...अब यहां-वहां नहीं दौड़ पाएंगी बाल वाहिनियां

अभियान : परिवहन विभाग ने शुरू किया विशेष जांच अभियान


परमिट, फिटनेस सहित तमाम तरह की होगी जांच

By: Manoj

Published: 10 Apr 2019, 10:36 PM IST

हनुमानगढ़. प्रदेश में बाल वाहिनियों के लगातार हो रहे हादसों के बाद परिवहन विभाग सचेत हुआ है। जिले में अब बाल वाहिनियां यहां-वहां नहीं दौड़ पाएंगी। जिला परिवहन विभाग ने बाल वाहिनियों को जांचने का विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत परिवहन विभाग के निरीक्षक बाल वाहिनियों के नाम पर बच्चों को ढो रहे वाहनों का परमिट, फिटनेस, चालक के कागजात, बीमा, पीयूसी और उच्चतम न्यायालय के अनुरूप बाल वाहिनी में उपलब्ध संसाधनों की जांच करेंगे। परिवहन विभाग ने जांच आरंभ कर दी है। नौ अपे्रल से आरंभ अभियान 15 अपे्रल तक चलेगा। दो दिन में परिवहन विभाग ने लगभग एक दर्जन बाल वाहिनी के चालान किए हैं।


परमिट कहीं का, चलती कहीं
परिवहन विभाग के अनुसार बाल वाहिनी का परमिट शर्तों का खास तौर पर उल्लंघन करती पाई जाती हैं। परिवहन अधिकारियों के अनुसार बाल वाहिनी को जिस क्षेत्र का परमिट जारी होता है, कई बार उससे अलग स्थलों पर भी बच्चों को लाती- ले जाती पाई गई है। अभियान में परमिट की पालना सुनिश्चित की जाएगी और उल्लंघन पाए जाने पर परमिट रद्द करने और वाहन को सीज करने तक की कार्यवाही की जाएगी।


परिवहन निरीक्षकों
को आदेश
जिला परिवहन अधिकारी ने आदेश जारी कर परिवहन निरीक्षकों को नौ से 15 अपे्रल तक विशेश अभियान चला कर बाल वाहिनियों को जांचने के आदेश दिए हैं। आदेश में सर्वोच्च न्यायालय की गाईड लाइन के अनुरूप वाहनों की जांच करने के लिए कहा गया है और प्रतिदिन अभियान की सम्पूर्ण रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। आदेशों में कहा गया है कि बाल वाहिनी के रूप में अपंजीकृत वाहन यदि स्कूली बच्चों को लाते- ले जाते पाए जाएं तो उसे तत्काल सीज किया जाए।


जिला शिक्षा अधिकारी को लिखा पत्र
जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) ने जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक एवं प्रारंभिक) को भी पत्र लिखा है। पत्र में लिखा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार बाल वाहिनी को लेकर गाइड लाइन बनी हुई है। इसकी पालना सुनिश्चित करवाने के लिए निजी शिक्षण संस्थाओं के संचालकों को पाबंद किया जाए। डीटीओ ने पत्र की प्रतियां जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को भी पे्रषित की हैं।
कैसी हो बाल वाहिनी
सुप्रीम कोर्ट की गाईड लाइन के अनुसार बाल वाहिनी का रंग पीला होना चाहिए। उसका पंजीयन परिवहन विभाग में बाल वाहिनी के रूप में होना चाहिए। बाल वाहिनी में चालक और परिचालक वर्दी में होने चाहिए। बाल वाहिनी के दोनों तरफ सुरक्षा जाली अथवा पाइप होनी चाहिए। बाल वाहिनी में पानी, फस्ट एड बॉक्स की व्यवस्था होनी चाहिए। बाल वाहिनी में बच्चों के लिए केयर टेकर होना चाहिए। बाल वाहिनी पर चालक अथवा परिचालक के नम्बर सहित संस्था संचालक के नम्बर होने चाहिए। बाल वाहिनी चालक के पास वाहन के तमाम कागजात मौजूद होने चाहिए।


बच्चों के भविष्य जुड़ा सवाल
& बाल वाहिनी सामान्य वाहन नहीं है। यह बच्चों के भविष्य से जुड़ा हुआ प्रश्र है। बाल वाहिनी को लेकर अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है, क्यों कि इसमें नन्हें मुन्ने बच्चे सफर करते हैं। बाल वाहिनी की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसमें हर तरह की जांच की जाएगी। संचालकों के साथ बाल वाहिनी को लेकर बातचीत के लिए बैठक भी रखी गई है ताकि उन्हें नियमों की जानकारी दी जा सके और उनकी परेशानियों को भी समझा जा सके।
देवानंद, जिला परिवहन अधिकारी, हनुमानगढ़।

Manoj Bureau Incharge
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned