वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट देख दिया प्रवेश, गेट पर हुई थर्मल स्क्रीनिंग

गवर्नमेंट कॉलेज में गाइडलाइन का नहीं हुआ पालन, दस प्रतिशत ही पहुंचे छात्र

By: Mahesh Gupta

Published: 16 Sep 2021, 09:59 AM IST

ग्वालियर.

कोरोना संक्रमण के चलते बीते डेढ़ साल से बंद विश्वविद्यालय और महाविद्यालय बुधवार से ओपन हुए। प्राइवेट इंस्टीट्यूट में जहां कोरोना गाइडलाइन का पालन होते दिखा, वहीं कुछ सरकारी महाविद्यालय में गाइडलाइन की धज्जियां उड़ती नजर आईं। पहले दिन जीवाजी विश्वविद्यालय सहित महाविद्यालयों में कम संख्या में छात्र नजर आए। लम्बे समय बाद छात्र एक दूसरे से कैंपस में मिले थे। इस दिन जहां उन्होंने कॅरियर से जुड़ी बातें की, वहीं छात्राएं गॉशिप करती नजर आईं।
पहले दिन महाविद्यालयों में 10 प्रतिशत ही विद्यार्थी कॉलेज पहुंचे।

पहले दिन छात्र-छात्राओं को प्रैक्टिकल कराया
आइटीएम ग्वालियर की डायरेक्टर डॉ. मीनाक्षी मजूमदार ने बताया कि हमने 50 प्रतिशत क्षमता के साथ छात्र-छात्राओं को बुलाया था। उनका वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट चेक किया। थर्मल स्क्रीनिंग की। सेनेटाइज कराकर मास्क के साथ प्रवेश दिया। पहले दिन हमने प्रैक्टिकल पर फोकस किया। क्योंकि थ्योरिकल क्लासेस ऑनलाइन लग रही थी। लैब की क्षमता 160 की है, लेकिन 60 को प्रवेश दिया गया, जिससे सभी को एक-एक मीटर की दूरी पर बिठाला गया। किसी भी प्रकार की शेयरिंग एलाऊ नहीं की गई। 70 प्रतिशत छात्र-छात्राओं ने सहमति पत्र दिए।

छात्र-छात्राओं से ले लिया सहमति पत्र
एमिटी यूनिवर्सिटी के कुलपति मेजर जनरल वीके शर्मा ने बताया कि हमारे यहां मिड सेमेस्टर चल रहे हैं। इस कारण से क्लासेस नहीं लगीं। 20 सितंबर से क्लासेस शुरू होंगी। कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। प्रवेश उन्हीं को दिया जाएगा, जो वैक्सीन लगवाए होंगे। सहमति पत्र पहले से ले लिए गए हैं।


गेट पर हुई थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क के साथ प्रवेश
केआरजी में छात्राओं की अच्छी खासी उपस्थिति देखी गई। यहां गेट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग हो रही थी। सेनेटाइजर और मास्क लगा होने के बाद ही छात्राओं को प्रवेश दिया गया। हालांकि कैंपस में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं दिखा जीवाजी विश्वविद्यालय की एसओएस के विभिन्न विभागों में एक-दो विद्यार्थी ही पहुंचे। जिससे ऑफलाइन क्लास भी संचालित नहीं हो पाई। हालांकि गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क व सेनेटाइजर करने के बाद ही विद्यार्थी को प्रवेश दिया गया। एसओएस की कक्षा में छात्र के पास वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट और अनुमति पत्र नहीं था।

Mahesh Gupta
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