अब उदयपुर मुख्यालय में आईटी एक्सपर्ट की टीम खंगालेगी पिछले वर्ष का रिकार्ड

अब उदयपुर मुख्यालय में आईटी एक्सपर्ट की टीम खंगालेगी पिछले वर्ष का रिकार्ड
अब उदयपुर मुख्यालय में आईटी एक्सपर्ट की टीम खंगालेगी पिछले वर्ष का रिकार्ड

Anurag Thareja | Updated: 09 Oct 2019, 12:01:49 PM (IST) Hanumangarh, Hanumangarh, Rajasthan, India

अब उदयपुर मुख्यालय में आईटी एक्सपर्ट की टीम खंगालेगी पिछले वर्ष का रिकार्ड
- अनियमितता की पुष्टि होने पर कईयों पर गिर सकती है गाज

अब उदयपुर मुख्यालय में आईटी एक्सपर्ट की टीम खंगालेगी पिछले वर्ष का रिकार्ड
- अनियमितता की पुष्टि होने पर कईयों पर गिर सकती है गाज
- वित्तीय वर्ष 2019-20 की जांच पूरी, टीम दस्तावेजों के साथ उदयपुर के लिए आज होगी रवाना।
प्लस फोटो.. प्लस ईपीएस
हनुमानगढ़. जिला आबकारी कार्यालय में चालू वर्ष में हुए एक करोड़ के गबन मामले की जांच पूरी हो चुकी है। उदयपुर मुख्यालय से गठित पांच सदस्य टीम ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में यानि की एक अप्रेल 2019 से 30 सितंबर 2019 तक के सभी दस्तावेजों की जांच कर ली है। लेकिन आबकारी मुख्यालय के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अब पिछले वित्तीय वर्ष 2018-19 में शराब की हुई खरीद व बिक्री के दस्तावेजों को आईटी एक्सपर्ट की टीम विभागीय मुख्यालय उदयपुर में खंगालेगी। बताया जा रहा है कि गत वर्ष दस्तावेजों को जांचने के दौरान किसी तरह की अनियमितता होने पर आगे कईयों पर गाज गिर सकती है। एक अप्रेल 2019 व 30 सितंबर 2019 तक मदिरा खरीदने के लिए जारी किए गए परमिट में करीब 96 लाख का गबन होना सामने आया है। इसमें से करीब 6 लाख 320 रुपए की रिकवरी नहीं हो पाई है। इस वित्तीय वर्ष के दस्तावेंजों के साथ जांच दल बुधवार को उदयपुर मुख्यालय के लिए रवाना होगा। आबकारी विभाग मुख्यालय के वित्तीय सलाहकार गिरीश कछारा के अनुसार जांच दल की ओर से रिपार्ट सबमिट होने पर मंथन किया जाएगा। इस डिटेल रिपोर्ट के आधार पर जो भी मिलीभगत सामने आती है। उसी के आधार पर ठोस कार्रवाई होगी और जरूरत पढऩे पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। गौरतलब है कि जिला आबकारी कार्यालय में मदिरा के नाम पर एक बैंक की फर्जी मुहर लगाकर करीब एक करोड़ के घोटाला होने की उदयपुर मुख्यालय टीम ने जांच की है। मामला बड़ा होने के कारण इस प्रकरण पर आबकारी विभाग के उच्चाधिकारी भी नजर रखे हुए हैं। इसके चलते शनिवार को अवकाश के दिन बीकानेर की विभागीय टीम हनुमानगढ़ कार्यालय में दस्तावेज खंगाल चुकी है। अब रविवार से उदयपुर मुख्यालय की टीम दस्तावेज खंगाल रही थी। यह जांच मंगलवार शाम को पूरी हो चुकी है।

कब से हो रहा था गबन, अब होगी इसकी जांच
करीब एक करोड़ गबन की जांच करने के बाद उच्चाधिकारी गत वर्ष का भी रिकार्ड खंगालेंगे। क्योंकि यह गबन कब से शुरू हुआ है, इसकी बारे में अभी तक तय नहीं हो पाया है। इसकी पुष्टि करने के लिए इस जांच को करने के लिए उदयपुर आबकारी विभाग के मुख्यालय के आईटी एक्सपर्ट की मदद ली जाएगी। इसमें गत वित्तीय वर्ष में हनुमानगढ़ जिले में शराब की खरीद के लिए कितने परमिट कुल जारी हुए और ई-ग्रास पर कितने अपलोड हुए। इससे लाइसेंसधारियों की ओर से उठाई गई शराब के लेन-देन के रिकार्ड की भी जांच हो जाएगी।


जांच दल में यह शामिल
आबकारी विभाग मुख्यालय के वित्तीय सलाहकार गिरीश कछारा की ओर से गठित टीम में लेखाधिकारी मुख्यालय मोहम्मद कुरबान अली, सहायक लेखाधिकारी मुख्यालय राजेश सोलंकी, सहायक प्रशासनिक अधिकारी मुख्यालय अनिल जैन, सहायक लेखाधिकारी अतिरिक्त आयुक्त जोन बीकानेर कार्यालय श्रवण कुमार हटीला, कनिष्ठ लेखाकार अतिरिक्त आयुक्त बीकानेर जोन कार्यालय धीरेंद्र सिंह शामिल हैं।


संबंधित के खिलाफ होगी कार्रवाई
वित्तीय वर्ष 2019-20 की जांच हो चुकी है। जांच दल की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट पर मंथन के बाद बैंक की फर्जी मुहर के इस्तेमाल होने के साथ-साथ जो भी मामले में संदिग्ध पाया गया है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। इसके अलावा शराब की गत वित्तीय वर्ष में हुई खरीब-ब्रिकी की जांच के लिए आईटी एक्सपर्ट की मदद ली जाएगी।
गिरीश कछारा, वित्तीय सलाहकार, आबकारी विभाग, उदयपुर

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned