बिजली कंपनी को आकलित खपत के बिल को संशोधित करने के आदेश

उपभोक्ता फोरम ने कहा कंपनी उपभोक्ता को प्रकरण व्यय भी प्रदान करे

ग्वालियर। उपभोक्ता फोरम ने बिजली कंपनी को आदेश दिया है कि वह आकलित खपत के मामले में उपभोक्ता को जारी किए गए २६९०३ रुपए के बिल पर २६७०५ रुपए की क्रेडिट प्रदान करे। इस संबंध में यदि अधिकारियों द्वा रा क्रेडिट प्रदान करने के लिए विभाग को भेजे गए आवेदन पर भी कोई नहीं दी जाती है तब भी इस क्रेडिट को प्रदान कर बिल को संशोधित किया जाए।
प्रकरण के तथ्य इस प्रकार बताए जाते हैं कि परिवादी मंजू राजपूत निवासी एकता कॉलोनी, निचलापुरा सिकंदर कंपू लश्कर ने घरेलू उपयोग के लिए बिजली कनेक्शन लिया हुआ है। इस कनेक्शन का मीटर परिवादी के परिसर के बाहर बिजली कंपनी ने ही लगाया हुआ है। परिवादी द्वारा बिजली बिलों का भुगतान नियमित रुप से किया जाता है, किंतु बिजली मीटर सही अवस्था में होने के बावजूद भी बिजली कंपनी द्वारा पिछले दो सालों से मीटर में दर्शित खपत को अंकित न करते हुए आकलित खपत के आधार पर मनमर्जी से बिल जारी किए जा रहे हैं। परिवादी द्वारा इस संबंध में बिजली कंपनी को लिख्चिात व मौखिक शिकायत भी की गई। जुलाई २०१९ में परिवादी के बिजली कनेक्शन के मीटर की रीडिंग लेकर माह जुलाई १९ के बिल में माह अगस्त २०१७ से जुलाई २०१९ तक दर्ज संपूर्ण खपत ३११८ यूनिट का बिल जारी किया। इसकी जब शिकायत की गई तो उन्हें कहा गया कि बिल तो जमा करना पड़ेगा। इस प्रकार बिजली कंपनी ने सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार किया है। बिजली कंपनी का कहना था कि डिस्प्ले ठीक नहीं होने के कारण परिवादी को आकलित खपत के बिल जारी किए गए थे। परिवादी की शिकायत पर बिल में संशोधन कर सरचार्ज समाप्त कर आकलित खपत को भी हटाया गया। उपभोक्ता को ३११६ यूनिट के आधार पर जो २६९०३ रुपए का बिल दिया गया है उसमें से २६७०५ रुपए की क्रेडिट प्रदान करते हुए उसे उच्च अधिकारियों के पास स्वीकृति के लिए भेजा गया है। न्यायालय ने बिजली कंपनी को आदेश दिए हैं कि वह उपभोक्ता का प्रकरण व्यय १५०० रुपए भी अदा करे।

Rajendra Talegaonkar Desk/Reporting
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