केन्द्र के 'जवाहर' से राज्य सरकार कर रही परहेज

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हनुमानगढ़. पिछली सरकार की तरह यह राज्य सरकार भी केन्द्र के 'जवाहरÓ से परहेज कर रही है। प्रथम प्रधानमंत्री के नाम से प्रदेश भर में संचालित हो रहे जवाहर नवोदय विद्यालयों के होनहारों से जिले से लेकर प्रदेश में दोहरा बर्ताव किया जा रहा है। टॉपर होने के बावजूद विद्यार्थियों को लेपटॉप व स्कूटी वितरण या पद्माक्षी सहित अन्य किसी योजना में शामिल नहीं किया जा रहा है, जिसका संचालन राज्य सरकार कर रही हो।

By: adrish khan

Published: 07 Jul 2019, 12:48 PM IST

केन्द्र के 'जवाहर' से राज्य सरकार कर रही परहेज
- जवाहर नवोदय विद्यालयों के होनहारों को लेपटॉप, स्कूटी सहित किसी भी योजना में नहीं किया जाता शामिल
- प्रदेश में कुल 32 जवाहर नवोदय स्कूल
हनुमानगढ़. पिछली सरकार की तरह यह राज्य सरकार भी केन्द्र के 'जवाहरÓ से परहेज कर रही है। प्रथम प्रधानमंत्री के नाम से प्रदेश भर में संचालित हो रहे जवाहर नवोदय विद्यालयों के होनहारों से जिले से लेकर प्रदेश में दोहरा बर्ताव किया जा रहा है। टॉपर होने के बावजूद विद्यार्थियों को लेपटॉप व स्कूटी वितरण या पद्माक्षी सहित अन्य किसी योजना में शामिल नहीं किया जा रहा है, जिसका संचालन राज्य सरकार कर रही हो। यह स्थिति जिले में संचालित जवाहर नवोदय विद्यालय से लेकर प्रदेश के सभी ढाई दर्जन से अधिक विद्यालयों में है। इनमें हर साल सैकड़ों विद्यार्थी लेपटॉप व स्कूटी योजना की पात्रता के हिसाब से अंक हासिल करते हैं। मगर इनसे वंचित रह जाते हैं।
जानकारों के अनुसार स्कूटी व लेपटॉप वितरण योजना का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाना है। जबकि सीबीएसई से जुड़े जवाहर नवोदय विद्यालयों में तो नामांकन बढ़ाने की सिरदर्दी बिलकुल भी नहीं है। क्योंकि वहां तो प्रवेश की इतनी मारामारी रहती है कि परीक्षा के जरिए प्रवेश दिए जाते हैं। मगर ऐसी ही स्थिति कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की है। वहां भी जवाहर नवोदय की तरह ही तमाम सुविधाएं मिलती हैं तथा सीट भी सभी भरी रहती है। फिर भी केजीबीवी की बालिकाओं को पुरस्कार वितरण में शामिल किया जाता है।


ऐसी है स्थिति
बात अगर जिले की करें तो इस वर्ष पल्लू स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के दसवीं के दो विद्यार्थियों ने 95 तथा एक ने 96 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए। यही स्थिति गत वर्ष परीक्षा परिणाम की रही थी। इसके बावजूद उनको लेपटॉप आदि योजना में शामिल नहीं किया जाता।


राज्य में 32 स्कूल
प्रदेश में कुल 32 जवाहर नवोदय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें से हनुमानगढ़ में एक तथा श्रीगंगानगर में दो हैं। राज्य के इन 32 विद्यालयों में हजारों विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। हर साल सैकड़ों पढ़ेसरी बोर्ड परीक्षाओं में 90 या उससे अधिक प्रतिशत प्राप्त करते हैं। लेकिन सम्मान से वंचित रह जाते हैं।


हो जाए तो अच्छा
विद्यालय में विद्यार्थियों को तमाम सुविधाएं दी जाती हैं। उनको लेपटॉप, स्कूटी या अन्य योजना के तहत पुरस्कृत नहीं किया जाता है। यदि ऐसा हो जाए तो और अच्छा ही है। - एमएल वर्मा, प्राचार्य, जवाहर नवोदय विद्यालय पल्लू।


शामिल नहीं
लेपटॉप, साइकिल, स्कूटी आदि राज्य सरकार की योजनाएं हैं। इसमें जवाहर नवोदय विद्यालयों के बच्चों को शामिल नहीं किया जाता। - तेजासिंह गदराना, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, हनुमानगढ़।

adrish khan Reporting
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