गोशाला में गायों की दुर्दशा का जिम्मेदार कौन?

नगर निगम द्वारा संचालित गोशाला पर हर साल करोड़ों रुपए का खर्च होता है इसके बावजूद यहां अव्यवस्थाएं हैं जिसके कारण गायों की हालत खराब है।

ग्वालियर. शहर में नगर निगम द्वारा संचालित गोशाला पर हर साल करोड़ों रुपए का खर्च होता है इसके बावजूद यहां अव्यवस्थाएं हैं जिसके कारण गायों की हालत खराब है। गोला का मंदिर स्थित गोशाला में तो कोई सुविधाएं ही नहीं हैं। यहां गायों को सर्दी से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम तक नहीं है। इसके साथ ही विगत दिवस हुई बारिश के बाद तो यहां के हालात और भी बदतर हो गए हैं। गायों को कीचड़ में ही रहना पड़ रहा है। वहीं गायों की रोजाना ही मौत हो रही है। इस पूरे मामले में पत्रिका एक्सपोज ने नोडल अधिकारी गोशाला से बातचीत की।
गोशाला में सर्दियों में गायों के लिए क्या इंतजाम हैं
सर्दी से बचाव के लिए लोगों ने कंबल दान किए हैं और अलाव की भी व्यवस्था की गई है।
गोला का मंदिर गोशाला में कीचड़ से बुरा हाल है
बारिश के कारण यहां हालात बिगड़े हैं। यहां पक्का शेड है गाय उसमें रात के समय आ जाती हैं।
गोशाला को व्यावसायिक तौर पर विकसित क्यों नहीं किया जा रहा है
हम इसके लिए प्रयास कर रहे हैं। गोबर से लकड़ी बनाई जा रही है और दूध भी बिक्री किया जा रहा है। अभी गोमूत्र से बनाया जाने वाला गोनाइल बनाना बंद है, इसके लिए कच्चा माल की जरूरत है यह मिलते ही इसका निर्माण भी शुरू कर दिया जाएगा।
गोशाला से समाज को जोडऩे के क्या प्रयास किए
समाज के लोगों से संपर्क करते हैं और गोशाला में सहयोग के लिए कहते हैं। मंदिरों और कुछ सामाजिक संस्थाओं द्वारा प्रयास किया भी जा रहा है।
गोशाला में गायों के लिए पर्याप्त खनोटे तक नहीं हैं
खनोटे हैं कुछ और हम जल्द बनवा देंगे।
अव्यवस्थाओं के कारण गायों की मौत हो रही है
गायों की मौत बीमारी के कारण होती है। बीमार गायों को गोशाला लाया जाता है यहां यह ठीक नहीं हो पाती हैं तो उनकी मौत हो जाती है। ठंड से गायों की मौत नहीं हुई है।

राजेश श्रीवास्तव Desk
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