नेताजी के 'कर कमलों' के चक्कर में करना पड़ रहा इंतजार

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अदरीस खान @ हनुमानगढ़. नेताओं के 'कर कमलोंÓ से पुरस्कार वितरण के चक्कर में होनहार बेटियों को मान-सम्मान और इनामी राशि के लिए कई महीनों तक इंतजार करना पड़ सकता है। बालिका शिक्षा प्रोत्साहन को लेकर दिए जाने वाले सबसे बड़े इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार वितरण की तिथि बीत चुकी है।

By: adrish khan

Published: 22 Nov 2020, 09:50 AM IST

नेताजी के 'कर कमलों' के चक्कर में करना पड़ रहा इंतजार
- जन प्रतिनिधियों के कर कमलों के चक्कर में बेटियों के मान-सम्मान में देरी
- होनहार बालिकाओं के सम्मान से ज्यादा नेताजी की समारोह में शिरकत अधिक महत्वपूर्ण
अदरीस खान @ हनुमानगढ़. नेताओं के 'कर कमलोंÓ से पुरस्कार वितरण के चक्कर में होनहार बेटियों को मान-सम्मान और इनामी राशि के लिए कई महीनों तक इंतजार करना पड़ सकता है। बालिका शिक्षा प्रोत्साहन को लेकर दिए जाने वाले सबसे बड़े इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार वितरण की तिथि बीत चुकी है। अभी भी इसके वितरण को लेकर शिक्षा विभाग के पास कोई दिशा-निर्देश नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर पुरस्कार वितरण होना था।
मगर पंचायत राज चुनाव आचार संहिता व इसमें नेताओं के व्यस्त होने के कारण पुरस्कार वितरण स्थगित कर दिया गया। हालांकि इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार वितरण समारोह में कहीं भी आचार संहिता का डंडा नहीं अड़ता है। क्योंकि समारोह जिला मुख्यालय पर ही होता है जो नगर परिषद व नगर निगम क्षेत्र में आते हैं। लेकिन नेतागण चुनाव में व्यस्त हैं जो समारोह को समय नहीं दे सकते। इसमें शिरकत का मौका भी वे छोडऩा नहीं चाहते। शायद इसीलिए समारोह स्थगित किए गए हैं। मेधावी बालिकाएं टकटकी लगाए पुरस्कार समारोह की प्रतीक्षा कर रही हैं।
गाइडलाइन का मसला नहीं
इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार वितरण समारोह में ज्यादा भीड़ भी नहीं होती। क्योंकि एक जिले में अधिकतम 32 छात्राओं को ही इस बार सम्मानित किया जाना है। ऐसे में कोरोना गाइडलाइन संबंधी कोई मसला भी खड़ा नहीं होता। आठवीं कक्षा की छात्राओं को परीक्षा नहीं होने के कारण इस साल इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार संभवत: नहीं दिया जाएगा। चूंकि अब तक चयनित छात्राओं की सूची ही जारी नहीं की गई है। इसकी वजह यह है कि बिना परीक्षा चयन किस आधार पर किया जाए।
बहुत जरूरी
ऐसी बात नहीं है कि जन प्रतिनिधियों की समारोह में मौजूदगी के चक्कर में पहली बार वितरण स्थगित किया गया है। बीत बरस नगर निकाय चुनाव आचार संहिता के चलते जिला मुख्यालयों पर होने वाले इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार समारोह स्थगित कर दिए गए थे। फिर यह पुरस्कार बालिकाओं को बसंत पंचमी पर मिलने की उम्मीद बंधी थी। मगर बाद में पंचायत चुनाव आचार संहिता हटने के बाद फरवरी में पुरस्कार वितरण हुआ। मतलब कि नेताओं के कर कमलों से वितरण बहुत जरूरी है।
प्रतीक्षा में सैकड़ों
प्रत्येक जिले में कक्षा 8, 10 व 12 की आठ-आठ छात्राओं को इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार दिया जाता है। सामान्य, ओबीसी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, एसबीसी, अल्पसंख्यक, बीपीएल व दिव्यांग वर्ग से जिला टॉपर एक-एक छात्रा का चयन किया जाता है। इस बार आठवीं कक्षा की छात्राओं की सूची जारी नहीं की गई है। ऐसे में प्रदेश में कुल 1056 छात्राएं पुरस्कार की प्रतीक्षा में हैं। कक्षा दस की छात्राओं को पिचहत्तर तथा बारहवीं की छात्राओं को एक लाख रुपए बतौर पुरस्कार राशि दिए जाते हैं। बारहवीं की छात्राओं को राशि के साथ-साथ स्कूटी भी दी जाती है।
नहीं कोई निर्देश
इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार के लिए चयनित छात्राओं की सूची माशिबो जारी कर चुका है। चयनित छात्राओं से आवेदन लेकर जांच की जा चुकी है। पुरस्कार वितरण समारोह को लेकर कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। - रणवीर शर्मा, एडीईओ माध्यमिक मुख्यालय।

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