हत्या के आरोपित हरवीर व भीम सात दिन के पुलिस रिमांड पर

-वहां से दोनों आरोपितों को साथ लेकर हत्या की जगह का मौका निरीक्षण किया।

By: pawan uppal

Published: 16 May 2018, 12:30 PM IST

रावतसर.

करीब 17 बरस पुराने प्रेम कालीरावण हत्या मामले में गिरफ्तार आरोपित पार्षद हरवीर सहारण व भीम बेनीवाल को एसओजी ने मंगलवार सुबह यहां न्यायालय में पेश किया। एसओजी ने न्यायालय से 10 दिन का रिमांड मांगा। कोर्ट ने सात दिनों का रिमांड मंजूर किया। इसके बाद एसओजी टीम दोनों आरोपितों को स्थानीय पुलिस थाने ले गई। वहां से दोनों आरोपितों को साथ लेकर हत्या की जगह का मौका निरीक्षण किया।


देर शाम तक स्थानीय पुलिस थाने में एसओजी टीम की कार्यवाही जारी रही। नगर पालिकाध्यक्ष के पति व पार्षद होने के कारण आरोपित हरवीर सहारण तथा भीम बेनीवाल की कोर्ट परिसर में पेशी के समय खासी भीड़ मौजूद रही। ऐसे में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस जाब्ता न्यायालय परिसर में तैनात रहा। इसके बाद भी दिन भर पुलिस थाने के आसपास पुलिस बल तैनात रहा।


स्वीकारा हत्या करना
जनवरी 2017 में सरदारशहर थाने में 45 लाख रुपए की लूट मामले में पुलिस ने प्रेम कालीरावण की हत्या में आरोपित वजीर खां को गिरफ्तार किया था। तब प्रेम की हत्या का मामला भी खुल गया। उसने पूछताछ में 17 साल पहले रावतसर में हुई हत्या का राज उगल दिया। वजीर ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2001 में आरोपित अपने गांव पोहड़का में था। दोपहर को रावतसर से वर्तमान निर्दलीय पार्षद हरवीर जाट व भीम बेनीवाल कमांडर जीप लेकर आए।

जीप पोहड़का निवासी पप्पू मेघवाल चला रहा था। यह लोग वजीर खां को जीप में बैठाकर अपने साथ पोहड़का की नर्सरी में ले गए। यहां भीम बेनीवाल व हरवीर जाट ने जीप से एक बोरी उतारी। उसमें कालीरावण की लाश थी। सबने मिलकर लाश को मिट्टी में दबा दिया। बाद में आरोपी उसे पोहड़का छोड़ कर चले गए। दूसरे दिन शाम करीब चार बजे भीम बेनीवाल, वर्तमान पार्षद हरवीर जाट, जीतू मेघवाल व मांगीलाल तारग आए। आरोपितों ने लाश को निकाला तथा करीब दो-तीन किलोमीटर दूर ले जाकर जला दिया।


क्या है मामला
उल्लेखनीय है कि इस संबंध में मृतक प्रेम कालीरावण की माता नोरा देवी ने वर्ष 2003 में रावतसर पुलिस थाने में हत्या का मामला दर्ज करवाया था। 9 नवम्बर 2001 को प्रेम कालीरावण गायब हो गया था। इसलिए पूर्व में स्थानीय थाने में प्रेम के भाई राजाराम ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। इसके कुछ समय बाद जब हत्या का पता चलने पर वर्ष 2003 में नोरा देवी ने हरवीर जाट, पप्पू पुत्र नन्दराम, वजीर खां पुत्र हाजी व भीम बेनीवाल पुत्र चानणराम के खिलाफ धारा 302, 201 में मामला दर्ज कराया।

पुलिस ने साक्ष्य के अभाव में एफआर लगा दी। इसके बाद चार बार फाइल को रिओपन किया गया। लेकिन हर बार पुलिस ने एफआर लगा दी। इसके बाद परिजनों ने एसओजी से जांच करवाने की मांग की। इस पर जांच एसओजी को सौंप दी गई। एसओजी की टीम दोनों आरोपितों को 13 मई को रावतसर से गिरफ्तार कर जयपुर ले गई।

Show More
pawan uppal
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned