प्रदेश के कई जिलों में गहराया नहरी पानी का संकट, भाजपा विधायकों ने सरकार पर साधा निशाना

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हनुमानगढ़. राजस्थान कैनाल में करीब दस दिनों से सिंचाई पानी का संकट बना हुआ है। इससे किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है। विपक्षी विधायक भी किसानों की मांग को मुखर करने में लग गए हैं।

 

By: Purushottam Jha

Published: 05 Feb 2021, 09:40 AM IST

प्रदेश के कई जिलों में गहराया नहरी पानी का संकट, भाजपा विधायकों ने सरकार पर साधा निशाना
-सिंचाई पानी की मांग को लेकर विधायकों ने पूर्व जल संसाधन मंत्री के नेतृत्व में मुख्य अभियंता से मिलकर शेयर के अनुसार नहरों में पानी चलाने की रखी मांग
हनुमानगढ़. राजस्थान कैनाल में करीब दस दिनों से सिंचाई पानी का संकट बना हुआ है। इससे किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है। विपक्षी विधायक भी किसानों की मांग को मुखर करने में लग गए हैं। गुरुवार को पूर्व जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप के नेतृत्व में श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिले के भाजपा विधायकों ने मुख्य अभियंता विनोद मित्तल से मिलकर नहरों में तय शेयर के अनुसार पानी चलाने की मांग रखी। इस दौरान पूर्व जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश सरकार इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही है। इसका खमियाजा किसान भुगत रहे हैं। किसानों की बारियां लगातार पिट रही है। विधायकों ने पंजाब भाग में जहां राजस्थान फीडर क्षतिग्रस्त हुई है, वहां पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग की। साथ ही बताया कि गत दिनों पंजाब क्षेत्र में इंदिरागांधी नहर परियोजना की आरडी 433 पर डैमेज हुई लाइनिंग की वजह से इंदिरा गांधी नहर के साथ-साथ भाखड़ा नहर सिंचाई परियोजना की समस्त वितरिकाओं में सिंचाई पानी की कमी आ गई है। इससे दोनों नहरी परियोजनाओं के किसानों की मौजूदा रबी सीजन की गेहूं, चना, जौ, सरसों की फसल के साथ पशुओं के हरे-चारे पर सिंचाई पानी का संकट पैदा हो गया है। इस समय इन फसलों को सिंचाई पानी अतिआवश्यक है लेकिन पिछले करीब 15 दिनों से जिन किसानों की सिंचाई पानी की बारियां थी उनको लगातार तीन से चार बार बिना सिंचाई पानी के रहने से खेतों में खड़ी फसलें मुरझाने के कगार पर हैं। ऐसे हालातों को देखते हुए अगर जल्द ही सिंचाई पानी की रेगुलेशन प्रणाली को सुचारू नहीं किया गया तो किसानों को बहुत बड़ा नुकसान होगा। इसको लेकर किसानों में सिंचाई विभाग के प्रति भारी रोष है। जिन किसानों की बारियां पिटी है, उनको अतिरिक्त पानी देने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि किसानों की इस सिंचाई पानी से जुड़ी समस्या का अगर जल्द ही निराकरण नहीं किया गया तो भारतीय जनता पार्टी प्रभावित किसानों को साथ लेकर बड़ा आंदोलन करेगी। इस मौके पर हनुमानगढ़ भाजपा जिलाध्यक्ष बलवीर बिश्नोई, श्रीगंगानगर जिलाध्यक्ष आत्माराम तरड़, पीलीबंगा विधायक धर्मंेद्र मोची, संगरिया विधायक गुरदीप सिंह शाहपीनी, रायसिंहनगर विधायक बलवीर लूथरा, अनूपगढ़ विधायक संतोष बावरी व सूरतगढ़ के पूर्व विधायक राजेंद्र भादू आदि मौजूद रहे।

सीएम के पास नहरी विभाग
हनुमानगढ़ में चीफ इंजीनियर के साथ हुई वार्ता में पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप ने कहा कि पंजाब क्षेत्र में नहर में दो बार लीकेज के कारण पानी काफी कम हो गया है। इससे खासतौर से भाखड़ा सिस्टम बुरी तरह से पिटी है। ऊपर से बरसात नहीं होने व गर्मी के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारे समय में भी नहर में लीकेज आई थी, लेकिन सीएम ने तत्काल मामला समझकर इसका समाधान निकाला था। लेकिन अब राजस्थान सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही। चीफ इंजीनियर ने कहा कि राजस्थान में जल संसाधन विभाग भी सीएम के पास ही है। हम सब शेयर के अनुसार पानी लेने के प्रयास में हैं। जल्द स्थिति में सुधार की उम्मीद है।

यह हैं नहरों के हालात
२४ जनवरी व एक फरवरी को राजस्थान फीडर पंजाब भाग में दरारें पडऩे के कारण इस नहर में पानी की मात्रा एक बार शून्य कर दी गई थी। इससे इंदिरागांधी व भाखड़ा नहरों के हजारों किसानों की पानी बारियां लगातार पिट रही है। इससे फसलों को सिंचाई पानी नहीं मिल पा रहा। हालांकि दरारों को भरने के बाद अब इसमें धीरे-धीरे पानी बढ़ाया जा रहा है। इससे आने वाले दिनों में स्थिति सुधरने की बात अधिकारी कह रहे हैं। लगातार पिट रही बारियों से आक्रोशित किसानों व नहर अध्यक्षों ने बुधवार को जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय का घेराव भी किया था। अब गुरुवार को भाजपा विधायकों ने भी मुख्य अभियंता से मिलकर दबाव बनाने का प्रयास किया है।

Purushottam Jha Reporting
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