scriptJumaatul Vida prayer in Hanumangarh | जुमातुल विदा की नमाज अदा, शब भर इबादत | Patrika News

जुमातुल विदा की नमाज अदा, शब भर इबादत

हनुमानगढ़. माहे रमजान के आखिरी जुम्मे पर मस्जिदों में जुमातुल विदा की नमाज अदा की गई। इसके साथ ही शुक्रवार को रमजान का आखिरी असरा भी समाप्ति की ओर पहुंच गया।

हनुमानगढ़

Published: April 29, 2022 10:08:28 pm

जुमातुल विदा की नमाज अदा, शब भर इबादत
- लैलतुल कद्र पर रात भर लगाई रब की बारगाह में हाजिरी
- चांद दिखने पर मंगलवार को हो सकती है ईद-उल-फितर
हनुमानगढ़. माहे रमजान के आखिरी जुम्मे पर मस्जिदों में जुमातुल विदा की नमाज अदा की गई। इसके साथ ही शुक्रवार को रमजान का आखिरी असरा भी समाप्ति की ओर पहुंच गया। रमजान के आखिरी हिस्स के समापन पर ईद होगी। रमजान का यह आखिरी हिस्सा जहन्नुम से निजात का जरिया माना गया है। रमजान के तीस रोजों को तीन हिस्सों में बांटा गया है। यदि इस बार पूरे तीस रोजे हुए तो फिर मंगलवार को ईद-उल-फितर का पर्व मनाया जाएगा। अगर 29 रोजे हुए और रविवार को चांद दिख गया तो सोमवार को ईद हो सकती है। वैसे इस बार पूरे तीस रोजे होने की संभावना जताई जा रही है।
जुमातुल विदा की नमाज के लिए मस्जिदों में अकीदतमंद उमड़े। ऐसे में नमाज पढऩे के लिए अतिरिक्त सफें बनाकर दरियां वगैरह बिछानी पड़ी। खुतबे में इमामों ने रोजे रखने व नमाज कायम करने को कहा। साथ ही माहे रमजान का महत्व, कुरआन की तिलावत, जकात व फितरा अदा करने आदि के बारे में बताया। इससे पहले गुरुवार रात शब-ए-कद्र मनाते हुए रात भर रब की बारगाह में अकीदतमंदों ने हाजिरी लगाई। नफ्ल, कुरआन की तिलावत, तस्बीह आदि के जरिए अल्लाह को राजी करने में जुटे रहे। इस्लाम में शब-ए-कद्र का खास मर्तबा है। इसे लैलतुल कद्र भी कहा जाता है। उलमा के अनुसार रमजान की आखिरी दस रातों में एक खास रात यह होती है। इस रात सारी दुआएं और तौबा कुबूल होती हैं। बंदों पर अल्लाह की रहमत बरसती है। रमजान की 21, 23, 25, 27 या 29वीं रात में से एक शब-ए-कद्र हो सकती है। मगर 27वीं रात को ज्यादा तरजीह दी जाती है। ईद की नमाज से पहले फितरा अदा करना जरूरी होता है जो हर मुसलमान पर वाजिब है। फितरा घर के हर सदस्य के हिसाब से दो किलो से अधिक गेहूं या इसके बराबर पैसे गरीबों को दिए जाते हैं। अगर इसे अदा नहीं किया जाए तो ईद की नमाज कुबूल नहीं होती। वहीं जकात भी अकीदतमंद रमजान के महीने में ही अदा करते हैं। निर्धारित मात्रा में सोना-चांदी या फिर संपत्ति होने पर जकात अदा करना अनिवार्य है। सौ रुपए में से ढाई रुपए जकात देनी होती है।
जुमातुल विदा की नमाज अदा, शब भर इबादत
जुमातुल विदा की नमाज अदा, शब भर इबादत

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

मौसम अलर्ट: जल्द दस्तक देगा मानसून, राजस्थान के 7 जिलों में होगी बारिशइन 4 राशियों के लोग होते हैं सबसे ज्यादा बुद्धिमान, देखें क्या आपकी राशि भी है इसमें शामिलस्कूलों में तीन दिन की छुट्टी, जानिये क्यों बंद रहेंगे स्कूल, जारी हो गया आदेश1 जुलाई से बदल जाएगा इंदौरी खान-पान का तरीका, जानिये क्यों हो रहा है ये बड़ा बदलावNumerology: इस मूलांक वालों के पास धन की नहीं होती कमी, स्वभाव से होते हैं थोड़े घमंडीबुध जल्द अपनी स्वराशि मिथुन में करेंगे प्रवेश, जानें किन राशि वालों का होगा भाग्योदयमोदी सरकार ने एलपीजी गैस सिलेण्डर पर दिया चुपके से तगड़ा झटकाजयपुर में रात 8 बजते ही घर में आ जाते है 40-50 सांप, कमरे में दुबक जाता है परिवार

बड़ी खबरें

Bypoll results 2022 LIVE: आंध्र प्रदेश के आत्मकुर से YSRCP के मेकापति विक्रम रेड्डी जीते, यूपी की दोनों सीटों पर सपा पीछेMaharashtra Political Crisis: गुवाहाटी से ही रणनीति बनाने में जुटे बागी विधायक, दिल्ली पहुंच सकते हैं बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीसMaharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र के सियासी संग्राम में अब उद्धव की पत्नी रश्मि ठाकरे की हुई एंट्री, बागी विधायकों की पत्नियों से फोन पर की बातसिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद, फिर से सामने आया कनाडाई (पंजाबी) गिरोहबिहार ड्रग इंस्पेक्टर के घर पर छापेमारी, 4 करोड़ कैश और 38 लाख के गहने बरामदAzamgarh Rampur By Election Result : रामपुर और आजमगढ़ में भाजपा और सपा के बीच कड़ा मुकाबला35 साल बाद कोई तेज गेंदबाज करेगा भारतीय टीम का नेतृत्व, एक साल के अंदर बदले 7 कप्तानमेरे पास ममता बनर्जी को मनाने की ताकत नहीं: अमित शाह
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.