40 वर्ष से ग्रामीण कर रहे सड़क की मांग, स्वीकृति के बाद भी भूला विभाग

जिले की झाड़ौली पंचायत के समचौली गांव के लोगों को लगातार 40 वर्ष तक जारी रही मांग के बाद भी 3.50 किमी सड़क नहीं मिली है। सड़क न बनने से इस गांव में रहने वाले 550 लोगों...

ग्वालियर. जिले की झाड़ौली पंचायत के समचौली गांव के लोगों को लगातार 40 वर्ष तक जारी रही मांग के बाद भी 3.50 किमी सड़क नहीं मिली है। सड़क न बनने से इस गांव में रहने वाले 550 लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही गांव में विकसित विलेज टूरिज्म और इंटीग्रेटेड फॉर्मिंग मॉडल देखने जाने वाले छात्रों और जैविक खेती का प्राकृतिक मॉडल देखने के लिए आने वाले प्रगतिशील किसानों को गांव तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
खास बात यह है कि ग्रामीणों की लगातार मांग के बाद ग्रामीण विकास विभाग ने मनरेगा के मद से मार्ग निर्माण कराने के लिए यहां शिलान्यास तो करा दिया, लेकिन इसके बाद से सड़क बनवाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है। अब यहां मार्ग के नाम पर बस शिलान्यास का पत्थर ही नजर आता है। हाल ही में प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट को ज्ञापन दिए जाने के बाद अब विभाग ने बारिश के बाद काम शुरू कराने का आश्वासन दिया है।

शिलान्यास के पत्थर पर यह लिखा है
- कार्य का नाम ग्रेवल रोड झाड़ौली से समचौली की ओर
- कार्य आईडी-/आरसी/2212034540979
- लागत राशि 2849352 रुपए
- मद-मनरेगा, श्रम-716465, सामग्री-1132886 रुपए
- टीएस क्रमांक 1703003/2020/ 21/365828 दि.25/920
- एएस क्रमांक 1703003/2020/ 21/365828 दि.27/920
- दैनिक मजदूरी 190 रुपए, मानव दिवस 9034
- सरपंच गंधर्व सिंह गुर्जर, सचिव रामनरेश गुर्जर, सहायक सचिव चंद्रभान सिंह रावत

आयुक्त को है जानकारी
मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद के आयुक्त को मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के मुख्य महाप्रबंधक (राज्य संपर्कता) पंकज झंवर ने 12 अप्रैल को पत्र लिखकर 3.50 किमी लंबे मार्ग का निर्माण कार्य मनरेगा के अंतर्गत किए जाने को लेकर लिखा था। पत्र में उल्लेख किया गया है कि यह मार्ग पूर्व से ही मनरेगा के अंतर्गत स्वीकृत है, लेकिन कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है।


इनका कहना है
ग्राम पंचायत की सड़क का मामला सामने आया है। इसको लेकर हम पहले पूरी स्थिति का निरीक्षण कराएंगे। इसके बाद सड़क के काम को लेकर कुछ कहा जा सकता है।
किशोर कान्याल, सीईओ-जिला पंचायत


समचौली गांव सर्वा पंचायत में आता है, जबकि कार्य एजेंसी झाड़ौली को बनाया गया है। सड़क निर्माण को लेकर वरिष्ठ स्तर तक जानकारी भेज चुके हैं। इसके बाद भी काम शुरू नहीं हुआ। सड़क सही न होने की वजह से यहां जैविक खेती के बारे में जानकारी लेने के लिए आने वाले छात्र और किसानों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ओमबाबू शर्मा, जैविक कृषक

रिज़वान खान Desk
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