फिर लापरवाही... तीन बार तिघरा के गेट खोलकर बहा चुके हैं 9 करोड़ का पानी

फिर लापरवाही... तीन बार तिघरा के गेट खोलकर बहा चुके हैं 9 करोड़ का पानी

Gaurav Sen | Publish: Sep, 07 2018 11:27:09 AM (IST) | Updated: Sep, 07 2018 05:52:59 PM (IST) Gwalior, Madhya Pradesh, India

फिर लापरवाही... तीन बार तिघरा के गेट खोलकर बहा चुके हैं 9 करोड़ का पानी

आकाश सक्सैना @ ग्वालियर

शहर की करीब 13 लाख की आबादी को फिर जल संकट की परेशानियों में झोंकने की तैयारी हो रही है। यह पूरा कारनामा शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर सिरसा बांध पर हो रहा है। यहां पर डेम की सुरक्षा के नाम पर सैकड़ों एमसीएफटी पानी को सिरसा बांध की दीवार तोडकऱ निकाला जा रहा है जबकि पिछले 15 सालों में अफसरों के पास काफी वक्त था कि वह बांध की समय रहते मरम्मत करा देते। चौकाने वाली बात यह है कि जिस जगह बांध को खतरा बताया जा रहा है वहां पर बांध के ऊपर कई जंगली पेड़ उग चुके थे। जिनकी जड़ों ने बांध के पत्थरों को कुछ इंच तक सरका दिया।

इसके बावजूद जल संसाधन विभाग के अफसर और इंजीनियरों ने समय रहते उक्त पेड़ नहीं कटवाए न ही उनकी जड़ों को समय रहते निकलवाया जबकि बांध की सुरक्षा और देखरेख के लिए विभाग के पास पर्याप्त कर्मचारी और स्टाफ मौजूद है जो साल भर घर बैठे का वेतन लेता है। बहरहाल जब ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की तो अफ सरों ने कुछ कर्मचारी बांध की साफ सफाई के लिए लगा दिया हैं जो लोगों को देखकर काम करने लगते हैं और लोगों के जाते ही आराम फरमाने लगते हैं।

यहां विवाद: पानी को लेकर घाटीगांव के लोगों ने मोर्चा खोल दिया है वह अपने यहां पर ताल तलैया को भर रहे हैं। इसके लिए नहर को नुकसान पहुंचाया गया है। जिससे नून पिकअप वियर पर पानी की आवक कम हो गई है।

सीधी बात

Q.सिरसा बांध की दीवार को क्यों तोड़ा गया, जबकि वॉल्व खोलकर ही पानी निकाला जा सकता था?
A.बांध की कोई दीवार नहीं तोड़ी गई है। हमने बांध से पानी को पूरी तरह से रोक दिया है।
Q.बांध की मरम्मत समय रहते क्यों नहीं कराई गई जबकि कई सालों से बांध सूखा पड़ा था?
A.हम समय समय पर कार्रवाई करते हैं।
Q.समय रहते बांध पर लगे पेड़ आदि को क्यों नहीं कटवाया, जबकि कर्मचारी और इंजीनियर मौजूद हैं?
A.हम कार्रवाई करा रहे हैं मैं दिखवाता हूं।
Q. सैंकड़ों एमसीएफटी पानी बहाने का जिम्मेदार कौन है?
A. हम पानी को रोक रहे हैं, सभी बाधों को भरने का प्रयास जारी है

तो भर सकते हैं सभी बांध
सिरसा बांध के वॉल्व की जगह दीवार तोडकऱ जल संसाधन के इंजीनियर पानी को निकाल रहे हैं जबकि बांध की दीवार को बिना तोड़े रायपुर का बांध, हिम्मतगढ़ का बांध, मामा का बांध, वीरपुर आदि बांधों को भरने वाली मुख्य नहर में में पानी डायवर्ट करके भरे जा सकते थे लेकिन अब सिरसा का बैक वाटर ही नहर में आ रहा है।

अफसर नहीं चाहते पानी भरे
हम पिछले दस सालों से वीरपुर बांध और मामा के बांध को भरवाने का प्रयास कर रहे हैं। इसमें हमेशा ही जल संसाधन विभाग के अफसर बांधों को जल्द से जल्द खाली करने पर तुले रहते हैं। ताकि उन्हें इसकी निगरानी नहीं करनी पड़े। दरअसल इनकी ड्यूटी बांध पर रहती है और इंजीनियर रहते शहर में हैं।
भूपेंद्र सिंह कुशवाह, पूर्व सरपंच वीरपुर

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