लोगों की सेहत को ताक पर रख पाम ऑयल में बना रहे थे नमकीन

लोगों की सेहत को ताक पर रख  पाम ऑयल में बना रहे थे नमकीन
लोगों की सेहत को ताक पर रख पाम ऑयल में बना रहे थे नमकीन

Rizwan Khan | Updated: 09 Oct 2019, 10:51:43 PM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

निम्न मध्यम वर्ग के परिवारों में बच्चों के मनपसंद स्नैक्स के रूप में पहचान रखने वाले मैदा पापड़ पैलेट्स और कचरी तैयार करने में स्वास्थ्य के मानकों को ताक पर रखा जा रहा है।

ग्वालियर. निम्न मध्यम वर्ग के परिवारों में बच्चों के मनपसंद स्नैक्स के रूप में पहचान रखने वाले मैदा पापड़ पैलेट्स और कचरी तैयार करने में स्वास्थ्य के मानकों को ताक पर रखा जा रहा है।
बुधवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि शिवहरे, लोकेन्द्र सिंह, लोकेन्द्र धाकड़, लखनलाल कोरी और निरुपमा शर्मा की टीम ने जब निरीक्षण किया तो सामने आया कि मैदा के स्नैक्स धूल भरी जगह पर सूखने के लिए फैलाए जा रहे थे। इसी तरह नमकीन के निर्माण में भी रिफाइंड पाम ऑइल की जगह सामान्य पाम ऑइल का उपयोग किए जाने की भी आशंका सामने आई है, जबकि थाटीपुर में अधिकारियों ने की टीम ने जब रेकॉर्ड चेक किया तो सात बड़े व्यवयाइयों के यहां खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले। अधिकारियों की टीम ने कार्रवाई के बाद नमकीन और मैदा पापड़ आदि के सैंपल लिए हैं।

यहां हुई कार्रवाई
नमकीन फैक्ट्री
गिरवाई में मनीष गुप्ता द्वारा संचालित गुप्ता फूड प्रोडक्टस पर टीम दोपहर 2.30 बजे पहुंची और लगभग दो घंटे तक जांच की। यहां काम बंद था, संचालक ने बताया कि बिजली न होने से प्रोडक्शन नहीं चल रहा है। इसके बाद टीम ने वहां रखे लूज और पैक नमकीन की जांच की। संचालक से पूछा तो उसने बताया कि पाम ऑइल के उपयोग से नमकीन तैयार किया जाता है, लेकिन यह रिफाइंड पॉम ऑइल नहीं था। इसके अलावा कुनाल नमकीन के नाम से तैयार माल के लेबल में भी कुछ कमियां नजर आईं। आशंका होने पर अधिकारियों ने लूज और पैक नमकीन के अलावा पॉम ऑइल का भी सैंपल लिया।

कचरी फैक्ट्री
हारकोटा सीर में दीपक धमेजा द्वारा संचालित श्री कृष्णा फूड प्रोडक्ट्स में मैदा पैलेट्स, पापड़ कचरी तैयार की जाती है। टीम शाम को यहां पहुंची और निरीक्षण शुरू किया तो छत पर मैदा पैलेट्स धूल भरी जगह में सूखते मिले। मशीन के पाइप से निकल रहे गर्म पैलेट्स सीधे धूल भरी जमीन पर गिर रहे थे। संचालक से इस बारे में जानकारी मांगी तो उसने भविष्य में टाइल्स लगाने या फिर वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात कही। निरीक्षण के दौरान 80 बोरी कचरी रखी मिली। फैक्ट्री में लगभग 5 क्विंटल माल प्रतिदिन तैयार होता है। फैक्ट्री संचालक ने बताया कि पापड़, कचरी आदि को तैयार करने के लिए मैदा, फूड कलर, सोडियम कार्बोनेट, बैकिंग पाउडर, पापड़ खारा और नमक का उपयोग किया जा रहा है। यहां से पापड़ कचरी, पापड़ खारा और पापड़ पैलेट्स के सैंपल लिए हैं।

व्यवसायी नहीं रख रहे रेकॉर्ड
कलेक्टर अनुराग चौधरी ने दूध और दूध से बने प्रोडक्ट के थोक और खेरीज विक्रेताओं को क्रय और विक्रय से संबंधित पूरा रेकॉर्ड रखने के लिये दो बार निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के तहत व्यवसाइयों को दूध की खरीद किससे की और किसको बेचा, यह पूरा रेकॉर्ड तैयार करना था। इसी तरह मावा की खरीद से संबंधित पूरा रेकॉर्ड भी रखना था। लेकिन व्यवसाइयों ने कलेक्टर के इस निर्देश का पालन करने में लापरवाही बरती है। बुधवार को जब टीम ने निरीक्षण किया तो सात बड़े व्यवसाइयों के पास रेकॉर्ड नहीं मिला। इन सभी व्यवसाइयों को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने रेकॉर्ड बनाने के लिये फार्मेट दिया है।

यहां नहीं मिला रेकॉर्ड
खाद्य सुरक्षा अधिकारी गुप्ता डेयरी
लकी स्वीट्स
जोधपुर मिष्ठान्न भंडार
डबल हाथरस स्वीट््स
भाटिया डेयरी
दूध वाहन एमपी07-जी-5264

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned