scriptWon life by fighting eyes with death, now children's future should be | मौत से आंखेें लड़ाकर जीत ली जिंदगी, अब बच्चों का संवार रहे भविष्य | Patrika News

मौत से आंखेें लड़ाकर जीत ली जिंदगी, अब बच्चों का संवार रहे भविष्य

72 परसेंट बर्न हो गए थे आशीष, आज भी 40 परसेंट डिसेबिलिटी

ग्वालियर

Published: December 31, 2021 11:51:34 pm

ग्वालियर

इंसान में जब कुछ कर गुजरने का हौसला हो तो मौत भी उसका रास्ता नहीं रोक सकती। 72 परसेंट जलने के बाद भी ग्वालियर के आशीष चौहान ने हिम्मत नहीं हारी। तीन महीने हॉस्पिटल में और छह महीने बेड में रहने के बाद फिर उठ खड़े हुए और पहले से डांस सिखा रहे प्यारे बच्चों का सपने सच किए। 40 परसेंट डिसेबिलिटी होने के बाद भी इवेंट कंपनी स्टैंड की और 25 लोगों की टीम बनाकर शहर एवं बाहर के हर बड़े इवेंट कर रहे हैं। तमाम शारीरिक परेशानियों के बाद भी उनकी पहली प्राथमिकता बच्चों का सही गाइडेंस और दूसरा अपनी कंपनी को रन करने की रहती है।
मौत से आंखेें लड़ाकर जीत ली जिंदगी, अब बच्चों का संवार रहे भविष्य
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बच्चों को देखने अंदर जाते ही सिलेंडर हो गया था ब्लास्ट
आशीष ने बताया कि मैंने सन् 2008 से बच्चों को डांस सिखाना शुरू कर दिया था। मैं ही समर कैंप का कल्चर ग्वालियर में लेकर आया। 16 मई 2017 की बात है, जब स्कूल के किचन में आग लग गई। मैं नीचे बच्चों का डांस सिखा रहा था। यह देखते ही हमने बच्चों को बाहर निकाल लिया। मैं भी बाहर आ गया। मन में लगा कि कहीं कोई बच्चा अंदर तो नहीं रह गया। यह देखने अंदर गया तो वैसे ही सिलेंडर ब्लास्ट हो गया और मैं बुरी तरह से घायल हो गया।
डॉक्टर्स ने कहा था फिजिकली फिट नहीं हो पाऊंगा और मैं हो गया
ग्वालियर में चिकित्सकों ने मना कर दिया था। दिल्ली में दिखाया तो डॉक्टर्स ने निराश मन से एडमिट कर लिया। तीन महीने भर्ती रहा। घर आया तो छह महीने बेड पर ही रहा। डॉक्टर ने कहा कि मैं फिजिकली फिट नहीं हो पाऊंगा, लेकिन मुझे ठीक होना था। उन बच्चों के लिए जिन्होंने मेरे मार्गदर्शन में डांसर बनने के सपने देखे थे। मुझे अपने शरीर को उठाकर खड़ा करने में बहुत परेशानी हुई, लेकिन मैंने किया। मेरे द्वारा सिखाए बच्चे सभी बड़े शो कर रहे हैं। कुछ रियलिटी शो में भी पहुंच चुके हैं।
सारी परेशानियां मेरे हौसले के आगे बौनी
आशीष ने बताया कि मैं अभी भी 40 परसेंट डिसेबल हूं। मेरी उंगलियां काम नहीं करती। लेकिन मैं अपने आपको फिट मानता हूं। मेरा रुटीन तय है। अभी भी शरीर में बहुत सारी परेशानियां हैं, लेकिन मेरे हौसले के आगे बौनी है। मैं नए प्रोजक्ट पर काम कर रहा हूं, जो जल्द ही शहर के सामने होगा।

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