होने के कारण ऐसा हुआ था।
अमरनाथ शर्मा, कन्सलटेंट हेड, एनएचएआइ

रिज़वान खान
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