जब हर दुष्कर्मी को मिलेगी ऐसी सजा, तभी रुकेंगे बेटियों पर अपराध


- 11 माह में कोर्ट ने दुष्कर्मी को सुनाई कड़ी सजा
- दोषी को 20 वर्ष की कैद और 20 हजार रुपए अर्थदण्ड की सजा

By: Hariom Dwivedi

Updated: 17 Oct 2020, 12:31 PM IST

हमीरपुर. छह वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने आरोपित मुंहबोले चाचा को 20 वर्ष की कैद और 20 हजार अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। अर्थदण्ड की पूरी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी। घटना 11 माह पहले की है। पारिवारिक चाचा ने टॉफी देने के बहाने घर से बाहर खेल रही मासूम से दुष्कर्म किया था। पीड़िता के पिता ने दुष्कर्मी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। शुक्रवार को मुकदमे की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश द्वितीय (पास्को) नीरज कुमार महाजन ने दोष साबित होने पर आरोपी कड़ी सजा सुनाई। कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए लोगों ने कहा कि हर दुष्कर्मी को ऐसे ही कड़ी सजा मिलनी चाहिए, तभी बेटियों पर होने वाले अपराध रुक सकेंगे।

विशेष लोक अभियोजन पास्को एक्ट रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 24 नवम्बर 2019 की शाम 6 बजे के करीब छह वर्षीय बालिका अपने दरवाजे पर खेल रही थी। तभी उसका परिवारिक चाचा रामदेव निषाद आया और टॉफी देने की बात कहकर अपने साथ के गया। जहां उसने बालिका के साथ दुष्कर्म किया। इस घटना के बाद फिर उसे दरवाजे पर छोड़ गया। इसके बाद लहूलुहान बच्ची ने घर पहुंचकर अपने माता पिता को पूरी घटना बताई जिसके बाद बालिका का पिता उसे साथ लेकर थाने पहुंचा और पारिवारिक भाई के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया। शुक्रवार को मुकदमे की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायधीश द्वितीय (पास्को) नीरज कुमार महाजन ने रामदेव निषाद को पास्को का दोषी मानते हुए बीस वर्ष का कठोर कारावास व बीस हजार अर्थदण्ड की सजा सुनाई।

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