ज्ञान प्राप्त करने के लिए तीन तरीके महत्वपूर्ण हैं, जिसमें पहला पढ़ाई, दूसरा यात्रा एवं तीसरा आपसी चर्चा

ज्ञान प्राप्त करने के लिए तीन तरीके महत्वपूर्ण हैं, जिसमें पहला पढ़ाई, दूसरा यात्रा एवं तीसरा आपसी चर्चा
ज्ञान प्राप्त करने के लिए तीन तरीके महत्वपूर्ण हैं, जिसमें पहला पढ़ाई, दूसरा यात्रा एवं तीसरा आपसी चर्चा

Prashant Kumar Sharma | Updated: 22 Sep 2019, 12:57:07 AM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने विद्यादान एक संकल्प कार्यक्रम के तहत ली बच्चों की क्लास

ग्वालियर. जिला प्रशासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम विद्यादान एक संकल्प एक पहल के तहत न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने शासकीय माध्यमिक कन्या विद्यालय में बच्चों की क्लास ली। उन्होंने कक्षा 6वीं की छात्राओं को सामाजिक विज्ञान पढ़ाया।
न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने सबसे पहले छात्राओं से पूछा कि वह जीवन में क्या बनना चाहती हैं। इसके बाद उन्होंने विश्व मानचित्र के माध्यम से बच्चों को देश और विदेश के परिवेश के बारे में जानकारी ग्रहण करने की विधि बताई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमेशा हमारे मन में जिज्ञासा होना चाहिए और सवाल पूछने की आदत हमें विकसित करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ग्वालियर के की भौगोलिक स्थिति से प्रारंभ कर पूरे प्रदेश एवं देश के विभिन्न राज्यों की राजधानियों को बहुत ही आसान तरीके से समझाया। उन्होंने कहा कि ज्ञान प्राप्त करने के लिए तीन तरीके महत्वपूर्ण हैं, जिसमें पहला पढ़ाई, दूसरा यात्रा एवं तीसरा आपसी चर्चा महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी दीपक पांडे, डीपीसी संजीव शर्मा आदि उपस्थित थे।

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