रास्ते से गायब हो गई चोर, गैंग मात खा गए कैमरे

7 चोरों की जगह फुटेज में दिखे 11
चोरों का रूट ट््रक करने के लिए सीसीटीवी के सहारे पुलिस

By: Puneet Shriwastav

Updated: 18 Oct 2020, 11:37 PM IST

ग्वालियर। इलेक्ट््रोनिक्स शोरूम से 2० लाख के मोबाइल फोन और कैमरे चोरी में सात लोगों को शक के दायरे में लेकर चल रही पुलिस अब उनकी गिनती को लेकर भी गफलत में है।

रविवार को इन सात संदेहियों के अलावा ४ और लोगों का मूवमेंट दिखा है। यह चारों चोरों की जमात के मेंबर या कोई और उनका लिंक पता लगाने के लिए फिर नए सिरे से सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। उधर चोरी में जिन सात लोगों को संदिग्ध मानकर चिहिंत किया गया है वह मॉल के पास तिराहे पर जाकर लापता हो गए है।

वहां से मंडली कहां गई। पता नहीं चला है। उनका रूट ट््रैक करने के लिए रविवार को दिन भर पडाव इलाके सीसीटीवी फुटेज सर्च किए गए। इंवेस्टीगेशन के लिए अब क्राइम ब्रांच की टीम को भी उतारा जा सकता है।
इंदरगंज टीआई शैलेन्द्र भार्गव ने बताया मनीष सेल्स शोरूम में शुक्रवार तडके शटर उचका कर करीब १०० मोबाइल और 150 करीब डिजीटल कैमरे चोरी में संदिग्ध सात लोगों के भागने का कुछ रूट तो सामने आया है। लेकिन उससे नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता।

कल तक पुलिस बाजार के चौकीदार करण थापा की कहानी में उलझी रही थी कि सात चोर उसके सामने एक ही ऑटो में बैठकर गए थे। इसलिए करीब ३६ घंटे उस ऑटो की तलाश में फुटेज खंगाले गए जिसमें चोर ठसाठस बैठे दिखें। लेकिन ऐसा कोई ऑटो नहीं दिखा था। बल्कि फुटेज से चौकीदार का झूठ पकडा गया कि चोरों के भागने के वक्त वह खुद बाजार में नहीं था। उसके आने से पहले ही चोर निकल चुके थे।
मॉल के पास दिखा मूवमेंट फिर गायब
टीआई भार्गव ने बताया चौकीदार की कहानी गडबड निकलने के बाद नए सिरे से फुटेज खंगाले गए तो उसमें चोर काफी देर शोरूम के पास टहलते दिखे फिर दो ऑटो उनके पास आकर रूकते दिखे। उसके बाद चोरों का मूवमेंट डीडी मॉल के पास दिखा। यहां सातों पैदल ही सडक क्रास करते दिखे हैं।

लेकिन उनके ठीक पीछे चार और युवक संदेहियों की तरह पीठ पर पिटठू बैग टांगकर जाते दिखे हैं। इससे चोरों की गिनती को लेकर गफलत हो गई है। यह चार लोग कौन है। उनका चोरों से तो लिंक नहीं है। चारों युवक भी आगे जा रहे सातों संदेहियों के पीछे जाते दिखे हैं। मॉल के कोने पर पहुंचकर सभी संदेही लापता हो गए।
आशंका यहा पार्क होगा चोरों का वाहन
आशंका है कि चोर निजी वाहन से आए हैं, उनका वाहन यहां मॉल के पास कोने पर पार्क हो सकता है। उसी में बैठकर गिरोह भाग गया है।

यहां से मार्कण्डेश्वर मंदिर और फूलबाग चौराहे तक कोई कैमरा भी नहीं है। इसलिए सडक के इतने टुकडों में क्या चला।यह सामने नहीं आया है। रविवार को चोरों का पता लगाने के लिए पडाव इलाके में लगे सीसीटीवी को भी सर्च किया गया।

Puneet Shriwastav Reporting
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