क्यों बिकता है बाजार में पोषण आहार का राशन ?

सर्दियों के मौसम में आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पौष्टिक पोषण आहार देने के लिए कहा गया है। लेकिन नियमित निगरानी नहीं होने से ये पोषण आहार पात्र लोगों तक नहीं पहुंचता है।

ग्वालियर. सर्दियों के सीजन में हमारा प्रयास है कि जिले की सभी आंगनबाडिय़ों के अंतर्गत डेढ़ लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। इन सभी बच्चों को बेहतर पोषण आहार प्रदान कर इनके स्वास्थ्य को बेहतर करना ही हमारी प्राथमिकता है। इसके अलावा जितनी भी आदिवासी बस्तियां हैं, उन सभी में निरीक्षण करके स्थिति का आकलन किया जा रहा है। इन सभी बस्तियों में धात्री माताएं, प्रसूताएं, किशोरी बालिकाओं सहित शून्य से 10 साल तक के बच्चों के पोषण का परीक्षण किया जा रहा है। यह कहना है कि महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह का। उन्होंने कहा कि महिलाएं, किशोरी बालिकाएं और धात्री माताओं में खून की कमी को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
आंगनबाडिय़ां संचालित करने के लिए जो समय निर्धारित है, उसके हिसाब से संचालन नहीं हो रहा है?
- नहीं, ऐसा नहीं है, सर्दी की वजह से समय परिवर्तित हुआ है, केन्द्र तो खुल रहे हैं।
पोषण आहार को लेकर लगातार शिकायतें आती हैं, पर्यवेक्षकों की निगरानी सही नहीं है?
- हां, कभी-कभी मॉनिटरिंग में कमी हो सकती है, जो लापरवाही करता है, उस पर कार्रवाई होती है, पोषण आहार समय पर पहुंचे इसके लिए सभी सीडीपीओ ध्यान रख रहे हैं।
अक्सर टेक होम राशन के बाजार में बिकने की शिकायतें आती हैं, यह पकड़ा भी जा चुका है, लेकिन अंकुश नहीं लग सका है?
-बच्चों के लिए आने वाले आहार के बाजार बिकने की शिकायत मिलते ही हमने कार्रवाई की है, अभी हाल ही में एक कार्यकर्ता पर एफआइआर भी कराई गई है, इसके साथ ही खरीदने वाले को भी जेल भेजा गया है।
वर्तमान में बच्चों को पोषण को लेकर किस तरह काम हो रहा है?
- विंटर सीजन हैल्दी सीजन माना जाता है, इसलिए हमने सभी सीडीपीओ, सुपरवाइजर और आंगनवाड़ी वर्क र्स को निर्देश दिए हैं कि वे बस्तियों में जाकर स्वास्थ्य की जानकारी लें। बच्चों को पोषण आहार देने में कोताही न बरतें।

राजेश श्रीवास्तव Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned