कोरोना से बचने जू मैनेजमेंट ने बनाए नियम, तीसरी लहर आते ही हर दिन होगा सेनेटाइजेशन

दो माह चिडिय़ाघर बंद होने से हिरन में बढ़ी एलर्टनेस, टाइगर हुआ एक्टिव

By: Mahesh Gupta

Published: 27 Jun 2021, 09:32 AM IST

ग्वालियर.

कोरोना ने समय के साथ बहुत कुछ बदल दिया है। इंसान से लेकर एनिमल्स तक में इसका असर देखने को मिला है। देश में कई जानवर भी संक्रमित हुए। इसी बात को ध्यान में रखते हुए चिडिय़ाघर प्रबंधन ने खास इंतजाम किए हैं। जानवरों को इन्फेक्शन से बचाने के लिए केज में दो ही कीपर जाते हैं। किसी अन्य की एंट्री वहां नहीं हैं। गेट पर कीपर के आने पर थर्मल स्क्रीनिंग से उनका टेम्प्रेचर चेक किया जाता है। चिडिय़ाघर अल्टरनेट सेनेटाइज होता है। भीड़ को एक जगह इक_ा नहीं होने दिया जाता। इसके साथ ही तीसरी लहर के लिए भी खास प्लानिंग की गई है।

बदला-बदला सा है एनिमल्स का स्वभाव
कोरोना कफ्र्यू के कारण चिडिय़ाघर लगभग दो माह बंद रहा। ऐसे में एनिमल्स के स्वभाव में कुछ परिवर्तन देखने को मिला है। चिडिय़ाघर में पांच प्रजाति के हिरन हैं व नील गाय हैं। सभी में एलर्टनेस बढ़ी है। लोगों को देखकर अब वह एक जगह लम्बे समय तक नहीं बैठ रहे। उनका मूवमेंट बना रहता है। जबकि पहले उनमें बैठने की आदत हो गई थी। वहीं टाइगर में भी एक्टिवनेस आई है। इसके अलावा अन्य एनिमल्स में कुछ खास अंतर देखने को नहीं मिल रहा।

तीसरी लहर में ये होंगे बदलाव
तीसरी लहर के आते ही हर दिन चिडिय़ाघर सेनेटाइज किया जाएगा। हर केज को दो लोग डील करेंगे, जो बदले नहीं जाएंगे। चिडिय़ाघर में आने वाले सभी लोगों का वैक्सीनेशन अनिवार्य होगा। किसी भी केज के पास भीड़ नहीं लगने दी जाएगी। सर्कल बनाए जाएंगे, जहां लोग खड़े होकर एनीमल्स देख सकेंगे। बच्चों की गाडिय़ों को हर बार सेनेटाइज कराया जाएगा।

वर्जन
कोरोना की दूसरी लहर में भी देश में कई एनीमल्स संक्रमित हुए, लेकिन हमने पूरा ध्यान रखा। अब भी सतर्कता बराबर है। तीसरी लहर आते ही हम काफी कुछ चेंज करेंगे, जिससे आने वाले लोग और एनीमल्स सुरक्षित रहें।
गौरव परिहार, जू क्यूरेटर

Mahesh Gupta
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