एटीएम का क्लोन बनाने वाले दो पकडे, स्वैप मशीनें मिली

एटीएम पर मददगार बनकर पहुंचते थे ठग
दिल्ली जाकर खातों से चुराते थे पैसा

By: Puneet Shriwastav

Published: 17 Oct 2020, 12:42 AM IST

ग्वालियर। एटीएम बूथ पर पेसा निकालने वालों के मददगार बनकर उनके एटीएम को चोरी से स्वैप कर उसका डाटा चोरी कर खाते से रकम चोरी करने वाला गैंग फंस गया है। गिरोह दो सदस्य पुलिस की गिरफत में आए हैं बाकी दो भाग गए। ठगों ने मिनी स्वैप मशीन के अलावा तमाम एटीएम कार्ड मिले हैं।
महाराजपुरा टीआइ आसिफ मिर्जा बेग ने बताया आइएचएम कॉलेज के पास ठगों की मौजूदगी का इनपुट मिला था। फोन करने वाले ने बताया कि चार लडके यहां एटीएम के पास कार डीएलआई जेड सी 7903 के पास मौजूद हैं। उनके हाथ में छोटी स्वैप मशीन है। आशंका है कि यह एटीएम ठग हैं।

दो बदमाश तो पुलिस को देखकर भाग गए। मुलू उर्फ भूपङ्क्षसह पुत्र किशोरीलाल धानुक चंदहारा,गोहद और मनोज पुत्र रामप्रकाश धानुक रानीपुरा पकडे गए। दोनों ने खुलासा किया गिरोह एटीएम पर पैसा निकालने वाले ऐसे लोगों की टोह में रहता है जिन्हें पैसा निकालने में दिक्कत होती है। उनके मददगार बनकर गैंग मेंबर एटीएम में जाते हैं। नजर बचाकर ग्राहक का एटीएम कार्ड स्वैप मशीन में स्वैप कर लेते हैं। इससे कार्ड का सारा डाटा कॉपी हो जाता है। फिर उसे कार्ड पैसा निकालने के लिए लौटाते हैं। इस दोरान वह जो पिनकोड डालता है उसे देखकर याद करते हैं।
डिवाइस से कॉपी, दिल्ली से रकम निकालते
गिरोह कॉपी किया डाटा डिवाइस में लगाकर लैपटॉप में डाउनलोड और उसका पिन कोड दर्ज करता है। इसके जरिए एटीएम का क्लोन तैयार करते हैं। फिर दिल्ली जाकर उनके जरिए पैसा निकालते हैं।
फरार मेंबर्स को पता कोड
टीआइ आसिफ मिर्जा ने बताया घेराबंदी में संदीप सांसी निवासी लोहारी हांसी, हरियाणा और नवीन खटीक निवासी सुल्तानपुरी दिल्ली भाग गए। पकडे गए बदमाश मनोज कुमार से मुटठी में आने लायक स्वैप मशीन मिली है। उससे ही बदमाश कार्ड स्वैप करते थे। उसके मोबाइल में एक एप भी दर्ज मिला है। जिसमें सारा डाटा दर्ज है।

Puneet Shriwastav Reporting
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