14 लाख 26 हजार जनसंख्या वाले शहर के विकास को तभी मिलेगी गति, जब बनेंगी 187 किमी बेहतर सड़कें

नगर निगम के 66 वार्डों की सीमा में अभी लगभग 14 लाख 26 हजार जनसंख्या हो गई है। 423 वर्ग किलोमीटर में विस्तार लिए शहर की सीमा में आने वाले पंद्रह वर्ष में 20 से 22 लाख...

ग्वालियर. नगर निगम के 66 वार्डों की सीमा में अभी लगभग 14 लाख 26 हजार जनसंख्या हो गई है। 423 वर्ग किलोमीटर में विस्तार लिए शहर की सीमा में आने वाले पंद्रह वर्ष में 20 से 22 लाख होने की संभावना है। इसके साथ ही शहर की सीमा में भी करीब 70 वर्गकिलोमीटर तक विस्तार अनुमानित है। लगातार बढ़ रही जनसंख्या के हिसाब से लगातार हो रहे शहरीकरण के साथ ही भविष्य की योजनाओं पर विजन डॉक्यूमेंट के अंतर्गत प्लानिंग तैयार की गई है। इस प्लानिंग में शहर विकास को गति देने के लिए 187 किलोमीटर सड़कों को 48 महीने तक की अवधि में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें 30 लिंक रोड हैं। 13 किलोमीटर का एलीवेटेड रोड है। 15 किलोमीटर की स्मार्ट रोड शामिल हैं। इन सड़कों में से अधिकतर पर अभी काम सही तरीके से शुरू भी नहीं हुआ है। पश्चिमी बायपास का काम लगातार पांच वर्ष से अटका हुआ है, अब जबकि वन विभाग की एनओसी मिल गई है तब भी काम में लेटलतीफी जारी है। विशेषज्ञों की मानें तो प्लानिंग में शामिल सड़कों का विस्तार के लिए आने वाले दस वर्ष के लिए भी नाकाफी है। रोजगार की उपलब्धता के लिए विजन डॉक्यूमेंट में अभी 816 बड़े और मंझोले उद्योगों का उल्लेख किया गया है और आने वाले समय में अलग-अलग क्षेत्र के व्यवसाय को बढ़ाकर लगभग 25 हजार बेरोजगारों को काम दिलाने की योजना है। हालांकि, जिन योजनाओं के भरोसे रोजगार पैदा करने की उम्मीद जताई जा रही है, वे अभी स्वयं अपने अस्तित्व से जूझ रहे हैं।

इनसे है पहचान, मिलेगी विकास को गति
-शहर राष्ट्रीय राजमार्ग-3,75 और 92 से सीधा जुड़ा है।
-एयरफोर्स, सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ और डीआरडीई जैसे रक्षा क्षेत्र के राष्ट्रीय संस्थान हैं।
-संगीत विश्वविद्यालय, ऐतिहासिक स्थल और स्थापत्य की बेजोड़ सांस्कृतिक विरासत समेटे है।
-शिक्षा के क्षेत्र में जीवाजी, राजमाता विजयाराजे कृषि विश्वविद्यालय हैं। निजी क्षेत्र के एमिटी और आइटीएम विश्वविद्यालय हैं।
-पर्यटन और प्रबंधन के राष्ट्रीय प्रतिष्ठान ट्रिपल आइटीएम और आईआईटीटीएम प्रतिष्ठान हैं।
-शारीरिक और खेल प्रशिक्षण के विश्वस्तरीय संस्थान के रूप में एलएनआईपीई मौजूद है।
-दिव्यांगों के लिए राष्ट्रीय खेल परिसर निर्माणाधीन है।

यह चाहिए शहर को
महत्वपूर्ण लिंक रोड (पीडब्ल्यूडी)
-एबी रोड से तिली फैक्ट्री तक 1.7 किमी पर अभी 70 फीसदी काम हुआ है।
-रायरू से नयागांव तक 28.85 किमी 60 प्रतिशत काम हो चुका है।
-गोल पहाडिय़ा से गुप्तेश्वर मंदिर तक 9.2 किमी में 20 प्रतिशत काम हुआ है।
-सागरताल बावड़ी से आनंद नगर तक 2.4 किमी में 10 प्रतिशत काम हुआ है।
-मोतीझील से कमलाराजा युवराज मार्ग 2 किमी में 10 प्रतिशत काम हुआ है।
-जेल चौराहे से बहोड़ापुर चौराहा तक 2 किमी में 5 प्रतिशत काम हुआ है।
-सागरताल बावड़ी से जलालपुर चौराहा तक 2.5 किमी में 5 प्रतिशत काम हुआ है।
-अटल द्वार से बहोड़ापुर चौराहे तक 6.4 किमी फोर लेन में 5 प्रतिशत काम हुआ है।

ये हैं प्रस्तावित लिंक रोड (पीडब्ल्यूडी)
-नैनागिर से नाका चंद्रबदनी वाया गुलमोहर सिटी 5.2 किमी, जैतल विहार से रमौआ पहुंच मार्ग 1.5 किमी, चिरवाई नाके से कस्तूरबा चौराहा 5.5 किमी, शिवपुरी लिंक रोड से दक्षिण बायपास बाया पिपरौली 4 किमी, चार शहर का नाका से एयरपोर्ट 8 किमी, महाराजपुरा एयरपोर्ट से वीआइपी सर्किट हाउस तक 5.5 किमी, चौहान प्याऊ से शहीद गेट तक 1 किमी मार्ग शामिल है।

नगर निगम की सड़कें
-सिकंदर कंपू से बिरगइयों की पुलिया तक 2 किमी, बेहटा से जड़ेरुआ तक 6 किमी, मेहरा कॉलोनी से सचिन तेंदुलकर मार्ग तक 2 किमी, स्वर्णरेखा से एबी रोड गिरवाई थाने तक 3 किमी, लक्ष्मीगंज से ढोली बुआ पुल तक 2 किमी, सचिन तेंदुलकर मार्ग से हाइवे तक 4 किमी, कॉस्मो वेली से मर्सी होम तक 1.3 किमी, फोर्ट रिंग रोड 4 किमी, महाराजपुरा से शनिचरा बायपास तक 6.5 किमी लंबाई मिलाकर कुल 31.8 किमी सड़कों का निर्माण होना है।

जीडीए की सड़कें
-सिरोल गांव से हाईवे तक 1.5 किमी, ललियापुरा से रमौआ तक 5.5 किमी, शताब्दीपुरम से पुरानी छावनी तक 5 किमी सड़कें बनाई जानी हैं।


पश्चिमी बायपास
-कुल लंबाई 26.5 किलोमीटर
-राजस्व भूमि 18.5 किलोमीटर
-वन भूमि 8 किलोमीटर
-लागत 418 करोड़ रुपए
-एनएचएआई से लेआउट बन चुका है, वन विभाग से भी स्वीकृति मिल चुकी है।


स्मार्ट रोड (एबीडी क्षेत्र विकास)
-15.62 किलोमीटर एबीडी क्षेत्र में सडकों को बेहतर किया जाना है।
-थीम रोड पर निर्माण शुरू हो गया है। बाकी की सड़कों पर भी चरणबद्ध तरीके से काम होगा।
-इस काम में कैरिज वे इम्प्रेूवमेंट, अग्रिशमन हाइडेंट तंत्र, कार्बन सिंक पार्क, मल्टीलेबल बेसमेंट पार्किंग सहित अन्य काम शामिल हैं।
-299 करोड़ रुपए की लागत के इस प्रोजेक्ट के पहले फेज में 3.040 किमी, दूसरे फेज में 3.310 किमी, तीसरे फेज में 3.605 किमी,चौथे फेज में 2.790 किमी, पांचवे फेज में 3.060 किमी सड़क बनेगी।

रिज़वान खान Desk
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