नोहर सीएचसी से अब चिकित्सा निदेशालय ने एमएस गायनी को लगाया जिला अस्पताल में

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हनुमानगढ़. जिला अस्पताल में बंद पड़े सीजेरियन प्रसव अब फिर से हो सकेंगे। इसके लिए चिकित्सा विभाग ने एमएस गायनी डॉ. संगीता बरोड़ को नोहर सीएचसी से कार्य व्यवस्था के तहत जिला चिकित्सालय में नियुक्त कर दिया है। इस संबंध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एवं पंचायती राज (चिकित्सा) विभाग के शासन उप सचिव संजय कुमार ने शुक्रवार को आदेश जारी किया।

By: adrish khan

Published: 07 Mar 2020, 11:56 AM IST

नोहर सीएचसी से अब चिकित्सा निदेशालय ने एमएस गायनी को लगाया जिला अस्पताल में
- पहले संयुक्त निदेशक के आदेश पर लगाया गया था कार्य व्यवस्था के तहत
- अब नहीं चलेगी राजनीति, जिला मुख्यालय पर ही रहेगी आगामी आदेश तक नियुक्ति
हनुमानगढ़. जिला अस्पताल में बंद पड़े सीजेरियन प्रसव अब फिर से हो सकेंगे। इसके लिए चिकित्सा विभाग ने एमएस गायनी डॉ. संगीता बरोड़ को नोहर सीएचसी से कार्य व्यवस्था के तहत जिला चिकित्सालय में नियुक्त कर दिया है। इस संबंध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एवं पंचायती राज (चिकित्सा) विभाग के शासन उप सचिव संजय कुमार ने शुक्रवार को आदेश जारी किया। अभी जिला अस्पताल की मातृ-शिशु यूनिट में सीजेरियन प्रसव नहीं कराए जा रहे। क्योंकि अस्पताल में एक भी एमएस गायनी कार्यरत नहीं है। इस कारण सीजेरियन प्रसव बंद है। जबकि महिला चिकित्सक भी केवल एक ही है। एमसीएच यूनिट की ओपीडी में एक ही चिकित्सक के भरोसे गर्भवती के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। यूनिट में प्रतिदिन डेढ़ सौ के करीब गर्भवती को चिकित्सक परामर्श देते हैं। लेकिन इन दिनों यूनिट में एक ही चिकित्सक होने पर परामर्श लेने के लिए घंटों कतार में लगना पड़ता है। एक भी एमएस गायनी नहीं होने के कारण गर्भवती की सर्जरी नहीं हो पा रही है। साधारण प्रसव के दौरान भी चिकित्सक नहीं होने से नर्सिंग कर्मियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा था।


नहीं चलेगी अब राजनीति
जिला अस्पताल में प्रसव की संख्या व रेफर केस की अधिकता के चलते व्यवस्था बनाए रखने के लिए नोहर से एमएस गायनी डॉ. संगीता बरोड़ को चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक के आदेश पर जिला अस्पताल में कार्य व्यवस्था के तहत लगाया गया था। मगर इसको लेकर बाद में राजनीति हो गई। नोहर विधायक अमित चाचाण की मांग पर करीब 25 दिन पहले संयुक्त निदेशक के आदेश निरस्त कर डॉ. संगीता बरोड़ को पुन: नोहर सीएचसी लगा दिया गया था। तब से जिला अस्पताल में सीजेरियन प्रसव बंद थे। क्योंकि दूसरी एमएस गायनी डॉ. सीमा खीचड़ मेटरनिटी लीव चली गई थी। तब से जिला अस्पताल में एक भी एमएस गायनी नहीं है। जबकि एक माह में 180 से अधिक सिजेरियन करने का रिकार्ड है। लेकिन एक भी एमएस गायनी नहीं होने से व्यवस्था पूरी तरह ठप है। गर्भवती व उनके परिजनों को मजबूरन परामर्श व सर्जरी के लिए निजी अस्पताल में जाना पड़ रहा है।

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