बीबीएमबी ने नहीं बढ़ाया राजस्थान का शेयर, मावठ से ही सुलझेगा नहरी पानी का गणित

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हनुमानगढ़. भाखड़ा व्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) की बैठक में दिसम्बर में राजस्थान की नहरों में चलने वाले सिंचाई पानी का निर्धारण किया गया।

 

By: Purushottam Jha

Published: 20 Nov 2020, 10:07 AM IST

बीबीएमबी ने नहीं बढ़ाया राजस्थान का शेयर, मावठ से ही सुलझेगा नहरी पानी का गणित
-शेयर में बढ़ोतरी नहीं होने से 30 दिसम्बर तक यथावत रहेगा इंदिरागांधी नहर का रेग्यूलेशन
हनुमानगढ़. भाखड़ा व्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) की बैठक गुरुवार को हुई। इसमें दिसम्बर में राजस्थान की नहरों में चलने वाले सिंचाई पानी का निर्धारण किया गया। वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिए हुई बैठक में राजस्थान का प्रतिनिधित्व जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने किया। उन्होंने बताया कि ड्राइ सीजन में अपेक्षित आवक की तुलना में बांधों में अच्छी आवक नहीं हुई। ड्राइ सीजन में औसत पानी की आवक होने से राजस्थान के शेयर में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं हुई। इससे इंदिरागांधी नहर का वर्तमान रेग्यूलेशन अब तीस दिसम्बर तक यथावत रहेगा। इस नहर को तीस दिसम्बर तक तीन में एक समूह में चलाने जितना पानी देने पर बैठक में सहमति बनी है। उन्होंने बताया कि दिसम्बर में राजस्थान को रावी व्यास से १००००, सतलुज वाया पंजाब से १००० व सतलुज वाया हरियाणा से ५०० क्यूसेक पानी मिलेगा। इससे इंदिरागांधी नहर को तीन में एक समूह में चलाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। दूसरी तरफ क्षेत्र के किसानों की मांग है कि इंदिरागांधी नहर को चार में दो समूह में चलाया जाए। लेकिन विभागीय अधिकारी बांधों में आवक की स्थिति ठीक नहीं होने की बात कह कर किसानों की मांग के अनुसार नहरों में पानी चलाने में असमर्थता जाहिर कर रहे हैं। अब सबकी नजरें मावठ पर टिकी हुई है। आगे मावठ की बारिश से ही रेग्यूलेशन की उलझन को सुलझाना संभव हो सकेगा। हालांकि मावठ कब तक आएगी इसकी स्थिति अभी साफ नहीं हुई है।

तभी मिलेगा पूरा पानी
२१ सितम्बर २०२० को किए गए आंकलन के अनुसार रावी व्यास नदियों के पानी में राजस्थान का डिप्लीशन अवधि में पानी का कुल हिस्सा १७८३९६३ क्यूसेज डेज तय किया गया है। इसमें इंदिरागांधी नहर परियोजना का हिस्सा १३३१८५७ क्यूसेक डेज है। इस उपलब्ध पानी के आधार पर विभाग ने जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में सात बारी पानी का निर्धारण किया था। इसमें दो बारी पानी यानी 26 सितम्बर से तीस अक्टूबर २०२० तक इंदिरागांधी नहर को चार में दो समूह में चलाने के बाद बाकी की पांच बारी तीन में एक समूह में चलाने पर सहमति बनी थी। इस रेग्यूलेशन के अनुसार नहरों को चलाने के लिए भी कुल १५६१३७५ क्यूसेक डेज पानी की जरूरत है। इस समय वर्तमान रेग्यूलेशन को प्रभावी बनाने में भी २२९५१८ क्यूसेक डेज पानी की कमी महसूस की जा रही है।

किसान बिजाई में जुटे
इस समय हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर जिले में किसान रबी फसलों की बिजाई में जुटे हैं। गेहूं बिजाई से परहेज करने को लेकर सिंचाई विभाग पहले ही किसानों से आग्रह कर चुका है। मगर किसान लगातार गेहूं की बिजाई में जुटे हैं। वर्तमान में ठंड बढऩे के कारण गेहूं की बिजाई गति भी बढ़ी है। गेहंू उत्पादन में अभी तक हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर जिला पूरे प्रदेश में अव्वल रहा है।

जल स्तर पर नजर
१८ नवम्बर २०२० को भाखड़ा बांध का जल स्तर १६३३.५८ फीट रहा। जबकि पौंग बांध का जल स्तर १३५८.६८ फीट था। दोनों बांधों में में संग्रहित पानी को ही इंदिरागांधी व भाखड़ा नहरों में प्रवाहित किया जाता है। इन दोनों नहरों से राजस्थान के हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर, जैसलमेर, नागौर सहित करीब दस जिलों को जलापूर्ति होती है।

Purushottam Jha Reporting
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