पानी कर रहे बर्बाद: अधिकारी बोला मैं निगम का काम करता हूं, मुझसे जुर्माना वसूला तो अच्छा नहीं होगा,

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By: Gaurav Sen

Published: 12 Mar 2018, 01:01 PM IST

ग्वालियर. शहर में जल संकट है, लोगों को पानी बचाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पानी की बर्बादी रोकने के लिए अधिकारी, कर्मचारी शहर में घूम रहे हैं। लेकिन, इसके बाद भी कुछ लोग सुधर नहीं रहे हैं और पानी बर्बाद कर रहे हैं। ऐसे लोगों में पढ़े लिखे लोग ज्यादा सामने आ रहे हैं। रविवार को एेसे ही मामले सामने आए।

गोविंदपुरी सी-29 में एक महिला कार धो रही थी। पीएचई के अमले ने उन्हें रोका और जुर्माने की चेतावनी दी, लेकिन तब भी वह महिला नहीं मानी और कार धोते रही। इस दौरान बंगले में से एक शख्स निकले और अमले को धमकाने लगे, कहा कि मैं निगम की आरएडी करता हूं, जबलपुर से आया हूं, मुझ पर जुर्माना लगाया तो देख लूंगा।

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इस पर पीएचई कर्मचारी ने कहा हम कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई कर रहे हैं। आपको बात करनी है तो हमारे आयुक्त से बात कर लें, या मैं अफसरों को बुलाता हूं। बात बढ़ती देख रौब जमाने वाले सत्येंद्रनाथ जैन ने 500 रुपए जुर्माना जमा किया। शारदा विहार में भी कार धुलाई का मामला सामने आया, जिस पर पीएचई कर्मचारियों ने कार्रवाई की। जेडो वीरेंद्र शाक्य ने क्षेत्र में चल रहे कई निर्माण कार्यों को बंद कराते हुए नोटिस और पोस्टर चस्पा कराए। मुरार टप्पा तहसील स्थित विद्यालय में आयोजित की गई पत्र लेखन प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने जलसंकट पर अपनी बात रखी।

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पढ़े लिखे पेरशान करते हैं
क्षेत्र में कार्रवाई की जा रही है। इसमें सबसे अधिक पढ़े लिखे लोग पानी बर्बाद करते मिल रहे हैं। कोर्ट के आदेश के बाद भी सुधरने को तैयार नहीं हैं। हम इनके खिलाफ एक्शन ले रहे हैं।
एपीएस भदौरिया, उपायुक्त लश्कर पूर्व

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जल संकट से उबारने के लिए प्रताप सेना ने लिया संकल्प
ग्वालियर। शहर में जल संकट बना हुआ है। प्रताप सेना शहर में जल संकट से उबारने पर कार्य करेगी। यह निर्णय प्रताप सेना की समीक्षा बैठक में लिया गया। रविवार की शाम को समीक्षा बैठक फू लबाग मैदान पर आयोजित की गई, जिसमें प्रताप सेना के संरक्षक सदस्य महंत रामसेवक दास महाराज, विधि प्रकोष्ठ के संरक्षक पूर्व न्यायाधीश बीआर छापरिया अशोक गोयल, देवेंद्र सिंह चौहान, मोहन समाधिया, प्रताप सेना प्रमुख भूपेंद्र सिंह चौहान उपस्थित थे।

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बैठक में प्रताप सेना के कार्यों की समीक्षा की गई। नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य कर रही प्रताप सेना को और गति देने पर विचार विमर्श हुआ। जल संकट से जूझ रहे शहर को संकट से बचाने के लिए लोगों को जल संरक्षण के विषय में जागरुक करने का संकल्प लिया गया। इस मौके पर सतीश सिंह सिकरवार, अरुण सिंह भदौरिया, जितेन्द्र सिंह भदौरिया, राम पाठक सहित बढ़ी तादाद में मौजूद रहे। प्रताप सेना के कार्यकर्ता ड्रेस में उपस्थित हुए।

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