8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

विकास कार्यों का भुगतान दिलाने के एवज में घूस लेते हनुमानगढ़ पंचायत समिति का एईएन गिरफ्तार

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. ग्राम पंचायत क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों का भुगतान कराने के एवज में 40 हजार रुपए की घूस लेते एईएन को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। एसीबी हनुमानगढ़ की टीम ने एईएन को टाउन स्थित पंचायत समिति कार्यालय में रंगे हाथ दबोचा। आरोपी मूलत: जिले की नोहर तहसील का निवासी है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

हनुमानगढ़

•

image

Adrish Khan

•

Updated: 22 Oct 2020, 4:53 PM IST

विकास कार्यों का भुगतान दिलाने के एवज में घूस लेते हनुमानगढ़ पंचायत समिति का एईएन गिरफ्तार

विकास कार्यों का भुगतान दिलाने के एवज में घूस लेते हनुमानगढ़ पंचायत समिति का एईएन गिरफ्तार

विकास कार्यों का भुगतान दिलाने के एवज में घूस लेते हनुमानगढ़ पंचायत समिति का एईएन गिरफ्तार
- पूर्व सरपंच से 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा
- हनुमानगढ़ टाउन पंचायत समिति कार्यालय में एसीबी की कार्रवाई
हनुमानगढ़. ग्राम पंचायत क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों का भुगतान कराने के एवज में 40 हजार रुपए की घूस लेते एईएन को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। एसीबी हनुमानगढ़ की टीम ने एईएन को टाउन स्थित पंचायत समिति कार्यालय में रंगे हाथ दबोचा। आरोपी मूलत: जिले की नोहर तहसील का निवासी है। एसीबी की टीम उसके बैंक खातों आदि की पड़ताल में जुटी हुई है। उसे शुक्रवार को एसीबी कोर्ट श्रीगंगानगर में पेश किया जाएगा।
एसीबी हनुमानगढ़ के एएसपी गणेशनाथ सिद्ध ने बताया कि 30 एसएसडब्ल्यू ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच दयाराम पुत्र चुन्नीलाल निवासी 26 एसएसडब्ल्यू ने लिखित में शिकायत दी थी। इसमें बताया कि परिवादी ने अपने सरपंच कार्यकाल के दौरान ग्राम पंचायत में विकास कार्य कराए थे। इसका करीब 80 लाख रुपए का भुगतान अटका हुआ था। इसका भुगतान कराने तथा एमबी बुक पर हस्ताक्षर करने के लिए एईएन राजेन्द्र कुमार शीला (53) पुत्र हरी सिंह निवासी सेक्टर पांच, नोहर, जिला हनुमानगढ़ ने 80 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। एसीबी ने सत्यापन कराया तो शिकायत सही पाई गई। सत्यापन के दौरान ही आरोपी ने बतौर घूस 20 हजार रुपए परिवादी से लिए। शेष राशि में से गुरुवार को 40 हजार रुपए देना तय किया गया। इसके बाद एसीबी ने सीआई सुभाषचंद्र के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया। परिवादी दयाराम को 40 हजार रुपए देकर पंचायत समिति में एईएन के पास भेजा गया। जैसे ही एईएन ने राशि ली तो एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया।
मिस्टर दस प्रतिशत
ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों आदि के बिल पास कराने के लिए घूस मांगने की शिकायतें कई बार सुनी गई। मगर कभी रंगे हाथ कोई दबोचा नहीं गया। ठेकेदारों आदि से हर कार्य में बतौर घूस प्रतिशत तय है। इस मामले में आरोपी ने कुल राशि का अकेले ही दस प्रतिशत हिस्सा बतौर रिश्वत मांगा।