छेड़ी बासुंरी की तान को मुग्ध हुए श्रोता

छेड़ी बासुंरी की तान को मुग्ध हुए श्रोता
छेड़ी बासुंरी की तान को मुग्ध हुए श्रोता

Anurag Thareja | Updated: 19 Sep 2019, 11:00:47 PM (IST) Hanumangarh, Hanumangarh, Rajasthan, India

छेड़ी बासुंरी की तान को मुग्ध हुए श्रोता स्पिक मैके के कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत की बिखेरी कला हनुमानगढ़. बांसुरी की तान व तबले की ताल के साथ जब राग मियां की मल्हार के स्वर छेड़े तो गुरूवार को जंक्शन सैनफोर्ट स्कूल परिसर में बैठे विद्यार्थी व शहरवासी मानों शास्त्रीय संगीत की सरिता में हिलौरे लेने लगे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कर्नल राजेन्द्र प्रसाद, साहित्यकार डॉ. प्रेम भटनेरी, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ओपी सुथार, पूर्व प्राचार्य सुशीला सुथार, भाजपा नेता विजय कौशिक, आर्य समाज प्रधान आनंद मोहन शर

छेड़ी बासुंरी की तान को मुग्ध हुए श्रोता
स्पिक मैके के कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत की बिखेरी कला

हनुमानगढ़. बांसुरी की तान व तबले की ताल के साथ जब राग मियां की मल्हार के स्वर छेड़े तो गुरूवार को जंक्शन सैनफोर्ट स्कूल परिसर में बैठे विद्यार्थी व शहरवासी मानों शास्त्रीय संगीत की सरिता में हिलौरे लेने लगे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कर्नल राजेन्द्र प्रसाद, साहित्यकार डॉ. प्रेम भटनेरी, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ओपी सुथार, पूर्व प्राचार्य सुशीला सुथार, भाजपा नेता विजय कौशिक, आर्य समाज प्रधान आनंद मोहन शर्मा, सुरेंद्र कुमार यादव थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय डायरेेक्टर ईना सैनी ने की। स्पिकमैके हनुमानगढ़ के तत्वावधान में हुए अन्तरराष्ट्रीय बांसुरी वादक रोनू मजूमदार ने बांसुरी पर राम मियां की मल्हार में आलाप, जोड़, तान छेड़ी तो परिसर तालियों से गूंज उठा। मजूमदार ने विद्यार्थियों को शास्त्रीय संगीत की बारिकियों से रूबरू कराया। इस दौरान उन्होने मियां मल्हार में कारे बदरिया घिर आए व राग सुरदास मल्हार में घिर आए बेरी बदरवा की बंदिश सुनाई। इसके बाद मांड राग में केसरिया बालम पधारो म्हारे देस.... वादन के साथ ही गाकर भी सुनाया। कलाकार के साथ अजीत पाठक ने तबले पर व कल्पेश ने बांसुरी पर संगत की। कार्यक्रम के अंत में अतिथि व स्पिकमैके के संयोजक मनीष जांगिड़, सचिव भारतेन्दू सैनी, रामनिवास माण्डन, विजय वर्मा, करनैल सिंह, मनीष कौशिक आदि ने कलाकारों का शॉल उढ़ाकर व स्मृति चिन्ह देकर उनका अभिनंदन किया। मंच संचालन कोमलप्रीत ने किया। सफल आयोजन में टाउन के सैन्ट लॉरेस कॉन्वेट स्कूल, जंक्शन के चाणक्य क्लासेज के विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
विदेशों में भी ख्याती
रोनू मजूमदार ने भारतीय साज बांसुरी को आज के आधुनिक युग में विश्व पटल पर लोकप्रिय बनाने में अहम योगदान दिया है। मजूमदार देश के साथ विदेशों में भी अपनी कला को बिखेर चुके हैं। इन्होंने बताया कि पंडित किशन महाराज, ठुमरी गायिका गिरिजादेवी व शहनाई के उस्ताद बिस्मिल्ला खान सरीखे शास्त्रीय संगीत के गुणीजनों के सानिध्य में रहकर संगीत की बारिकियां सीख चुके हैं।

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