110 मीटर की ऊंचाई पर शहर की तस्वीरों को कैद कर रहा ड्रोन


110 मीटर की ऊंचाई पर शहर की तस्वीरों को कैद कर रहा ड्रोन
- मुंबई की कंपनी कर रही सर्वे, 55 लाख रुपए आएगी लागत
हनुमानगढ़. जीयोग्राफीकल इंर्फोमेशन सिस्टम के जरिए हनुमानगढ़ शहर को करीब सात भागों में बांटकर जोनल प्लान तैयार किया जा रहा है।

By: adrish khan

Published: 20 Sep 2021, 10:05 PM IST


110 मीटर की ऊंचाई पर शहर की तस्वीरों को कैद कर रहा ड्रोन
- शहरी क्षेत्र का ज्ञान, टाउन के फोर्ट ग्राउंड से की शुरूआत
- मुंबई की कंपनी कर रही सर्वे, 55 लाख रुपए आएगी लागत
हनुमानगढ़. जीयोग्राफीकल इंर्फोमेशन सिस्टम के जरिए हनुमानगढ़ शहर को करीब सात भागों में बांटकर जोनल प्लान तैयार किया जा रहा है। इसकी विधिवत शुरूआत सोमवार को टाउन के फोर्ट स्कूल से हुई। सर्वप्रथम सभापति गणेशराज बंसल ने ड्रोन उड़ाकर सर्वे की शुरूआत की। सर्वे का कार्य महाराष्ट्र एक कंपनी कर रही है। इस कार्य के लिए कंपनी को नगर परिषद करीब 55 लाख रुपए का भुगतान करेगी। अधिकतम 110 मीटर की ऊंचाई पर ड्रोन के जरिए शहर की तस्वीरों को कैद किया जा रहा है। इसके बाद डेटा ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। इस सर्वे से शहर की वास्तिविक स्थिति का ज्ञान होगा। खास बात यह है कि कितने क्षेत्रफल में ड्रोन से सर्वे करना है। यह जानकारी कंपनी को लेपटोप में डाउनलॉड सॉफ्टवेयर पर अपलोड करनी होगी। इसके बाद अधिकतम 110 मीटर की ऊंचाई पर जाकर उतनी ही जगह का सर्वे कर तस्वीरों को कैद करेगा। उल्लेखनीय है कि संबंधित एजेंसी शहर के सभी 60 वार्डों की इमारतों के प्रिंट को ऑनलाइन अपलॉड करेगी और घरों की ब्राउंड्री को मार्क कर नाम फीड किया जाएगा। गूगल मैप के जरिए इलाके के साथ घर-घर बाउंड्री की जानकारी आसानी मिल सकेगी। एजेंसी को 275 दिन में जोनल प्लान तैयार करना होगा। सर्वे को कराने के लिए नप ने ऑनलाइन निविदा जारी की थी। सर्वे के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान पार्षद सुमित रिणवा, पूर्व पार्षद गौरव जैन, अधिशासी अभियंता सुभाष बंसल, एटीपी सुनील कुमार, सहायक अभियंता वेदपाल गोदारा, कनिष्ठ अभियंता विनोद पचार, सत्यवीर सिंह, मेट जीवन सिंह, सफाई निरीक्षक जगदीश सिराव आदि मौजूद रहे।

इस तरह होगा सर्वे
प्रत्येक क्षेत्र की जोन सीमा का परिसीमन होगा। जोनल डवलपमेंट प्लान में लागू मास्टर प्लान की भू-उपयोग योजना को अध्यारोपित कर प्रमुख भू-उपयोग यथावत रखते हुए विभिन्न स्थलों पर एवं मौका स्थिति के कारण हुए वर्तमान भू-उपयोगो व मास्टर प्लान में दर्शित भू-उपयोगों से भिन्न हो चुके भू-उपयोगों के विश्लेषण हेतु पृथक से मानचित्र भी तैयार किया जाएगा। प्रथम चरण में जोन सीमा का परिसीमन इसमें डाटासंग्रहण मास्टर प्लान के विद्यमान भू-उपयोग तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जीआईएस प्लेटफॉर्म पर तैयार बेसमेप को काम में लेते हुए विस्तृत जोनल बेसमैप तैयार किया जाना है।दूसरे चरण में राजस्व नक्शे, सरकारी भूमि, भौगोलिक विशेषता, तीसरे चरण में तैयार किए गए बैसमेप का जमीनी सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद नक्शों का सत्यापन होगा और फिर सुझाव मांगे जाएंगे। अंत में जोनल प्लान का राज्य सरकार से अनुमोदन करवाया जाएगा।

पेयजल व विद्युत लाइन का होगा ज्ञान
इस जोनल प्लान के तहत ही भूमि की जीपीआर रिपोर्ट तैयार करने का भी प्रावधान है। जीपीआर(ग्राउंड पेनेरटी रडार) जो कि भूमि के अंदर सौ फीट की गहराई तक जानकारी ली जा सकती है। इस जीपीआर से शहर की पेयजल पाइप व विद्युत लाइन का नक्शा तैयार कर ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। भविष्य में सड़कों के निर्माण व खुदाई के दौरान पेयजल व विद्युत लाइनों का नुकसान नहीं होगा।

adrish khan Reporting
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