हम 35 करोड़ में ठेका लाए हैं, पुलिस निकलवा रही अवैध रेत

पुलिस पुलिसिंग की बजाय माइनिंग का काम कर रही है। कल हमारे लड़कों ने पांच ट्रक पकड़े और आज 10 ट्रॉली पकड़ी, उनको बंदूक की नोंक पर छुड़ा कर ले गए...

ग्वालियर. पुलिस पुलिसिंग की बजाय माइनिंग का काम कर रही है। कल हमारे लड़कों ने पांच ट्रक पकड़े और आज 10 ट्रॉली पकड़ी, उनको बंदूक की नोंक पर छुड़ा कर ले गए। रेत के वाहनों को निकालने के लिए आगे पुलिस की गाड़ी चलती है। अभी एनजीटी की रोक है, हमने अपना काम कर रखा है। लड़कों को धमकाते हैं उनकी टेररबाजी चल रही है। माफिया कोई ठेकेदार नहीं है, हम 35 करोड़ रुपए देकर ठेका लेकर आए हैं। एसपी और एएसपी के कहने पर गाडिय़ां पकड़ी थीं, नहीं तो वे भी नहीं पकड़ी जातीं। पूरा पुलिसिंग का काम छोड़कर माइनिंग का काम कर रहे हैं। थानेदार चाहे तो बिलौआ थाने से कोई भी एक गाड़ी नहीं निकल सकती है। एक-एक ट्रॉली पर पांच-पांच हजार रुपए की एंट्री लेकर छोड़ा जा रहा है। हमारा काम तो बंद है, लेकिन नाकों पर हमारे लड़के तो रहेंगे न ताकि चोरी न हो, लेकिन हमारे लड़कों को धमकाया जा रहा है। यह आरोप पिछोर क्षेत्र की खदानों से अवैध रेत की निकासी को लेकर एमपी सेल्स कॉर्पोरेशन के डाइरेक्टर आशुतोष माहेश्वरी ने पिछोर थाना प्रभारी पर लगाए हैं।
दरअसल, रेत के उत्खनन के लिए एमपी सेल्स कॉर्पोरेशन ने जिले की खदानों के लिए 35 करोड़ रुपए कांट्रैक्ट लिया है। इसके बाद से भितरवार, पिछोर, डबरा की खदानों से रेत का उत्खनन शुरू किया गया था। जुलाई की शुरुआत से ही एनजीटी ने रेत के उत्खनन पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भी क्षेत्र से लगातार रेत निकल रही है। जबकि बारिश के सीजन में डंप से ही रेत के विक्रय का नियम है। रेत के उत्खनन को लेकर ठेकेदार का कहना है कि हमारे द्वारा काम बंद करने के बाद भी अकेले पिछोर क्षेत्र में 18 पनडुब्बियों से रेत निकाली जा रही है। वैध उत्खनन बंद होने के बाद भी लगातार रेत के ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर शहर में आ रहे हैं। एमपी सेल्स के डाइरेक्टर ने इसके पीछे पुलिस का ही हाथ बताया है।


जब तक मौजूद हूं गलत काम नहीं होने दूंगा
मेरे ऊपर लगे आरोप निराधार हैं। दरअसल जो मेरे ऊपर आरोप लगा रहे हैं उनका रेत का काम बंद हो चुका था, जिसको वह टोकन सिस्टम पर पुन: चालू करना चाह रहे थे। जब तक मैं थाना प्रभारी हूं क्षेत्र में गलत काम नहीं होने दूंगा। मेरे खिलाफ साजिश रची गई है। मैं पिछले दो दिन से मेडिकल लीव पर हूं। मेरे ऊपर आरोप लगाया है कि मैं बंदूक की नोक पर ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़वाकर ले गया हूं। तो उस दिन और उस समय की कॉल डिटेल निकलवाई जाए। वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर आशुतोष माहेश्वरी जी पर मानहानि का दावा भी करूंगा।
दिलीप समाधिया, थाना प्रभारी पिछोर


कार्यवाई होनी चाहिए
उत्खनन को लेकर टीमें बनाई गई हैं, बारिश में रेत के उत्खनन पर रोक है, प्रशासन निगाह बनाए हुए है। अवैध परिवहन पर पुलिस को तत्काल पकड़कर कार्रवाई करना चाहिए।
गोविंद शर्मा, माइनिंग ऑफिसर

रिज़वान खान Desk
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