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राजेंद्र मोर के हाथों में गंगमूल डेयरी हनुमानगढ़ की कमान

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. श्रीगंगानगर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड हनुमानगढ़ के संचालक मंडल सदस्यों के चुनाव होने के बाद मंगलवार को गंगमूल डेयरी हनुमानगढ़ को नया चैयरमेन भी मिल गया।  
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हनुमानगढ़

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Purushotam Jha

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Updated: 13 Apr 2021, 5:25 PM IST

राजेंद्र मोर के हाथों में गंगमूल डेयरी हनुमानगढ़ की कमान

राजेंद्र मोर के हाथों में गंगमूल डेयरी हनुमानगढ़ की कमान

राजेंद्र मोर के हाथों में गंगमूल डेयरी हनुमानगढ़ की कमान
-डेयरी चैयरमेन का चुनाव संपन्न

हनुमानगढ़. श्रीगंगानगर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड हनुमानगढ़ के संचालक मंडल सदस्यों के चुनाव होने के बाद मंगलवार को गंगमूल डेयरी हनुमानगढ़ को नया चैयरमेन भी मिल गया। मंगलवार को संपन्न हुए चैयरमेन के चुनाव में राजेंद्र मोर निवासी बीझंबायला, तहसील पदमपुर, जिला श्रीगंगानगर दो वोटों से विजयी घोषित किए गए। कुल बारह संचालन मंडल सदस्यों में सात ने राजेंद्र के पक्ष में मतदान किया।
जबकि पांच सदस्यों ने उनके प्रतिद्वंदी शंकरलाल कलवानियां के पक्ष में मतदान किया। इस तरह राजेंद्र मोर दो वोटों से जीत हासिल कर चैयरमेन पद पर निर्वाचित हुए। चुनाव परिणाम घोषित करते ही राजेंद्र के समर्थकों ने रंग-गुलाल खेलकर जीत की खुशियां मनाई। इससे पूर्व निर्वाचन अधिकारी राजेश टाक, सहकारिता विभाग के उप रजिस्ट्रार दीपक कुक्कड़, डेयरी एमडी पीके गोयल आदि ने विजेता प्रत्याशी को जीत का प्रमाण पत्र सौंपा। गंगमूल डेयरी हनुमानगढ़ की बात करें तो करीब बीस हजार पशुपालक सीधे तौर पर इससे जुड़े हैं। पूरे राजस्थान में हनुमागनढ़ गंगमूल डेयरी की स्थिति उत्पादन व दूध संग्रहण में ठीक मानी जाती है। यहां निर्मित दुग्ध उत्पादों का विक्रय पड़ौसी राज्यों में भी खूब होता है।

एक ने उठाया पर्चा
गंगमूल डेयरी हनुमानगढ़ के चैयरमेन के मंगलवार को हुए चुनाव में जब नामांकन का दौर शुरू हुआ तो निर्वाचन अधिकारी के समक्ष तीन नामांकन जमा हुए। इसमें शंकरलाल कलवानियां, राजेंद्र मोर व राजेश कुमार ने अपने-अपने नामांकन जमा करवाए। कुछ देर बाद राजेश कुमार ने नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद सीधा मुकाबला राजेंद्र व शंकर के बीच हो गया।

१९८४ में यह थी स्थिति
श्रीगंगानगर जिला दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड हनुमानगढ़, गंगमूल डेयरी की स्थापना ३० जनवरी १९८४ को की गई। शुरुआती दौर में संघ ने दस संकलन केंद्रों का एक रूट बनाकर 300 लीटर प्रतिदिन के हिसाब से दुग्ध संकलन कार्य शुरू किया था। जो आज हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर जिले में करीब ५७४ क्रियाशील पंजीकृत समितियों, ५२० संकलन केंद्रों से प्रतिदिन करीब एक लाख लीटर दूध संग्रहित कर रही है।
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