जिला कारागृह में अब 36 बंदी भूख हड़ताल पर

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हनुमानगढ़. बंदियों की आपसी मारपीट तथा उनको नियंत्रित करने के लिए किए गए बल प्रयोग के विरोध में जिला कारागृह में अनशन पर बैठे बंदियों में से अधिकांश ने सोमवार रात तथा मंगलवार सुबह भोजन ग्रहण कर लिया। जबकि सोमवार सुबह तथा इससे पहले से जेल के पौने चार सौ में से करीब ढाई सौ बंदी भूख हड़ताल पर थे।

By: adrish khan

Published: 12 May 2020, 10:18 PM IST

जिला कारागृह में अब 36 बंदी भूख हड़ताल पर
- एडीएम अशोक असीजा से वार्ता के बाद भी नहीं माने बंदी
- बल प्रयोग मामले में कार्रवाई की कर रहे मांग
हनुमानगढ़. बंदियों की आपसी मारपीट तथा उनको नियंत्रित करने के लिए किए गए बल प्रयोग के विरोध में जिला कारागृह में अनशन पर बैठे बंदियों में से अधिकांश ने सोमवार रात तथा मंगलवार सुबह भोजन ग्रहण कर लिया। जबकि सोमवार सुबह तथा इससे पहले से जेल के पौने चार सौ में से करीब ढाई सौ बंदी भूख हड़ताल पर थे। सोमवार रात बीकानेर से आए जेल विभाग के अधिकारियों तथा तहसीलदार सत्यनारायण सुथार ने बंदियों की समझाइश की। इसके बाद सभी बंदियों ने भोजन ले लिया। मगर वार्ड चार के 36 बंदियों ने भोजन तो ले लिया। बाद में खाना खाने से इनकार करते हुए भूख हड़ताल जारी रखी। उनका अनशन मंगलवार सुबह भी जारी रहा। इसके बाद शाम को एडीएम अशोक असीजा तथा पुलिस के अन्य अधिकारी जिला कारागृह पहुंचे। भूख हड़ताल कर रहे बंदियों से वार्ता की। एडीएम ने अशोक असीजा ने बताया कि सभी 36 बंदियों से बातचीत की। उनको भोजन के लिए मनाया। मगर वे माने नहीं। बंदी की मांग है कि जिला कलक्टर से उनकी वार्ता कराई जाए। इसके बाद ही भूख हड़ताल को लेकर निर्णय करेंगे।
क्या है मामला
गौरतलब है कि जिला कारागृह में नौ मई की देर रात कुछ बंदी आपस में बंदी भिड़ गए थे। जेल प्रशासन ने उनको नियंत्रित करने के लिए पहले समझाइश की। जब वे नहीं माने तो हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। बंदियों की आपसी मारपीट व जेल प्रशासन के हल्के बल प्रयोग से कई बंदी जख्मी हो गए। मारपीट में जख्मी 13 बंदियों का जिला अस्पताल में मेडिकल मुआयना कराया गया। बंदियों के हाथ व पैर तथा शरीर के अन्य हिस्सों पर डंडों आदि की चोटों के निशान मिले। बंदियों की ओर से भूख हड़ताल शुरू करने की सूचना पर दस मई की रात को प्रशासनिक अधिकारियों ने भी एडीएम के नेतृत्व में जिला कारागृह पहुंच बंदियों से समझाइश की थी। अधिकारियों ने बंदियों को निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया था। लेकिन करीब 135 बंदियों को छोड़कर अन्य ने भूख हड़ताल जारी रखी। उधर, इस संबंध में जंक्शन पुलिस थाने में बंदी व जेल के मुख्य प्रहरी की ओर से अलग-अलग मामले दर्ज कराए गए थे। इसमें टीवी चैनल बदलने, दरी को लेकर, मोबाइल फोन की शिकायत करने तथा जेल में नशा मिलना बंद हो जाना आदि कारण सामने आए।

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