टूटी एनजीसी नहर, फसलें हुई जलमग्न

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हनुमानगढ़. ग्राम पंचायत सतीपुरा की रोही स्थित चक 44 एनजीसी में शुक्रवार अल सुबह साउथ घग्घर कैनाल (एनजीसी) नहर ओवरफ्लो होकर टूट गई। इससे आसपास के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जलमग्न हो गई।

 

By: Purushottam Jha

Published: 15 Jan 2021, 08:30 PM IST

टूटी एनजीसी नहर, फसलें हुई जलमग्न
हनुमानगढ़. ग्राम पंचायत सतीपुरा की रोही स्थित चक 44 एनजीसी में शुक्रवार अल सुबह साउथ घग्घर कैनाल (एनजीसी) नहर ओवरफ्लो होकर टूट गई। इससे आसपास के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। नहर में आए कटाव के कारण नहर से चिपते कई बीघा में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह जलमग्न होने व मिट्टी के नीचे दबने से खराब हो गई। एनजीसी नहर इससे पहले भी टूट चुकी है। इससे पहले 2019 की शुरुआत में भी ओवरफ्लो होने से यह नहर टूटी थी। सूचना पर सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पानी बंद करवा नहर में आए कट को भरने का कार्य शुरू करवाया। नहर टूटने की सूचना मिलते ही आसपास के खेतों के किसान व गांव सतीपुरा के ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा इस नहर के अधीन आने वाले सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद नहरी विभाग की सूचना पर पीछे से नहर बंद करवाई गई। मौके पर मौजूद किसानों ने बताया कि नहर टूटने से आसपास के किसानों के खेतों में पानी चला गया। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जलमग्न होने व खेत में मिट्टी भरने से खराब हो गई। इसके अलावा पानी सैकड़ों बीघा में खड़ी फसलों में चला गया। किसानों का आरोप है कि नहर अध्यक्ष व विभाग के अधिकारी अपना काम सही ढंग से नहीं कर रहे। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पानी भरने से फसल का नुकसान हुआ वह अलग है, अब नहर बंद रहने से कई किसानों की बारियां पिट जाएंगी। जिला प्रमुख कविता मेघवाल ने भी मौके पर पहुंच नहर टूटने से हुए नुकसान का जायजा लिया। किसानों का कहना था कि नहर टूटने से हुए नुकसान की सरकार भरपाई करे। प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की।

नहर में पहली बार पानी देख कुछ किसानों ने बिना फसल के खेतों में लगाया पानी
हनुमानगढ़. सख्ती करने पर अब सिद्धमुख-नोहर परियोजना की नहरों की स्थिति सुधरने लगी है। तय रेग्यूलेशन के अनुसार पानी चलने से किसानों ने राहत की सांस ली है। इससे भविष्य में टेल के आसपास के क्षेत्रों के हराभरा होने की उम्मीद कर सकते हैं। जिला कलक्टर जाकिर हुसैन ने बताया कि रासलना वितरिका के ग्रुप सी रेगुलेशन के तीसरे दिन भी सभी माइनरों को पूर्ण क्षमता के अनुरूप चलाया गया। मौका मजिस्ट्रेट, गश्ती दल एवं सुपरवाइजरी अधिकारी लगातार पानी चोरों पर नजर रखे हुए हैं। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता महेंद्र सिंह कुलहरि ने बताया कि गुरुवार सुबह हरियाणा ने काजल हेड से फीडर मे पानी घटा दिया लेकिन हरियाणा सिंचाई विभाग के अधिकारियों से पानी बढ़ाने का निवेदन किया गया एवं उन्होंने हमारी मांग अनुसार 400 क्यूसेक पानी उपलब्ध करवाने का पूरा भरोसा दिलाया है। सिंचाई विभाग के सभी अभियंता भी रासलना की माइनरों पर देखरेख कर रहे हैं। कुछ आउटलेट्स पर गिनती के किसानों ने फसल ऊगा रखी है, अत: ऐसी जगहों पर अगर किसान सिंचाई के बाद मोघा बंद कर देते हैं तो नहर टूटने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं चारणवाली माइनर पर कुछ किसानों ने बिना फसल के ही खेती की तैयारी शुरू कर दी तो उनको समझाया गया कि इस समय कोई भी फसल बोना उनके लिए फायदेमंद नहीं होगा तथा फील्ड में सिंचाई विभाग के स्टाफ ने किसानों को ऐसा बताना शुरू किया है।

Purushottam Jha Reporting
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