कोरोना में लुढ़़का बाजार, फेस्टिव सीजन से उम्मीद


हनुमानगढ़. गत दो वर्षों से कोरोना के कारण बाजार सुस्त है। व्यापारियों को आने वाले त्यौहारी सीजन में बाजार में ग्राहकी बढऩे की उम्मीद है।

By: adrish khan

Published: 11 Sep 2021, 10:17 PM IST

कोरोना में लुढ़़का बाजार, फेस्टिव सीजन से उम्मीद
- ऑनलाइन खरीदारी करने की बजाए स्थानीय दुकानों से करें खरीदे तो सुधरेंगे हालात
हनुमानगढ़. गत दो वर्षों से कोरोना के कारण बाजार सुस्त है। व्यापारियों को आने वाले त्यौहारी सीजन में बाजार में ग्राहकी बढऩे की उम्मीद है। कोरोना काल में विवाह सामारोह में सीमित लोगों की अनुमति होने के कारण बाजार में व्यापार ठंडा ही रहा। लेकिन दीपावली में और विवाह समारोह के दौरान बाजार पटरी पर दौड़ सकता है। इसी उम्मीद के साथ कपड़े के व्यापारियों ने स्टॉक रखने की तैयारी में हैं। वहीं इलेक्ट्रोनिक्स से जुड़े व्यापारियों को भी त्यौहारी सीजन से काफी उम्मीदें हैं। इन्होंने भी हीटर व गीजर का स्टॉक करने की रूप-रेखा तैयार करने में जुटे हैं। फेस्टिव सीजन में कॉस्मेटिक्स की दुकानों पर भी बिक्री बढ़ेगी। वहीं व्यापारी संगठनों की माने तो कोरोना के कारण लुड़के बाजार को ऊपर उठाने के लिए स्थानीय लोगों को स्थानीय बाजार से खरीदारी करनी चाहिए। ऑनलाइन साइटस पर ऑफर देकर ग्राहकों को एक बार के लिए आकर्षित किया जाता है। शिपिंग चार्ज, क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करने पर ब्याज व जीएसटी भी अलग से वसूली जाती है। जबकि जीएसटी सामग्री के एमआरपी में शामिल होती है। इसका कोई आंकलन नहीं करता। प्रोडक्ट पसंद नहीं आने पर रिटर्न करना व वापस आर्डर देने पर दस से पंद्रह दिन का समय लगता है। ऐसे में ग्राहकों को मानसिक परेशानी होती है। कोरोना में डूबे बाजार को गुलजार लाने के लिए ऑनलाइन खरीद की बजाए, स्थानीय बाजारों से खरीदारी करनी चाहिए ताकि प्रत्येक व्यापारी व उसके परिवार के सदस्य इस फेस्टिव सीजन का लुत्फ उठा सकें।

बाजार से नहीं छीने 'लक्ष्मीÓ
करवा चौथ व दीपावली आते ही ऑनलाइन उत्पाद बेचने वाली कंपनियां बाजार में बिकने वाले सामान से कम दाम पर अपने प्रोडक्ट बेचे का प्रयास करेंगी। इस कारण हर वर्ग, विशेषकर युवा वर्ग का ध्यान ऑनलाइन खरीदारी की ओर अधिक रहता है। जानकारों की माने तो कोरोना महामारी के कारण आमदिनों की तुलना में बाजार करीब 50 प्रतिशत तक रह गया है। ऐसे में लोगों को एक पहल करते हुए संकल्प लेना चाहिए कि वे अपने शहर, गांव, मोहल्ले में खरीदारी करें और ऑनलाइन खरीदारी करके बाजार से लक्ष्मी छीनने का काम नहीं करें।

तीसरी लहर नहीं आई तो बढ़ेगी ग्राहकी
कोरोना की तीसरी लहर नहीं आई तो बाजार में ग्राहकी बढ़ेगी। इस बार सर्दियों के कपड़े भी काफी हद तक बिकने की उम्मीद है। व्यापारियों ने सर्दियों के कपड़े खरीदने के लिए अभी से आर्डर देना शुरू कर दिया है।
विक्की, भठेजा, व्यापारी

ऑनलाइन को कहना होगा ना
बाजार को सुधारने के लिए स्थानीय लोगों को सहयोग करना होगा। सबसे पहले फेस्टिव सीजन में ऑनलाइन बाजार को ना कहना होगा। दो साल से कोरोना और ऑनलाइन शॉपिंग के कारण बाजार दिन प्रतिदिन लुढ़का जा रहा है। फेस्टिव सीजन पर स्थानीय बाजारों से लोग खरीदारी करें तो सुधार होगा।
सौरभ बुलंदी, व्यापारी
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adrish khan Reporting
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