किसानों की महा पंचायत में राहुल गांधी से काफी दूर दिखे पायलट, मंच का नजारा बदला हुआ आया नजर

कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी व सीएम अशोक गहलोत सहित अन्य ने किसान महापंचायत को किया संबोधित, मंच पर लगी खाट टूटने की रही चर्चा

 

By: Purushottam Jha

Updated: 13 Feb 2021, 08:07 AM IST

हनुमानगढ़. किसान आंदोलन को आवाज देने के लिए कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को हनुमानगढ़ जिले की पीलीबंगा तहसील पहुंचे। यहां उन्होंने किसान महा पंचायत को संबोधित किया। इस दौरान तैयार मंच की भी चर्चा रही। पीलीबंगा में तैयार मंच पर सोफे की जगह खाट लगाई गई थी। निर्धारित समय से करीब डेढ घंटे की देरी से शुरू हुई सभा में राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार हम दो, हमारे दो की तर्ज पर काम कर रही है। जबकि कांग्रेस ने हमेशा देश की ४० प्रतिशत आबादी को बचाने का प्रयास किया है।

केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए तीनों कृषि बिलों के बारे में जानकारी देकर राहुल गांधी ने कहा कि इससे देश के किसान व मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे। नए कृषि बिल से खेती व किसानी बर्बाद हो जाएगी। किसानों की फसल चंद जमाखोरों के हाथ चली जाएगी। देश की सीमा पर चीन की बढ़ रही सरगर्मी को लेकर राहुल ने कहा कि मोदी सरकार का चीन पर बस चल नहीं रहा। इसलिए फ्रिंगर थ्री-फोर के बीच की जमीन चीन को देने को तैयार हो गई है। जबकि देश के किसानों के रास्ते में मोदी सरकार कील चुभो रही है।

पीलीबंगा में किसान पंचायत के दौरान मंच पर जब राहुल गांधी व सीएम अशोक गहलोत पहुंचे तो सभी ने उनका अभिवादन किया। पीलीबंगा से कांग्रेस नेता विनोद गोठवाल ने सचिन पायलट व अशोक गहलोत दोनों को माला भेंट की। इस बार मंच का नजारा पहले की सभाओं से अलग नजर आ रहा था। मंच के हिसाब से बात करें तो राहुल गांधी और सचिन पायलट के बीच काफी दूरी रही। राहुल के बगल में सीएम अशोक गहलोत बैठे थे। जबकि दूसरी तरफ प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा, राजस्थान प्रभारी अजय माकन थे।

मंच पर माकन के पास ही सचिन पायलट को स्थान दिया गया था। इस दौरान माकन और पायलट में कई मुद्दों पर चर्चा भी हुई। इसी दौरान अचानक खाट टूटने पर इसके अलग-अलग मायने तलाशे जाने लगे। पायलट व गहलोत में आपसी खींचतान का प्रकरण सामने आने से पहले राजस्थान में राहुल के अगल-बगल में गहलोत व पायलट दोनों नजर आते थे। लेकिन इस बार पहले की तुलना में पायलट अलग-थलग नजर आ रहे थे। पीलीबंगा में किसान महा पंचायत में तो पायलट को बोलने का मौका भी नहीं दिया गया। जबकि गोलूवाला में जब राहुल कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे, उस समय भी पायलट अपने समर्थकों के साथ सेल्फी खींचवाते ही नजर आए।

वहीं पीलीबंगा में हुई सभा में राहुल गांधी मोदी सरकार पर जमकर बरसे। किसानों के साथ वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए राहुल ने कहा कि जब तक मोदी सरकार तीनों कृषि कानून को वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इससे पूर्व निर्धारित समय से करीब डेढ़ घंटे की देरी से राहुल गांधी सभा स्थल पहुंचे। उनके पहुंचने से पहले सीएम अशोक गहलोत मंच पर चढ़े। कुछ ही देर में मंच पर लगी एक खाट टूटने पर तत्काल उसे बदल दिया गया। इस खाट पर कांग्र्रेस के राजस्थान प्रभारी अजय माकन व पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट बैठे हुए थे। सभा में खाट टूटने की खूब चर्चा रही। राहुल गांधी के संबोधन से पहले सीएम अशोक गहलोत ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए हर मोर्चे पर केंद्र सरकार को विफल बताया। गहलोत ने हनुमानगढ़ जिले की नहरी समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि मैंने पंजाब जाकर इन समस्याओं पर चर्चा की है। नहरों में प्रदूषित पानी की समस्या का हल निकाला है। साथ ही पानी चोरी की घटना रोककर टेल तक किसानों को पानी भी पहुंचाया है।

गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार संवेदनहीन हो रही है। आंदोलन में किसान मर रहे हैं लेकिन सरकार उनके लिए अलग-अलग अल्फाज का इस्तेमाल कर रही है। जो पीएम को शोभा नहीं देता। गहलोत ने कहा कि यूपीए सरकार पर मोदी आरोप लगाते हैं। यह वही यूपीए सरकार है, जिसने मनरेगा शुरू की। इसके कारण मजदूर व गरीब बचा हुआ है। किसान महापंचायत में प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा, प्रवक्ता मोहन प्रकाश, जिला प्रभारी जिया उर रहमान, प्रभारी मंत्री बीडी कल्ला, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी, रघुवीर सिंह मीणा, पूर्व सांसद भरतराम मेघवाल, नोहर विधायक अमित चाचाण, पूर्व उप जिला प्रमुख शबनम गोदारा, पीलीबंगा से कांग्रेस नेता विनोद गोठवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र दादरी, पूर्व जिला उपाध्यक्ष तरुण विजय, सभापति गणेशराज बंसल, उप सभापति अनिल खीचड़, भूपेंद्र चौधरी, पूर्व प्रधान दयाराम जाखड़, गंगाजल मील, गुरदीप चहल, रिछपाल सिंह मान आदि मौजूद रहे। वहीं काले झंडे दिखाने का प्रयास करने पर कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक उन्हें ऐसा नहीं करने को लेकर पाबंद किया।

चोट पर चोट मार रहे मोदी
पीलीबंगा में सभा के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी देश की जनता पर चोट पर चोट मारते आ रहे हैं। पहला चोट उन्होंने नोटबंदी करके मारा था। इसमें मोदी ने गरीबों के घर से धन बाहर निकाल दिया। बाद में कोरोना काल में लॉकडाउन कर दिया। इसमें मोदी देश के गरीब आदमी को बस व ट्रेन की टिकट भी नहीं दे सके। जबकि अमीरों का करोड़ों का कर्जा माफ कर दिया। अब कृषि बिल के जरिए खेती व किसानों को बर्बाद करने की चाल चल रहे हैं। इसे कांग्रेस किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।

संसद में दो मिनट का मौन भी नहीं रखा
पीलीबंगा के बाद गोलूवाला में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मैंने संसद में किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों की आत्मिक शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। विपक्ष के लोगों ने दो मिनट का मौन भी नहीं रखा। इससे पता चलता है कि किसानों के प्रति उनकी क्या सोच है। इससे पहले पीलीबंगा में सभा के दौरान काग्रेस नेताओं ने कहा कि जब-जब किसान बोला है, सिंहासन डोला है। कुछ वक्ताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह को भी याद किया।

पता नहीं किसानों से क्या तकलीफ है मोदी को
पीलीबंगा में किसान पंचायत के दौरान सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार ने गेहूं खरीद पर बोनस दिया था। लेकिन केंद्र सरकार ने बोनस पर भी रोक लगा दिया। पता नहीं किसानों से केंद्र सरकार को क्या तकलीफ हो रही है। गहलोत ने कहा कि देश राहुल गांधी की तरफ देख रहा है। वहीं राहुल गांधी ने कहा कि 200 किसान शहीद हो गए हैं, फिर भी मोदी कृषि बिल को सही बता रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान का सबसे बड़ा कारोबार कृषि है। इसे केंद्र सरकार नहीं समझ रही है। चंद लोगों के हितों के लिए केंद्र सरकार देश की बड़ी आबादी को खत्म करने की योजना लेकर आई है। राहुल ने कहा कि मोदी किसानों व मजदूरों की शक्ति को नहीं समझ पा रहे। अब मोदी को यह दोनों शक्ति दिखाने जा रहे हैं।

Congress
Purushottam Jha Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned