जल उपयोक्ता संगम अध्यक्ष का चुनाव करवाने गए कर्मचारी की हत्या करने के आरोपी को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा

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हनुमानगढ़. एडीजे कोर्ट द्वितीय ने बुधवार को हत्या मामले में दोषी सरपंच को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। प्रकरण के अनुसार मृतक कर्मचारी धर्मचंद शर्मा पुत्र विद्यासागर शर्मा जल संसाधन विभाग सूरतगढ़ के एक्सईएन कार्यालय में कार्यरत था। उसने पीलीबंगा पुलिस को पर्चा बयान दिया था कि वह १६ सितम्बर २०१३ को जोरावरपुरा लिंक के जेडडब्ल्यूडी के चक ११ से १८ में जल उपयोक्ता संगम अध्यक्षों व सदस्यों का चुनाव करवाने के लिए गया था।

By: Purushottam Jha

Published: 05 Sep 2019, 11:37 AM IST

जल उपयोक्ता संगम अध्यक्ष का चुनाव करवाने गए कर्मचारी की हत्या करने के आरोपी को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा

हनुमानगढ़. एडीजे कोर्ट द्वितीय ने बुधवार को हत्या मामले में दोषी सरपंच को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। प्रकरण के अनुसार मृतक कर्मचारी धर्मचंद शर्मा पुत्र विद्यासागर शर्मा जल संसाधन विभाग सूरतगढ़ के एक्सईएन कार्यालय में कार्यरत था। उसने पीलीबंगा पुलिस को पर्चा बयान दिया था कि वह १६ सितम्बर २०१३ को जोरावरपुरा लिंक के जेडडब्ल्यूडी के चक ११ से १८ में जल उपयोक्ता संगम अध्यक्षों व सदस्यों का चुनाव करवाने के लिए गया था। इस दौरान नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद चुनाव करवाने के लिए वह गांव में पहुंचा तो आरोपी व तत्कालीन सरपंच मंगतूराम गोदारा पुत्र सूरजाराम गोदारा वहां पहुंचा और कर्मचारी धर्मचंद शर्मा को भाग जाने के लिए कहा, काफी कहासुनी के बाद वह धर्मचंद के साथ मारपीट करने लगा, गंभीर घायल होने पर धर्मचंद को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया गया। उपचार के दौरान धर्मचंद शर्मा की मौत हो गई। पीलीबंगा पुलिस ने मामला दर्ज कर कोर्ट में चलान पेश किया। बुधवार को सुनवाई के दौरान दोष सिद्ध होने पर एडीजे द्वितीय सतपाल वर्मा ने हत्या के आरोपी तत्कालीन सरपंच मंगतूराम गोदारा पुत्र सूरजाराम गोदारा को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसमें आईपीसी की धारा ३०४ भाग द्वितीय में दोषी मानते हुए आरोपी को कारावास के अलावा ७० हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना राशि अदा नहीं करने पर सात माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। इसी तरह धारा ३५३ में दोषी मानते हुए एक वर्ष का कारावास व पांच हजार का जुर्माना, धारा ३३3 में दोष सिद्ध होने पर पांच वर्ष के कारावास के साथ ही ४० हजार का जुर्माना लगाया गया है। कोर्ट ने फैसले में यह भी लिखा है कि अपील अवधि समाप्त होने पर दोषी मृतक की पत्नी को जुर्माना राशि में से एक लाख रुपए का भुगतान करेगा। मामले में राज्य सरकार की तरफ से पैरवी एपीपी द्वितीय नरेंद्र कुमार ने की।

Purushottam Jha Reporting
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