फायरिंग के दौरान बंदूकों ने छुड़ाया पुलिस का पसीना

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हनुमानगढ़. अलवर जिले में थाने में घुसकर हार्डकोर अपराधी पपला को छुड़ाकर ले जाने के बाद पुलिस प्रशासन ने बड़े दावे किए थे कि हथियारों के संचालन को लेकर नियमित अभ्यास वगैरह करवाए जाएंगे। मगर जब भी फायरिंग का मौका पड़ता है पुलिस की बंदूक में कोई ना कोई पेच फंस ही जाता है। जिले के गांव पक्का ***** में शुक्रवार को इस तरह का वाकिया ही सामने आया।

फायरिंग के दौरान बंदूकों ने छुड़ाया पुलिस का पसीना
- हैड कांस्टेबल को गार्ड ऑफ ऑनर देते समय बंदूक चलाने में हुई परेशानी
- गांव पक्का ***** का वाकिया
हनुमानगढ़. अलवर जिले में थाने में घुसकर हार्डकोर अपराधी पपला को छुड़ाकर ले जाने के बाद पुलिस प्रशासन ने बड़े दावे किए थे कि हथियारों के संचालन को लेकर नियमित अभ्यास वगैरह करवाए जाएंगे। मगर जब भी फायरिंग का मौका पड़ता है पुलिस की बंदूक में कोई ना कोई पेच फंस ही जाता है। जिले के गांव पक्का ***** में शुक्रवार को इस तरह का वाकिया ही सामने आया। एसपी कार्यालय हनुमानगढ़ में कार्यरत हैड कांस्टेबल धर्मपाल पुत्र देवीलाल निवासी गांव पक्का ***** की गुरुवार रात श्रीगंगानगर के निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। उनकी ड्यूटी के दौरान तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
हैड कांस्टेबल का दाह संस्कार गांव पक्का ***** की कल्याण भूमि में किया गया। इससे पहले पुलिसकर्मियों ने उनको पुष्प अर्पित किए। गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान जब पुलिस के जवानों ने राइफलों से हवाई फायर किए तो पहले एक जवान की बंदूक जाम हो गई। साथी पुलिसकर्मी ने जाकर उसे जांचा तो थोड़ी देर की माथापच्ची के बाद उससे फायर हुआ। मगर तभी दूसरे जवान की बंदूक जाम हो गई। उसे भी मशक्कत के बाद ही चलाया जा सका। पुलिस के हथियारों की यह स्थिति देखकर वहां मौजूद ग्रामीण हैरान रह गए। मृतक हैड कांस्टेबल को श्रद्धांजलि देने के लिए सदर थाना प्रभारी लखवीर सिंह के नेतृत्व में सदर तथा गोलूवाला थाने का जाब्ता मौजूद था। गोलूवाला थाने के कार्यवाहक प्रभारी मुशे खान भी उपस्थित रहे।

adrish khan Reporting
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