बीबीएमबी की बैठक मेंं होगा हमारे हिस्से का निर्धारण

बीबीएमबी की बैठक मेंं होगा हमारे हिस्से का निर्धारण
बीबीएमबी की बैठक मेंं होगा हमारे हिस्से का निर्धारण

Purushotam Jha | Updated: 18 Sep 2019, 08:05:19 PM (IST) Hanumangarh, Hanumangarh, Rajasthan, India

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हनुमानगढ़. भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) की बैठक गुरुवार को चंडीगढ़ में होगी। इसमें भराव अवधि में बांधों में भंडारित पानी के अनुपात में संबंधित राज्यों के शेयर का निर्धारण किया जाएगा।

 


-फसलों को सिंचाई के लिए पूरा पानी मिलने की उम्मीद
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हनुमानगढ़. भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) की बैठक गुरुवार को चंडीगढ़ में होगी। इसमें भराव अवधि में बांधों में भंडारित पानी के अनुपात में संबंधित राज्यों के शेयर का निर्धारण किया जाएगा। बैठक में राजस्थान का प्रतिनिधित्व जल संसाधन उत्तर संभाग कार्यालय हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद कुमार मित्तल करेंगे। उन्होंने बताया कि मानसून सत्र में कितना पानी बांधों में आया है तथा उसमें राजस्थान का कितना शेयर बनता है, इसका निर्धारण इस बैठक में किया जाएगा। इसके बाद स्थानीय स्तर पर जल परामर्शदात्री समिति की बैठक बुलाकर जनप्रतिनिधियों की राय के अनुसार नहरों का रेग्यूलेशन निर्धारित किया जाएगा। वहीं मानसून की मेहरबानी के चलते इस बार जिस तरह से बांधों में पानी भंडारित हुआ है, वह अधिकारियों व किसानों को उत्साहित करने वाला है। दोंनों बांधों का जल स्तर अधिकतम भराव क्षमता के नजदीक है। इस तरह खरीफ फसलों के साथ ही रबी फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को पूरा पानी मिलने के आसार हैं।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सितम्बर के दूसरे पखवाड़े मे भाखड़ा बांध का जल स्तर गत वर्ष १६५१ फीट के करीब था, जो इस वर्ष बढक़र १६७५ फीट हो गया है। इसी तरह पौंग का जल स्तर गत वर्ष १३७७ फीट के करीब था, जो इस वर्ष १३८७ फीट के करीब है। पौंग बांध के जल भराव की अधिकतम क्षमता १३९० व भाखड़ा की अधिकतम भराव क्षमता १६८० फीट निर्धारित की गई है। इस तरह दोनों बांधों का जल स्तर इस वर्ष अधिकतम भराव क्षमता के आसपास पहुंंच गई है। इस मानसून सीजन में तो हालात ऐसे बन गए थे कि मानसून खत्म होने के एक माह पहले ही बांधों के लबालब होने के कारण लाखों क्यूसेक डेज पानी को हरिके डाउन स्ट्रीम के जरिए पाकिस्तान क्षेत्र में प्रवाहित किया गया।

चार में दो समूह की मांग
इंदिरागांधी नहर को वर्तमान में चार में दो समूह में चलाया जा रहा है। आगे भी इस नहर को इसी रेग्यूलेशन में चलाने की मांग किसान संगठन कर रहे हैं। बांधों का जल स्तर संतोषजनक रहने के कारण रबी बिजाई के लिए किसानों को मांग के अनुसार सिंचाई पानी मिलने की उम्मीद है। रबी सीजन में प्रमुख फसल गेहूं की बिजाई की जाती है। इस फसल की बिजाई करने के कारण सर्वाधिक पानी की जरूरत पड़ती है। राजस्थान में एफसीआई की ओर से समर्थन मूल्य पर खरीद की जाने वाली गेहूं में करीब ६५ प्रतिशत गेहूं अकेले हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर जिले में किया जाता है।

इसलिए होती है बैठक
1981 में पांच राज्यों के बीच हुए जल समझौते के तहत राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली तथा जम्मू-कश्मीर में पेयजल तथा सिंचाई पानी उपलब्ध करवाने के लिए पांचों राज्यों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक चंडीगढ़ में होती है। बीबीएमबी की बैठक में सभी सदस्यों की उपस्थिति में डैम के जल स्तर के अनुपात में राज्यों को पानी वितरित किया जाता है। 21 मई से 21 सितंबर तथा फिलिंग अवधि तथा 21 सितंबर से 20 मई तक डिप्लिशन अवधि के हिसाब से विभिन्न राज्यों को वितरित होने वाले पानी के हिस्से का निर्धारण होता है।

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