पत्रिका एक्सपोज... कई साल से पी रहे पानी फिर भी जल कर चुकाने में पीछे शहर

. शहर में एक सैकड़ा से अधिक लोग इतने बाहुबली है कि कई वर्षों से नगर निगम के नल कनेक्शन को लेकर जब कर चुकाने की बारी आती है तो वे पीठ दिखाते...

ग्वालियर. शहर में एक सैकड़ा से अधिक लोग इतने बाहुबली है कि कई वर्षों से नगर निगम के नल कनेक्शन को लेकर जब कर चुकाने की बारी आती है तो वे पीठ दिखाते हुए एक भी रुपए नहीं चुकाते हैं। नगर निगम के जल विभाग के कर्मचारी इनको पानी चोर तो रिकॉर्ड अनुसार बकायेदार इनके नाम के आगे लिखा जाता है। निगम हर गली मोहल्लों में कर वसूली के लिए शिविर तो लगा रही है लेकिन इन बकायादार से वसूली करने में निगम के जलविभाग के कर्मचारी को सर्दी में भी पसीना आ रहा है। बड़े बकायादारों पर ही करोड़ों रुपए से अधिक की वसूली शेष है।


प्रभावशाली लोगों से हो वसूली
शहर में नगर निगम प्रतिमाह पेयजल के लिए 150 रुपए लेती है। इसके बदले कुछ क्षेत्रों को छोड़कर शेष मोहल्लों में 15 दिन पानी देकर पूरे 30 दिन के रुपए वसूलती है। शहर के कुछ मोहल्लों में करीब 100 लोग इतने प्रभावशाली है जो कि कितने भी नोटिस दे दिया जाए लेकिन अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए 150 रुपए महीना भी नहीं देते हैं। निगम हर बार इनकी सूचनी तो बनाता है। नोटिस भी देता है लेकिन अधिकारियों के सहयोग के अभाव में इन बकायादार के नल कनेक्शन को काटने का साहस नहीं जुटा पता है। जो बकायादार है इनसे ही पूरी वसूली हो जाए तो नगर निगम को करीब 109 करोड़ों रुपए का राजस्व प्राप्त हो जाएगा।


निजी व सरकारी कार्यालयों पर करोड़ों रुपया बकाया
नगर निगम के बकायादारों में निजी के साथ सरकारी विभाग भी शामिल हैं। इनमें सरकारी कॉलेज, चिकित्सालय, जेएएच, वन विभाग, रजिस्ट्रार कंपनी, पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग, भू-अभिलेख सहित यहां से तबादले पर जा चुके अधिकारी भी शामिल हैं। इन पर 4.91 करोड़ रुपए से अधिक राशि बकाया है। जबकि करीब 44 हजार निजी लोगों पर 109 करोड़ रुपए निगम का जलकर के रूप में बकाया है।


करदाता मोबाइल पर कॉल कर ले सकते हैं मदद
पीएचई ने मोबाइल नंबर 9644405727 भी बिल जमा करने के लिए जारी किया है। यदि उपभोक्ता का बिल जमा होता है तो तत्काल उसके मोबाइल पर एसएमएस पहुंच जाता है। इसी नंबर से उपभोक्ताओं को कॉल किया जा रहा है। पीएचई के अधिकारियों ने बताया कि बिल संबंधी मामले के लिए भी इस नंबर पर फोन किया जा सकता है। साथ ही बकायादार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी बिल भर सकता है।


नगर निगम जलकर बकायादार से वसूली के लिए जल्द ही शिविर लगाएगा। बकायादार यदि स्वयं ही आकर पूरा कर जमा कर दे तो बेहतर है। अन्यथा निगम जल्द ही ऐसे लोगों के खिलाफ कड़े कदम उठाएगा।
शिवम वर्मा, आयुक्त नगर निगम

रिज़वान खान Desk
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