सिविल और जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए वेटिंग, एक रेडियोलॉजिस्ट का भी नहीं हो पाया इंतजाम

सिविल और जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए वेटिंग, एक रेडियोलॉजिस्ट का भी नहीं हो पाया इंतजाम

| Publish: May, 22 2019 01:26:05 AM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

-एक रेडियोलॉजिस्ट के भरोसे दो अस्पताल, कैसे मिले मरीजों को इलाज की सुविधा

ग्वालियर। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर हर माह लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, इस सबके बाद भी ग्वालियर शहर में स्वास्थ्य सुविधाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। एक रेडियोलॉजिस्ट के भरोसे शहर के सिविल और जिला अस्पताल होने से अल्ट्रा साउन्ड के लिए वेटिंग आठ से दस दिन तक बढ़ गई है। खास बात ये है कि 20 दिन पहले एक रेडियोलॉजिस्ट के सेवानिवृत्त होने के बाद अब तक दूसरे रेडियोलॉजिस्ट का स्वास्थ्य विभाग इंतजाम तक नहीं कर पाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुरार जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के पद पर डा. विनोद खटोड़ पदस्थ थे, वे एक मई को अपने पद से सेवानिवृत्त हो गए हैं। प्रदेश सरकार की ओर से उनका कार्यकाल एक वर्ष और बढ़ाने का आग्रह डा. खटोड़ से किया गया था, जिसके लिए दोनों के बीच सहमति भी हो गई थी, लेकिन यह मामला अधर में लटक गया, और वे सेवानिवृत्त हो गए।
बताया गया कि इनके सेवानिवृत्त के बाद जिला अस्पताल मुरार में रेडियोलॉजिस्ट के रूप में केवल राकेश चतुर्वेदी अकेले रह गए हैं। उनकी सेवाएं तीन दिन जिला अस्पताल तो तीन दिन सिविल अस्पताल में कर दी गई हैं, इस कारण चतुर्वेदी के सिविल अस्पताल में होने से मुरार जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड आदि का काम बंद रहता है, जब वे मुरार जिला अस्पताल में होते हैं तब सिविल अस्पताल में अल्ट्रा साउन्ड का काम नहीं होता। मरीजों को परेशान होकर बगैर अल्ट्रा साउंड के घर वापस जाना पड़ता है जबकि एक रेडियोलॉजिस्ट बढ़ाए जाने की मांग क्षेत्रीय विधायक मुन्नालाल गोयल द्वारा कुछ समय से की जाती रही है। वहीं सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और एक्सरे नियमित हों, इसके निर्देश सिविल सर्जन को प्रदेश सरकार के मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर दे चुके हैं, इस सबके बाद भी दोनों अस्पतालों की व्यवस्थाएं सुधरने को तैयार नहीं हैं।
शासन को भेजा प्रस्ताव
भिंड-मुरैना में दो-दो रेडियोलॉजिस्ट हैं, यहां से एक रेडियोलॉजिस्ट को शहर में पदस्थ करने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है। उनका कहना है कि चुनाव आचार संहिता हटने के बाद एक रेडियोलॉजिस्ट यहां आ जाएगा और अल्ट्रा साउन्ड की वेटिंग खत्म हो जाएगी।

डा. एके दीक्षित, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं

 

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