बिना डस्टबिन वाली दुकानों व ठेलों का अब होगा चालान

शहर की स्वच्छता की मॉनीटरिंग स्मार्ट सिटी कंट्रोल कमाण्ड सेंटर से करने के साथ ही शिकायतों का संकलन और संबंधित अधिकारियों को भेजकर उसके निराकरण की जो नई व्यवस्था...

ग्वालियर. शहर की स्वच्छता की मॉनीटरिंग स्मार्ट सिटी कंट्रोल कमाण्ड सेंटर से करने के साथ ही शिकायतों का संकलन और संबंधित अधिकारियों को भेजकर उसके निराकरण की जो नई व्यवस्था लागू की गई है,उसमें संबंधित अधिकारी शिकायतों का 12 घंटे में निराकरण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान 12 घंटे में शिकायतों का निराकरण करने पर स्वच्छता रैंकिंग में अंक भी निगम को मिलेंगे। शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। संभागीय आयुक्त एवं नगर निगम प्रशासक आशीष सक्सेना ने गूगल मीट के माध्यम से शहर की स्वच्छता की समीक्षा करते हुए उक्त निर्देश दिए हैं। नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने समीक्षा के दौरान भरोसा दिलाया कि स्वच्छता के कार्य को निगम सर्वोच्च प्राथमिकता से कर रहा है। शत-प्रतिशत दुकानदारों के यहां डस्टबिन रखवाने का कार्य अभियान के रूप में किया जाएगा। इसके साथ ही निगम की आय बढ़ाने के भी विशेष प्रयास किए जाएंगे। ऑनलाइन टैक्स जमा कराने को ही प्रोत्साहित किया जाएगा। गूगल मीट की समीक्षा के दौरान सीईओ स्मार्ट सिटी जयति सिंह सहित सभी अपर आयुक्त नगर निगम और वार्ड मॉनीटर उपस्थित रहे।


घरों से कचरा संग्रहण किया जाए
संभागीय आयुक्त ने कहा कि सभी बाजारों में दुकानदारों के पास डस्टबिन आवश्यक रूप से हों यह सुनिश्चित किया जाए। सभी वार्ड मॉनीटर अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर हाथ ठेलों के साथ-साथ छोटे व्यवसाइयों और अन्य प्रतिष्ठानों के बाहर दो-दो डस्टबिन रखवाएं। जिन दुकानदारों और ठेलों के पास डस्टबिन नहीं हैं उनके विरूद्ध चालान की कार्रवाई भी की जाए। चालान से वसूली गई राशि से भी निगम डस्टबिन खरीदकर दुकानों के सामने रखवाए।
निगम यह भी सुनिश्चित करे कि डस्टबिन का कचरा प्रतिदिन समय पर एकत्रित किया जाए। जिन वार्डो में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का कार्य किया जा रहा है,उनमें शत प्रतिशत घरों से कचरा संग्रहण किया जाए।


निगम की आय बढ़ाने करें विशेष प्रयास
शत प्रतिशत घरों से संपत्तिकर वसूली का कार्य किया जाए। इसके साथ ही निगम की जो व्यवसायिक सम्पत्तियां हैं उनसे भी शत प्रतिशत वसूली हो। संपत्तिकर और जलकर वसूली का अभियान चलाकर निगम वसूली करें। केन्द्र सरकार के जो संस्थान हैं उनसे भी निगम को जो राशि मिलना है उसकी प्राप्ति के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। बड़े बकाएदारों पर फोकस करते हुए निगम अपनी आय को बढ़ाने का कार्य करे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा इ-नगर पालिका व्यवस्था प्रारंभ की गई है। नगर निगम को भी अपने सभी कर ऑनलाइन जमा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करना चाहिए। स्मार्ट सिटी अपने क्षेत्र में ऑनलाइन कर जमा करने के लिए भी विशेष प्रयास करें। निगम के सभी टीसी भी ऑनलाइन ही राशि जमा कराए। जमा की गई राशि की एंट्री कम्प्यूटर में अवश्य की जाए। हाथ से लिखे जाने वाले सभी रजिस्टर निगम मुख्यालय में जमा कराए जाएं। जो कर संग्राहक रजिस्टर जमा नहीं कर रहे हैं उनके विरूद्ध भी दण्डात्मक कार्रवाई की जाए। ऑनलाइन टैक्स वसूली पर जोर दिया जाए।

रिज़वान खान Desk
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