कांग्रेस पार्षदों की क्रोस वोटिंग के बीच 'कांग्रेस के अनिल खीचड़ बने उपसभापति

कांग्रेस पार्षदों की क्रोस वोटिंग के बीच 'कांग्रेस के अनिल खीचड़ बने उपसभापति
- कांग्रेस के पांच पार्षदों ने की क्रोस वोटिंग, रडार पर आएंगे अब कई पार्षद
- अनिल को मिले सर्वाधिक ३४ मत, कांग्रेस से बागी हुए असलम अली टाक को भाजपा ने दिया था समर्थन तो मिले २५ मत

By: Anurag thareja

Published: 27 Nov 2019, 10:15 PM IST


कांग्रेस पार्षदों की क्रोस वोटिंग के बीच 'कांग्रेस के अनिल खीचड़ बने उपसभापति
- कांग्रेस के पांच पार्षदों ने की क्रोस वोटिंग, रडार पर आएंगे अब कई पार्षद
- अनिल को मिले सर्वाधिक ३४ मत, कांग्रेस से बागी हुए असलम अली टाक को भाजपा ने दिया था समर्थन तो मिले २५ मत

हनुमानगढ़. कांग्रेस पार्षदों की क्रोस वोटिंग के बीच कांग्रेस के अनिल खीचड़ शहरी सरकार के उपसभापति बने हैं। कांग्रेस के उपसभापति प्रत्याशी अनिल खीचड़ ने सर्वाधिक ३४ मत हासिल करते हुए अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस से बागी हुए असलम अली टाक को नौ वोट से हराया। टाक को २५ वोट मिले और एक मत खारिज हुआ। इधर, भाजपा ने अपने उपसभापति प्रत्याशी सुनील अमलानी का नामांकन वापस लेते हुए निर्दलीय प्रत्याशी असलम अली टाक को समर्थन दे दिया था। असलम को भाजपा खेमे से १९ मत हासिल हुए और कांग्रेस के पांच पार्षदों ने क्रोस वोटिंग करते हुए अपना मत टाक की झोली में डाला। ऐसे में अब विधायक चौधरी विनोद कुमार की रडार पर क्रोस वोटिंग करने वाले कई पार्षद आएंगे। ६० वार्डों में से कांग्रेस के खेमे में कुल ४१ पार्षद थे। इनमें से ३६ पार्षद कांग्रेस के और पांच पार्षद निर्दलीय हैं। ऐसे में कांग्रेस के अनिल खीचड़ को कुल ३४ मत मिले हैं और एक मत खारिज हुआ है। इधर, असलम ने अपनी ही पार्टी के खेमे में सेंधमारी करते हुए ६ पार्षदों को अपनी तरफ करने में कामयाब हुए या फिर पांच को। इस पर उपसभापति का चुनाव जीतते ही नगर परिषद सभागार में मौजूद सभापति गणेशराज बंसल, उपसभापति अनिल खीचड़ व पार्षद सुमित रिणवां मंथन करते हुए नजर आए। सुबह सवा दस बजे टाउन स्थित नगर परिषद सभागार में कांग्रेस से उपसभापति प्रत्याशी वार्ड २८ से पार्षद अनिल खीचड़ अपना नामांकन दाखिल करने आए। इसके पश्चात कांग्रेस से बागी हुए बतौर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर करीब साढ़े दस बजे वार्ड ४३ के पार्षद असलम अली टाक ने अपना पर्चा दाखिल किया। इसके तुरंत बाद भाजपा के उपसभापति प्रत्याशी वार्ड ५४ के निर्दलीय पार्षद सुनील कुमार ने अपना नामांकन जमा करवाया। असलम अली टाक के फार्म जमा करवाने के तुरंत बाद राजनीति गलियारों में हलचल तेज हो गई।

विधायक की पहली दिन से थी सहमति
सूत्रों के अनुसार विधायक चौधरी विनोद कुमार की पहली दिन से ही सभापति गणेशराज बंसल के साथ-साथ उपसभापति को लेकर अनिल खीचड़ पर सहमति थी। उपसभापति पद को लेकर कांग्रेस में खींचतान सभापति चुनाव से पहले ही शुरू हो गई थी। करीब १२ पार्षद खुद को उपसभापति का दावेदार मान रहे थे। ऐसे में एक जुटता का मंत्र देने के लिए मंगलवार शाम को विधायक चौधरी विनोद कुमार श्रीगंगानगर के रिसोर्ट में ठहरे पार्षदों से मिलने पहुंचे। करीब ढाई घंटे पार्षदों से समझाइश के बाद रात नौ बजे हनुमानगढ़ के लिए रवाना हो गए। इनके निकलते ही कांग्रेस में अंदरुनी खींचतान फिर से शुरू हो गई। रात ग्यारह बजे प्रदेश प्रभारी कुलदीप इंदौरा, पीसीसी सदस्य भूपेंद्र चौधरी, एडवोकेट मोहम्मद मुस्ताक आदि उसी रिसोर्ट में पहुंचे। इन सभी से एक पीआर फार्म भी भरवाया गया। जिसमें पार्टी से बाहर नहीं जाने की शपथ दिलवाई गई और बाहर जाने पर की जाने वाली कार्रवाई का जिक्र करते हुए चेताया गया। हालांकि इस घटनाक्रम से पूर्व पार्षद असलम अली टाक वहां से निकल गए थे।

२४ घंटे भी नहीं दिखी एकजुटता
निकाय चुनाव से पहले और बाद में कांग्रेस एक जुटता का जो दावा कर रही थी उसे भाजपा ने चौबीस घंटे में जनता के सामने ला दिया। ठीक एक दिन पहले मंगलवार को सभापति गणेशराज बंसल को कांग्रेस के सभी ३६ पार्षद व पांच वोट निर्दलीय पार्षदों से मिले थे। दरअसल सभापति चुनाव के दौरान भी कांग्रेस में खींचतान हुई थी। लेकिन विधायक ने समय रहते खींचतान को जग जाहिर होने से पहले पूरे डेमेज को कंट्रोल करते हुए सभी पार्षदों को एकजुट कर दिया और कांग्रेस का गणित बिगाडऩे के ताक में बैठी भाजपा की रणनीति फैल कर दी। लेकिन उपसभापति चुनाव में कांग्रेस से बागी होकर असलम अली टाक की ओर से नामांकन दाखिल करने पर भाजपा ने समर्थन देकर कांग्रेस की एक जुटता में सेंधमारी करने में काफी हद तक कामयाब हो गई।

भाजपा की गाडी से हुए रवाना
सुबह करीब साढ़े दस बजे निर्दलीय उपसभापति प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल करने के बाद भाजपा के पदाधिकारी असलम अली टाक को अपने साथ गाडी में लेकर रवाना हो गए। नगर परिषद सभागार के बाहर मौजूद लोगों ने इस दृश्य को देखते ही उपसभापति चुनाव परिणाम जानने को लेकर उत्सुकता बढ़ गई।


उपसभापति का नहीं होता सिंबल
जानकारी के अनुसार उपसभापति के चुनाव के लिए पार्टी प्रत्याशी का सिंबल नहीं जारी करती। पार्टी का सिंबल बतौर सभापति प्रत्याशी के लिए जमा करवाना अनिवार्य होता है। ऐसे में कांग्रेस के पार्षद अनिल खीचड़, असलम अली टाक व निर्दलीय पार्षद सुनील मील को भाजपा की ओर से जो नामांकन दाखिल करवाया गया था, यह सभी चुनाव आयोग के अनुसार बतौर निर्दलीय प्रत्याशी ही होते हैं।

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