पहले दिन कम संख्या में पहुंचे यूजी व पीजी के छात्र, कोविड 19 गाइड लाइन का पालन नहीं

एमएलबी,साइंस,जीवाजी और केआरजी में न गेट पर थर्मल स्कैनिंग ना सोशल डिस्टेंश का पालन

By: monu sahu

Published: 11 Jan 2021, 11:26 PM IST

ग्वालियर। स्नातक अंतिम वर्ष और स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर की कक्षाएं सोमवार से शुरू हो गई है। लेकिन पहले दिन जीवाजी विश्वविद्यालय सहित महाविद्यालयों में विद्यार्थी कम ही संख्या में पहुंचे। जिससे अधिकतर कॉलेजों में कक्षाए ही नहीं लग सकी। यहां यूजी प्रथम,द्वितीय व तृतीय वर्ष और पीजी द्वितीय-तृतीय सेमेस्टर वाले छात्र तो आए पर वह अपने मार्कशीट,नामांकन और प्रैक्टिकल सहित अन्य कामों के लिए आए। जीवाजी विश्वविद्यालय, एमएलबी, केआरजी,सांइस और एसएलपी सहित अन्य कॉलेजों में पहले दिन कम ही संख्या में विद्यार्थी पहुंचे।

जेयू सहित किसी भी महाविद्यालय में कोविड 19 गाइड लाइन का पालन होता हुआ नजर नहीं आया। कोविड 19 महामारी के चलते बीते 9 माह से बंद शासकीय-अशासकीय महाविद्यालय को उच्च शिक्षा विभाग की ओर से एक जनवरी से खोल दिए गए हैं। जिसमें 1 से 10 जनवरी तक प्रैक्टिकल की कक्षाएं और 11 से यूजी अंतिम वर्ष व पीजी चतुर्थ सेमेस्टर की कक्षाएं शुरू की गई है। जबकि 20 जनवरी से सभी कोर्सेज की कक्षाए शुरू की जाएगी। हालांकि जिले के आपदा प्रबंधन की बैठक के बाद ही कॉलेज को आगे नियमित और क्लास की संख्या बढ़ाने पर निर्णय लिया जाएगा। अभी 50 प्रतिशत विद्यार्थियों के साथ कक्षाए लगाई जा रही है। साथ ही क्लास में आने या ना आने का निर्णय विद्यार्थी का रहेगा। उन्हें कॉलेज आने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है।

ug and pg college classes start 11 january 2020

एमएलबी महाविद्यालय
यहां गेट पर थर्मल स्कैनिंग मशीन और सेनेटाइजर नहीं था। गार्ड ने पूछने पर बताया कि सेनेटाइजर और थर्मल मशीन नहीं है। कैं पस के अंदर छात्रों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। लेकिन कोविड 19 और सोशल डिस्टेंश की खुले आम धज्जियां उडाई गई। यहां न तो कोरोना गाइडलाइन के कोई इंतजाम किए गए और ना ही सेनेटाइजर और सोशल डिस्टेंश का पालन किया गया। पहले दिन यूजी अंतिम वर्ष और पीजी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र कॉलेज में नहीं आए। यहां प्रथम व द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों की अच्छी भीड़ देखी गई। छात्रों ने बताया कि वह नामांकन और माकर्शीट सहित अन्य समस्याओं को लेकर कॉलेज आए है। खास बात यह है कि यहां प्राचार्य की ओर से पहले भी कोविड 19 गाइड लाइन का कोई पालन नहीं किया जाता रहा और आज भी यहां कोई इंतजाम नहीं देखे गए।

केआरजी महाविद्यालय
केआरजी महाविद्यालय में छात्राओं की अच्छी भीड़ देखने को मिली। यहां प्रथम व द्वितीय वर्ष की छात्राएं अपने नामांकन,मार्कशीट करकेश्र,छात्रवृति फार्म सहित अन्य समस्याओं के समाधान के लिए कॉलेज पहुंची। लेकिन स्नातक अंतिम वर्ष और स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर की कम संख्या में ही छात्राएं पहुंची। जिससे कक्षाएं नहीं लगाई गई। यहां गेट पर न तो थर्मल स्कैनिंग की जा रही थी ना ही गार्ड के पास सेनेटाइजर था। पूछने पर बताया कि अब मिलता ही नहीं है। यहां कोविड 19 गाइड लाइन, सोशल डिस्टेंश और सेनेटाइजर के कोई इंतजाम नजर नहीं आए। कैंपस के अंदर भी छात्राएं एक-दूसरे से सटकर बैठी हुई नजर आई।

साइंस कॉलेज
यहां गेट पर थर्मल स्कैनिंग तो हो रही थी, लेकिन कैंपस के अंदर सोशल डिस्टेंश का कोई पालन नहीं किया जा रहा था। सोमवार को यूजी अंतिम वर्ष और पीजी चतुर्थ सेमेस्टर की छात्र कम संख्या में ही पहुंचे। जिससे कुछ कक्षाए लगी जबकि कुछ कक्षाए नहीं लगाई गई। यहां भी प्रथम व द्वितीय वर्ष और पीजी प्रथम वर्ष के विद्यार्थी अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए कॉलेज आए।

जीवाजी विश्वविद्यालय
स्नातक अंतिम वर्ष और पीजी चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थी पहले दिन कम ही संख्या में पहुंचे। यहां कक्षाएं तो लगाई गई लेकिन जेयू में गेट पर न तो थर्मल स्कैनिंग की गई और ना ही कैंपस के अंदर सेनेटाइजर की कोई व्यवस्था नजर आई। यहां विद्यार्थी बिना मास्क और एक दूसरे से सटकर भी बैठे हुए नजर आए। हालांकि अन्य कामों को लेकर जेयू पहुंचे छात्रों की अच्छी खासी भीड़ नजर आई। वहीं शहर के अन्य महाविद्यालयों में भी कम ही संख्या में छात्र पहुंचे।

सहमति पत्र दिखाने पर मिली एंट्री
केआरजी, साइंस और सहित अन्य महाविद्यालयों में गेट पर अभिभावकों की लिखित सहमति पत्र दिखाने पर ही विद्यार्थियों को कॉलेज में एंट्री दी गई। अभिभावक द्वारा एक बार दी गई सहमति पूरे सत्र के लिए मान्य होगी। इस दौरान ऑनलाइन कक्षाएं भी संचालित होंगी।

monu sahu
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned